{"_id":"6a2489c9e8daef69fc0bdbf5","slug":"rigging-in-liquor-contractsgames-from-change-of-location-to-contract-agra-news-c-25-1-agr1035-1078284-2026-06-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"नई आबकारी नीति में लगा दी सेंध: ई-लॉटरी से आवंटित हुईं जो दुकानें, उनकी बदली जगह; हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नई आबकारी नीति में लगा दी सेंध: ई-लॉटरी से आवंटित हुईं जो दुकानें, उनकी बदली जगह; हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला
Sun, 07 Jun 2026 12:22 PM IST
आगरा ब्यूरो
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Sun, 07 Jun 2026 12:22 PM IST
सार
आगरा में नई आबकारी नीति के तहत ई-लॉटरी से शराब दुकानों के आवंटन में धांधली और नियम उल्लंघन के आरोप सामने आए हैं। कुछ दुकानों को तय स्थान से हटाकर दूसरी जगह संचालित करने और फर्जी दस्तावेजों से अनुबंध कराने का मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया है।
विज्ञापन
शराब की कंपोजिट दुकान
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
नई आबकारी नीति में भी सेंध लग गई। ई-लॉटरी से शराब दुकानों के आवंटन में धांधली सामने आई है। प्रताप नगर के लिए आवंटित दुकान आलोक नगर में खुल गई और ईदगाह बस स्टैंड के सामने संपत्ति मालिक की जगह किराएदार से ठेकेदार और आबकारी अधिकारियों ने अनुबंध करा लिया। नियमों का ताक पर रखकर हुए ठेकों के आवंटन पर निरस्तीकरण की तलवार लटक गई है।
नई आबकारी नीति के तहत पहली बार विदेशी शराब और बीयर की दुकानों को मिलाकर कंपोजिट दुकान की व्यवस्था की गई है, जिससे उपभोक्ता को एक ही जगह से सभी उत्पाद मिल सकें। इसके अलावा धार्मिक स्थल, शैक्षणिक संस्थान और राष्ट्रीय राजमार्गों से दुकानों की दूरी 500 मीटर तय की गई। इस नीति के तहत 652 शराब, बीयर, भांग की दुकानों का आवंटन किया गया, लेकिन इसमें खेल हो गया।
जयपुर हाउस निवासी विजय कुलश्रेष्ठ ने बताया कि प्रताप नगर-1 व 2 पर आवंटित दुकानों को मिलीभगत से आलोक नगर में खोल दिया गया। जिलाधिकारी को भी आबकारी अधिकारी ने गुमराह किया। उन्होंने तहसील दिवस, जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तक शिकायत की। कहीं सुनवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट में गुहार लगाई। जहां आबकारी विभाग की पोल खुल गई। आबकारी अधिकारी को हलफनामा दायर करना पड़ा कि गलत स्थान पर संचालित दुकानों को हटाया जाएगा।
विज्ञापन
वहीं, दूसरा मामला ईदगाह बस स्टैंड के सामने स्थित कंपोजिट दुकान का है। दुकान के मालिक पदमचंद ने बताया कि उनके किराएदार ने आबकारी निरीक्षक और ठेका संचालक के साथ मिलकर फर्जी किराएनामा का अनुबंध बनाकर कंपोजिट दुकान का आवंटन करा लिया। पीड़ित ने जिलाधिकारी मनीष बंसल से कूटरचित दस्तावेज से ठेका आवंटन कराने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की। डीएम के आदेश पर मजिस्ट्रेट जांच में प्रथम दृष्ट्या आरोप सही मिले हैं। ऐसे में ठेके पर भी निलंबन की तलवार लटक गई है।
हटाई जाएंगी गलत दुकानें
जिला आबकारी अधिकारी केपी सिंह ने बताया कि प्रताप नगर के पते पर दूसरी जगह संचालित शराब दुकानों को हटाया जाएगा। ईदगाह बस स्टैंड के सामने शराब ठेका के प्रकरण में मजिस्ट्रेट ने जांच की है। ठेका संचालक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। - ,
मांगा जाएगा स्पष्टीकरण
जिलाधिकारी मनीष बंसल का कहना है कि आबकारी विभाग ने आवंटन में लापरवाही बरती है तो अधिकारी के विरुद्ध जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। शासन को कार्रवाई के लिए पत्र भी लिखेंगे। - ,
विज्ञापन
नई आबकारी नीति के तहत पहली बार विदेशी शराब और बीयर की दुकानों को मिलाकर कंपोजिट दुकान की व्यवस्था की गई है, जिससे उपभोक्ता को एक ही जगह से सभी उत्पाद मिल सकें। इसके अलावा धार्मिक स्थल, शैक्षणिक संस्थान और राष्ट्रीय राजमार्गों से दुकानों की दूरी 500 मीटर तय की गई। इस नीति के तहत 652 शराब, बीयर, भांग की दुकानों का आवंटन किया गया, लेकिन इसमें खेल हो गया।
विज्ञापन
जयपुर हाउस निवासी विजय कुलश्रेष्ठ ने बताया कि प्रताप नगर-1 व 2 पर आवंटित दुकानों को मिलीभगत से आलोक नगर में खोल दिया गया। जिलाधिकारी को भी आबकारी अधिकारी ने गुमराह किया। उन्होंने तहसील दिवस, जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तक शिकायत की। कहीं सुनवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट में गुहार लगाई। जहां आबकारी विभाग की पोल खुल गई। आबकारी अधिकारी को हलफनामा दायर करना पड़ा कि गलत स्थान पर संचालित दुकानों को हटाया जाएगा।
विज्ञापन
वहीं, दूसरा मामला ईदगाह बस स्टैंड के सामने स्थित कंपोजिट दुकान का है। दुकान के मालिक पदमचंद ने बताया कि उनके किराएदार ने आबकारी निरीक्षक और ठेका संचालक के साथ मिलकर फर्जी किराएनामा का अनुबंध बनाकर कंपोजिट दुकान का आवंटन करा लिया। पीड़ित ने जिलाधिकारी मनीष बंसल से कूटरचित दस्तावेज से ठेका आवंटन कराने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की। डीएम के आदेश पर मजिस्ट्रेट जांच में प्रथम दृष्ट्या आरोप सही मिले हैं। ऐसे में ठेके पर भी निलंबन की तलवार लटक गई है।
हटाई जाएंगी गलत दुकानें
जिला आबकारी अधिकारी केपी सिंह ने बताया कि प्रताप नगर के पते पर दूसरी जगह संचालित शराब दुकानों को हटाया जाएगा। ईदगाह बस स्टैंड के सामने शराब ठेका के प्रकरण में मजिस्ट्रेट ने जांच की है। ठेका संचालक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। - ,
मांगा जाएगा स्पष्टीकरण
जिलाधिकारी मनीष बंसल का कहना है कि आबकारी विभाग ने आवंटन में लापरवाही बरती है तो अधिकारी के विरुद्ध जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। शासन को कार्रवाई के लिए पत्र भी लिखेंगे। - ,