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100 दिन बाद भी कूड़ा उठाने पर स्कैनिंग की व्यवस्था ठप

Fri, 16 Jul 2021 01:57 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 16 Jul 2021 01:57 AM IST
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RFID Tag Fail in tajnagri
आगरा। नगर निगम ने अप्रैल में ताजमहल के दो किमी दायरे में सफाई और डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए लॉयन सर्विसेज को जिम्मेदारी सौंपी थी। 100 दिन बीतने के बाद भी ताज के पास से कूड़ा उठाने पर घर के बाहर लगेे आरएफआईडी टैग स्कैन नहीं किये जा रहे हैं। ना ही घर से सूखा और गीला कचरा अलग-अलग लिया जा रहा है। तीन करोड़ रुपये खर्च कर घरों के बाहर रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन टैग लगाए गए थे, लेकिन नई कंपनी भी केवल दो किमी दायरे के घरों, दुकानों पर स्कैनिंग नहीं कर पा रही। नगर निगम ने मॉडल पेश करने के लिए ताजगंज की सफाई के लिए जिम्मेदारी दी थी, लेकिन व्यवस्था ही ठप हो गई।
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यह थी व्यवस्था
घरों के बाहर स्मार्ट सिटी ने आरएफआईडी टैग लगाए हैं, जिन्हें स्मार्ट स्कैनरों से स्कैन करने पर स्मार्ट सिटी के इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर पर यह दर्ज हो जाता कि घर से कूड़ा उठा लिया गया है। इसी के साथ जिस घर से कचरा उठाया जाएगा, वहां स्कैनिंग के साथ ही घर के मालिक के मोबाइल नंबर पर मैसेज पहुंचता कि कचरा उठ गया। इसके आधे से ज्यादा स्कैनर एक महीने बाद ही खराब हो गए थे, जिन्हें दोबारा नई कंपनी को सौंपा गया, लेकिन वह भी 100 दिनों में व्यवस्था लागू कर मॉडल पेश नहीं कर सकी।
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कचरा अलग नहीं ले रहे
शुरूआत में धुलाई, सफाई ठीक हुई, लेकिन अब तो कचरा उठाने भी नहीं आते। शिल्पग्राम, ताजनगरी, ताजगंज की गलियों में सफाई अब अच्छी नहीं रही। कचरा अलग नहीं ले रहे और टैग स्कैन भी नहीं करते। - ताहिरुद्दीन ताहिर, निवासी ताजगंज
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सफाई व्यवस्था में आई गिरावट
घर से रोज तो कचरा नहीं उठाया जा रहा। दो महीने से सफाई में गिरावट आई है। कंपनी के कर्मचारी भी अब नगर निगम की तरह से व्यवहार करने लगे हैं। ताज के पास ही कचरा और नालियों की सफाई ठीक नहीं है। - मो. रिजवान, ताज पूर्वी गेट
18 करोड़ रुपये फूंके, फायदा कोई नहीं
स्मार्ट सिटी ने 3 करोड़ रुपये के आरएफआईडी टैग लगाए थे, जो बेकार हो गए। जनता के पैसे को बर्बाद कर अपनी जेबें भरी जा रही हैं। 18 करोड़ रुपये में चिप, जीपीएस के नाम पर फूंक दिए, पर कोई फायदा नहीं हुआ। - शिरोमणि सिंह, पार्षद
कर्मचारियों की ट्रेनिंग के बाद शुरू होगी स्कैनिंग
ताजमहल के पास सफाई व्यवस्था के लिए कंपनी को गंभीरता से काम करने को कहा है। उन्हें स्कैनर दे दिए गए हैं। कर्मचारियों को ट्रेनिंग के बाद स्कैनिंग का काम शुरू हो जाएगा। ताज के पास मॉडल के रूप में यह काम किया जाना है। उसके बाद पूरे शहर में व्यवस्था शुरू करेंगे। - निखिल टी फुंडे, नगर आयुक्त

मंदिरों के पास कूड़ा जमा, घरों का कचरा नालों में
खंदारी जैसे पॉश क्षेत्रों में कचरा सड़क पर बिखरा है। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था शहरभर में ठप है। लक्ष्मी नारायन मंदिर, खंदारी के बाहर कचरा तीन दिन से नहीं उठाया, वहीं गढ़ी भदौरिया में कॉलोनी की सड़क ही कचरे से बंद कर दी गई। भरतपुर हाउस के पास आरबीएस कॉलेज मोड़ पर और बालाजीपुरम ए ब्लॉक रोड पर कचरे के ढेर बिखरे हैं। डोर-टू-डोर कूड़ा न उठने के कारण शांतिपुरम में नाले में कचरा भरा है। फव्वारा के पास कम्मू टोला में नाले के चोक होने जाने का कारण कचरा है, जिसकी सफाई नहीं हुई। अब नाला चोक होने से बीते दिनों हुई बारिश में पानी घरों में घुस गया। आशीष शर्मा ने अपर नगर आयुक्त केबी सिंह से नाला सफाई की मांग की, जबकि यही अपर नगर आयुक्त 25 जून तक सभी नालों की तलीझाड़ सफाई की रिपोर्ट दे चुके हैं।
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