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बलिदान दिवस पर मई गांव में लगेगा क्रांतिकारी गेंदालाल दीक्षित का शिलालेख
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बाह। चंबल में क्रांति की अलख जगाने वाले मैनपुरी षड़यंत्र कांड के नायक गेंदालाल दीक्षित का पहला शिलालेख उनके जन्मस्थल मई गांव में बलिदान दिवस 21 दिसंबर को लगाया जाएगा। इसी दिन सरकार से गेंदालाल दीक्षित को लेकर की गई मांगों को पूरा करने के लिए क्रांतिकारियों के इतिहास पर काम करने वाले समाजसेवी शाह आलम भूख हड़ताल भी करेंगे।
रविवार को गेंदालाल दीक्षित के खंडहर पर रुद्राक्ष का पौधा रोपकर शंकरदेव तिवारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बलिदान की शताब्दी पर उनके खंडहर में चबूतरे का निर्माण और शिलालेख लगेगा। जिससे उनके क्रांति के इतिहास को आने वाली पीढ़ियां जान सकें। शाह आलम ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में क्रांति योद्धाओं की कीर्ति रक्षा के लिए भूख हड़ताल शुरू होगी। इस दौरान मदन मोहन दीक्षित, अशोक दीक्षित, पवन दीक्षित, राम सिंह आजाद, बबलू भारती, मुकुल तिवारी, ब्रजेश शास्त्री, ब्रजेंद्र पाराशर आदि मौजूद रहे।
- गेंदालाल दीक्षित के जन्म स्थान मई गांव तक पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए।
- मई गांव में जमीदोज हो चुके उनके घर को राष्ट्रीय स्मारक बनाया जाए।
- आजादी के इस महानायक के बलिदान शताब्दी वर्ष पर डाक टिकट जारी किया जाए।
- डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा में परास्नाक स्तर पर सर्वोच्च अंक पाने वाले विद्यार्थी को प्रतिवर्ष पं. गेंदालाल दीक्षित स्वर्ण पदक प्रदान किया जाए।
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- उनके जन्म स्थान मई गांव को पर्यटन मानचित्र से जोड़ा जाए।
- क्रांतिकारियों के गुरू के नाम से विख्यात महान क्रांतिकारी गेंदालाल दीक्षित का गौरवशाली इतिहास पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए।
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रविवार को गेंदालाल दीक्षित के खंडहर पर रुद्राक्ष का पौधा रोपकर शंकरदेव तिवारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बलिदान की शताब्दी पर उनके खंडहर में चबूतरे का निर्माण और शिलालेख लगेगा। जिससे उनके क्रांति के इतिहास को आने वाली पीढ़ियां जान सकें। शाह आलम ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में क्रांति योद्धाओं की कीर्ति रक्षा के लिए भूख हड़ताल शुरू होगी। इस दौरान मदन मोहन दीक्षित, अशोक दीक्षित, पवन दीक्षित, राम सिंह आजाद, बबलू भारती, मुकुल तिवारी, ब्रजेश शास्त्री, ब्रजेंद्र पाराशर आदि मौजूद रहे।
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- गेंदालाल दीक्षित के जन्म स्थान मई गांव तक पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए।
- मई गांव में जमीदोज हो चुके उनके घर को राष्ट्रीय स्मारक बनाया जाए।
- आजादी के इस महानायक के बलिदान शताब्दी वर्ष पर डाक टिकट जारी किया जाए।
- डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा में परास्नाक स्तर पर सर्वोच्च अंक पाने वाले विद्यार्थी को प्रतिवर्ष पं. गेंदालाल दीक्षित स्वर्ण पदक प्रदान किया जाए।
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- उनके जन्म स्थान मई गांव को पर्यटन मानचित्र से जोड़ा जाए।
- क्रांतिकारियों के गुरू के नाम से विख्यात महान क्रांतिकारी गेंदालाल दीक्षित का गौरवशाली इतिहास पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए।