{"_id":"5e4cd20c8ebc3ef26e65fae6","slug":"results-of-students-trapped-in-b-ed-2013-session-of-dr-bhimrao-ambedkar-university","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हजारों छात्र-छात्राओं का भविष्य संकट में, विश्वविद्यालय में बीएड-2013 सत्र का परिणाम फंसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हजारों छात्र-छात्राओं का भविष्य संकट में, विश्वविद्यालय में बीएड-2013 सत्र का परिणाम फंसा
Wed, 19 Feb 2020 11:44 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 19 Feb 2020 11:44 AM IST
सार
बीएड-2013 के 5.5 हजार छात्रों का परिणाम फंसा
विज्ञापन
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के बीएड वर्ष 2013 का संशोधित परिणाम भी अभी तक सभी छात्रों को नहीं मिल पाया है। करीब 5.5 हजार छात्र-छात्राओं की कापियां फंसी हुई हैं। परीक्षकों के इन पर हस्ताक्षर होने हैं। छात्र-छात्राएं परेशान हैं। इनका भविष्य संकट में हैं। नौकरी के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।
बीएड वर्ष- 2013 की 6674 कापियों में छेड़छाड़ या कटिंग हैं। शिक्षक इन पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि करीब 2000 कापियों पर शिक्षकों ने हस्ताक्षर कर दिए हैं। इन्हें जारी करने की स्थिति बन गई है। बाकी कापियों की जांच के लिए परीक्षकों को बुलाया जा रहा है। हालांकि शिक्षक फंसने के डर से कापियों की जांच के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन को शिक्षकों को तैयार करने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। पूर्व में छह शिक्षकों ने कमेटी से इस्तीफा भी दे दिया था।
18,000 छात्रों का परिणाम तैयार, दी जा रही डिग्री
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बीएड वर्ष 2013 के 18000 छात्र-छात्राओं का परिणाम तैयार कर लिया है। कुलसचिव का कहना है कि जिनका रिजल्ट बन गया है। इनका सत्यापन भी किया जाने लगा है। जो अभ्यर्थी स्थायी डिग्री मांग रहे हैं, उन्हें डिग्री प्रदान की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीएड वर्ष- 2013 की 6674 कापियों में छेड़छाड़ या कटिंग हैं। शिक्षक इन पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि करीब 2000 कापियों पर शिक्षकों ने हस्ताक्षर कर दिए हैं। इन्हें जारी करने की स्थिति बन गई है। बाकी कापियों की जांच के लिए परीक्षकों को बुलाया जा रहा है। हालांकि शिक्षक फंसने के डर से कापियों की जांच के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन को शिक्षकों को तैयार करने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। पूर्व में छह शिक्षकों ने कमेटी से इस्तीफा भी दे दिया था।
विज्ञापन
18,000 छात्रों का परिणाम तैयार, दी जा रही डिग्री
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बीएड वर्ष 2013 के 18000 छात्र-छात्राओं का परिणाम तैयार कर लिया है। कुलसचिव का कहना है कि जिनका रिजल्ट बन गया है। इनका सत्यापन भी किया जाने लगा है। जो अभ्यर्थी स्थायी डिग्री मांग रहे हैं, उन्हें डिग्री प्रदान की जा रही है।
विज्ञापन
32 दिन धरना दिया था छात्रों ने
बीएड वर्ष 2012 और वर्ष 2013 का परिणाम और डिग्री जारी करने के लिए छात्र-छात्राओं ने वर्ष 2019 में फरवरी व मार्च माह में 32 दिनों तक विश्वविद्यालय के पालीवाल पार्क परिसर में धरना दिया था। तब छात्रों को प्रोविजनल डिग्री जारी की गई थी।
लंबित कापियों का निस्तारण पर काम चल रहा है
‘बीएड वर्ष 2012 का पूरा रिजल्ट जारी किया जा चुका है। वर्ष 2013 का भी 18000 छात्रों का रिजल्ट जारी कर दिया। जिन छात्रों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन आ रहा है, उनका सत्यापन भी किया जा रहा है। 6674 कापियां रह गई हैं, इनका भी निस्तारण कराया जा रहा है।’ - डॉ. राजीव कुमार, प्रभारी कुलसचिव व परीक्षा नियंत्रक
दोषी पर नहीं हुई कार्रवाई
जिसके चलते अभी तक परिणाम लटका है, उन दोषियों के खिलाफ विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया। कापियों में अंक काटकर बढ़ाए गए थे। फोइल और चार्ट में छेड़छाड़ की गई थी। चार्ट तक गायब कर दिया गया था।
बीएड वर्ष 2012 और वर्ष 2013 का परिणाम और डिग्री जारी करने के लिए छात्र-छात्राओं ने वर्ष 2019 में फरवरी व मार्च माह में 32 दिनों तक विश्वविद्यालय के पालीवाल पार्क परिसर में धरना दिया था। तब छात्रों को प्रोविजनल डिग्री जारी की गई थी।
लंबित कापियों का निस्तारण पर काम चल रहा है
‘बीएड वर्ष 2012 का पूरा रिजल्ट जारी किया जा चुका है। वर्ष 2013 का भी 18000 छात्रों का रिजल्ट जारी कर दिया। जिन छात्रों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन आ रहा है, उनका सत्यापन भी किया जा रहा है। 6674 कापियां रह गई हैं, इनका भी निस्तारण कराया जा रहा है।’ - डॉ. राजीव कुमार, प्रभारी कुलसचिव व परीक्षा नियंत्रक
दोषी पर नहीं हुई कार्रवाई
जिसके चलते अभी तक परिणाम लटका है, उन दोषियों के खिलाफ विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया। कापियों में अंक काटकर बढ़ाए गए थे। फोइल और चार्ट में छेड़छाड़ की गई थी। चार्ट तक गायब कर दिया गया था।