फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Residents of Uttarakhand in Agra celebrate Uttarakhandi Holi with pomp

Holi: गांव छूटा, परंपरा नहीं...आगरा में भी दिखती है उत्तराखंडी होली की झलक

Thu, 02 Mar 2023 08:56 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Thu, 02 Mar 2023 08:56 AM IST
सार

आगरा में रहने वाले उत्तराखंडी लोग बड़े ही धूमधाम से उत्तराखंडी होली मनाते हैं। उनकी कहना है कि गांव छूटा ै लेकिन हम परंपरा नहीं छोड़ेंगे। वह ढोल, मंजीरों के साथ टोलियां बनाकर निकलते हैं। गीत गायन के साथ एक-दूसरे को बधाई देते हैं। 

विज्ञापन
Residents of Uttarakhand in Agra celebrate Uttarakhandi Holi with pomp
आगरा में दिखती है उत्तराखंडी होली की झलक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के आगरा में उत्तराखंडी होली की भी झलक दिखती है। यहां गांव छूटा है पर वहां की परंपरा नहीं छूटी। आज भी टोलियां बनाकर ढोलक, मंजीरों के साथ होली के गीत बेड़ू पाको बारो मासा... गाते हुए उत्तराखंड के लोग आगरा में होली मनाते हैं। अपने उत्तराखंड भाइयों के घर जाकर होली की बधाइयां देकर खुशियां साझा करते हैं।
विज्ञापन


उत्तराखखंड के रहने वाले अरुण नवानी ने बताया कि कई सालों से हम आगरा में ही उत्तराखंड की तरह होली मना लेते हैं। टोलियां बनाकर ढोलक के साथ राजपुरचुंगी,आवास-विकास अपने उत्तराखंडी भाइयों के घर जाकर होली की बधाइयां देते हैं। हालांकि जैसी होली हम अपने गांव में मनाते थे, वैसी शहर में नहीं मना पाते। पर, हम लोग ब्रज की होली व उत्तराखंड की होली एक साथ मना लेते हैं।
विज्ञापन

पकवान बनाकर मना लेते हैं त्योहार

अलका रावत ने बताया कि आगरा में 32 साल से परिवार के साथ रह रही हूं। एक बार भी उत्तराखंड स्थित अपने गांव नहीं जा पाई. लेकिन आगरा में हीं रह कर होली वाले दिन उत्तराखंड में बनने वाले पकवान बनाकर अपना त्योहार मना लेती हूं। मुझे याद है कि बचपन में हम बच्चे होली से एक हफ्ते पहले ही टोलियां बना कर घर-घर जाते थे और बदले में परिवार हम लोगों को कोई अनाज कोई पैसा देता था। एक हफ्ते बाद उन पैसों से प्रसाद का बना कर बांटते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

मेहल की टहनी आंगन में रखते

सुमन नवानी ने बताया कि हम लोग होली से एक हफ्ते पहले मेहल के वृक्ष की टहनी को काटकर आंगन में रखते हैं। उसको रंगीन कागजों से उसको सजाते हैं। शाम को गीत गाकर बच्चे, बड़े बूढ़े गाना गाकर परिक्रमा लगाते हैं और होली वाले दिन उसी मेहल की टहनी को ही होलिका दहन के रूप में जलाते हैं।

मीठा भात और बनाते हैं कापा

दीप्ति नवानी ने बताया कि होली पर हम लोग रोटन, अरसे, आलू गुटुक, डबके, मीठा भात, कापा आदि बनाते हैं। इसके अलावा हम लोग आगरा में होली पर बनने वाले गुझिया, पापड़ भी बनाते हैं। हम लोग उत्तराखंड और आगरा दोनों तरह की होली मनाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed