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आगरा: पुलिस के हटते ही सैमरा गांव में फिर से माहौल बिगाड़ने की कोशिश
Wed, 23 Oct 2019 12:13 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 23 Oct 2019 12:13 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
आगरा के सैमरा गांव में 17 अक्तूबर को हुए सांप्रदायिक बवाल के बाद से तैनात पुलिस रविवार को हटते ही सोमवार की शाम को धर्मस्थल की दीवार तोड़ दी गई। इससे फिर से तनाव बढ़ गया। प्रशासन ने रात में ही दीवार की मरम्मत करा दी। गांव में फिर से पुलिस तैनात कर दी गई है।
खंदौली क्षेत्र के सैमरा गांव में 17 सितंबर को छात्रा के अपहरण के बाद तोड़फोड़ और आगजनी हुई थी। सैमरा गांव के बाहर कब्रिस्तान के पास यह धर्मस्थल बना है। रात में इसमें तोड़फोड़ की सूचना मिलते ही लोग इकट्ठा हो गए। उधर, उनकी भीड़ देख गांव में भी जगह-जगह लोग जमा हो गए। इससे तनाव फैल गया।
सूचना पर सीओ एत्मादपुर अतुल कुमार सोनकर पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझाया। प्रशासन ने रात में ही टूटी दीवार की मरम्मत करा दी। सीओ का कहना है कि यह किसी की खुराफात लग रही है। हो सकता है कोई शराबी हो।
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खंदौली क्षेत्र के सैमरा गांव में 17 सितंबर को छात्रा के अपहरण के बाद तोड़फोड़ और आगजनी हुई थी। सैमरा गांव के बाहर कब्रिस्तान के पास यह धर्मस्थल बना है। रात में इसमें तोड़फोड़ की सूचना मिलते ही लोग इकट्ठा हो गए। उधर, उनकी भीड़ देख गांव में भी जगह-जगह लोग जमा हो गए। इससे तनाव फैल गया।
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सूचना पर सीओ एत्मादपुर अतुल कुमार सोनकर पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझाया। प्रशासन ने रात में ही टूटी दीवार की मरम्मत करा दी। सीओ का कहना है कि यह किसी की खुराफात लग रही है। हो सकता है कोई शराबी हो।
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'तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी'
उन्होंने कहा कि अगर इसकी तहरीर मिलती है तो केस दर्ज किया जाएगा। लोगों ने कहा कि यहां शराबी खड़े रहते हैं, रोज बोतलें और पानी के पाउच पड़े मिलते हैं, इसकी शिकायत की गई, तब कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
इस पर सीओ ने कहा कि उन्हें चिह्नित कर पकड़ा जाएगा। हालांकि मंगलवार की रात तक भी पुलिस कोई गिरफ्तारी नहीं कर पाई थी। न ही केस दर्ज किया गया था।
35 दिन में बलवाइयों को नहीं पकड़ पाई पुलिस
सैमरा गांव में 17 सितंबर को हुए बवाल में 18 नामजद आरोपियों में से एक ही पकड़ा गया। 200 अज्ञात में थे। इनकी पहचान तक नहीं की गई। एक आरोपी की गिरफ्तारी केबाद पुलिस कार्रवाई का विरोध हुआ। इसकेबाद अफसर दबाव में आ गए।
दूसरी बार फेल हुआ पुलिस का खुफिया तंत्र
पुलिस का खुफिया तंत्र 35 दिन में दूसरी बार फेल हुआ। गांव में खुराफातियों के इरादों की जानकारी नहीं मिल सकी। इससे पहले जब बवाल हुआ था, तब भी खुफिया जानकारी नहीं थी। पुलिस देर से पहुंची थी।
इस पर सीओ ने कहा कि उन्हें चिह्नित कर पकड़ा जाएगा। हालांकि मंगलवार की रात तक भी पुलिस कोई गिरफ्तारी नहीं कर पाई थी। न ही केस दर्ज किया गया था।
35 दिन में बलवाइयों को नहीं पकड़ पाई पुलिस
सैमरा गांव में 17 सितंबर को हुए बवाल में 18 नामजद आरोपियों में से एक ही पकड़ा गया। 200 अज्ञात में थे। इनकी पहचान तक नहीं की गई। एक आरोपी की गिरफ्तारी केबाद पुलिस कार्रवाई का विरोध हुआ। इसकेबाद अफसर दबाव में आ गए।
दूसरी बार फेल हुआ पुलिस का खुफिया तंत्र
पुलिस का खुफिया तंत्र 35 दिन में दूसरी बार फेल हुआ। गांव में खुराफातियों के इरादों की जानकारी नहीं मिल सकी। इससे पहले जब बवाल हुआ था, तब भी खुफिया जानकारी नहीं थी। पुलिस देर से पहुंची थी।