अमर उजाला अभियान स्वास्थ्य: धर्मगुरुओं ने लोगों को किया जागरूक, बढ़ा टीकाकरण का ग्राफ
फिरोजाबाद में कोरोना रोधी टीकाकरण को बढ़ावा देने में धर्मगुरुओं ने भी अहम भूमिका निभाई है। शुरुआती दौर में भ्रांतियों के कारण टीका लगवाने से पीछे हटे लोगों का डर दूर किया।
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फिरोजाबाद में कोरोना रोधी टीकाकरण को बढ़ावा देने में धर्मगुरुओं ने भी अहम भूमिका निभाई है। शुरुआती दौर में भ्रांतियों के कारण टीका लगवाने से पीछे हटे लोगों का डर दूर किया। पहले खुद टीकाकरण कराया फिर लोगों को वैक्सीन का महत्व बताया। इसी का परिणाम है कि जिले में 20 लाख 80 हजार 75 पहली और 15 लाख, 37 हजार 457 दूसरी डोज लगाई जा चुकी हैं।
जिले में 16 जनवरी 2021 को टीकाकरण शुरू हुआ था। पहली लहर में 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को अधिक खतरा था। ऐसे में उन्हें सुरक्षित करने की कोशिश शुरू हुई। जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से भी टीकाकरण का ग्राफ उतनी तेजी से नहीं बढ़ रहा था, जितनी उम्मीद थी। विभागीय आंकड़ों की माने तो शुरू के दो माह में महज सात हजार लोगों को ही टीकाकरण किया जा सका था। इसे देखते हुए सीएमओ ने धर्मुगुरुओं का सहयोग लिया।
धर्म गुरुओं ने फर्ज निभाया और लोगों के मन से भ्रांतियों को दूर किया। इसी का परिणाम है कि लोग जागरूक हुए हैं। 10 फरवरी 2022 को किशोरों का भी टीकाकरण शुरू हुआ। किशोर-किशोरियों के दो लाख एक हजार 936 डोज लगाई जा चुकी हैं। 14 सौ बच्चों को भी टीकाकरण किया जा चुका है।
धर्मगुरुओं ने यह कहा
गुरद्वारा गुरुसिंह सभा के ज्ञानी करनैल सिंह ने कहा कि टीकाकरण कराने के लिए काफी प्रयास किए। तब जाकर लोगों में जागरूकता आई और वैक्सीन लगवाने के लिए आगे आए। अब वह लोग अपने बच्चों का टीकाकरण भी करा रहे हैं। बुजुर्ग बूस्टर डोज भी लगवा रहे हैं।
बिहारीजी मंदिर के महंत पंडित मुन्नालाल शास्त्री ने कहा कि प्रारंभ में वैक्सीन के प्रति लोगों में कई प्रकार का भ्रम था। कोरोना महामारी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सहयोग मांगा। इसके बाद समाज की सुरक्षा के लिए लोगों को जागरूक किया गया। अब धीरे-धीरे टीकाकरण कराने वालों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है।
सेंट जोंस चर्च के फादर जोसेफ शाहजी ने कहा कि कोरोना ने हर समाज का काफी नुकसान किया है। पहले लोग टीकाकरण कराने के लिए अस्पताल जाने से ही डर रहे थे। हमने अपने स्तर से लोगों को जागरूक किया। लोग समझे भी और टीकाकरण कराने के लिए आगे आए। टीकाकरण का फायदा तीसरी लहर में देखने को मिला।,
ईदगाह कमेटी के इमाम मोहम्मद सफी कासमी ने कहा कि कोरोना के दौर को भूला नहीं जा सकता है। टीकाकरण के नाम पर लोग दूर हो जाते थे। उस दौर में स्वास्थ्य विभाग ने सहयोग मांगा तो हमने लोगों को जागरुक किया। आज भी यह क्रम चल रहा है। जिले कोई भी टीकाकरण से वंचित न रहे। लोगों से अपील है कि वे अपने बच्चों के भी टीकाकरण कराएं।