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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Recruitment Scam: STF Busts Gang Crores Duped with Fake Documents in Agra

ग्रामीण युवाओं के सपनों पर डाका: ऐसे गिरोह का खुलासा...जिसने SSC और COD में नौकरी के नाम पर ठगे करोड़ों रुपये

Fri, 05 Sep 2025 09:50 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 05 Sep 2025 09:50 AM IST
सार

आगरा में एसटीएफ ने एसएससी और सीओडी में नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरोह के सरगना सहित 5 आरोपी गिरफ्तार किए गए, जबकि दो फरार हैं। आरोपियों से बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज, एडमिट कार्ड और मुहरें बरामद हुई हैं।

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Recruitment Scam: STF Busts Gang Crores Duped with Fake Documents in Agra
पुलिस गिरफ्त में आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज

विस्तार

एसएससी और सीओडी में नाैकरी लगवाने का झांसा देकर गिरोह युवाओं से ठगी कर रहा था। ठगी करने वाले गिरोह के निशाने पर ग्रामीण क्षेत्र के युवा रहते थे। एक बार किसी के राजी होने पर रकम ली जाती थी। उनके मूल दस्तावेज भी अपने पास रख लिए जाते थे। भर्ती नहीं होने पर जब लोग अपनी रकम और दस्तावेज मांगते थे तो उन्हें धमकी दी जाती थी। कई बार गांव में आने पर मारपीट कर भगा भी दिया गया। यही नहीं थाने में शिकायत भी नहीं दर्ज होने देते थे।
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एसटीएफ ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद कई घंटे तक पूछताछ की। इसमें आरोपी धर्मवीर ने बताया कि वह काफी समय से यह काम कर रहा है। अब तक 100 से अधिक से ठगी कर चुके हैं। दस्तावेजों में हेरफेर कर भी नाैकरी लगवा देते हैं। प्रेमचंद वर्मा साॅल्वर का इंतजाम करता था। आरोपी देवेंद्र भी फर्जी दस्तावेज से असम राइफल्स में भर्ती हुआ था। जांच में पता चलने पर नाैकरी छोड़कर भाग आया था। उसके खिलाफ थाना फतेहाबाद में धोखाधड़ी सहित अन्य धारा में केस भी दर्ज है।
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अनूप, हरेश और पारस करते थे युवकों से बात
आरोपी अनूप, हरेश पाठक और पारस चाहर गांव में भर्ती की तैयारी में लगे युवकों से संपर्क करते थे। कोचिंग में भी जाते थे। युवकों को नाैकरी लगवाने का आश्वासन देते थे। इसके बाद धर्मवीर से मिलवा देते थे। बदले में तीनों आरोपियों को कमीशन के रूप में 5 से 10 हजार रुपये दिए जाते थे।

 
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आर्मी बेस वर्कशाॅप की फर्जी मुहर बरामद
देवेंद्र के पास से आर्मी बेस वर्कशाॅप की फर्जी मुहर बरामद हुई। यह उसे प्रेमचंद ने दी थी। इससे ही आरोपी कागजातों में हेरफेर करते थे। आरोपियों के मोबाइल में भी दस्तावेज मिले हैं।

 
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पहले भी पकड़ा जा चुका है गिरोह
इससे पहले भी सेना, पुलिस और रेलवे में नाैकरी का झांसा देकर ठगने वाला गिरोह पकड़ा जा चुका है। एसटीएफ के साथ ही पुलिस तक आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

 

इनकी हुई गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपियों में धर्मवीर उर्फ धर्मा गूजर (ग्राम जलालपुर, फतेहाबाद), देवेंद्र सिंह (पक्कापुरा, टडावली, फतेहाबाद), अनूप (गांव खेरा, भगाैर, मानखेड़ा, मलपुरा), हरेश पाठक (मनखेड़ा, मलपुरा) और पारस चाहर (ग्राम लाडम, अकोला, मलपुरा) हैं। वहीं दो आरोपी प्रेमचंद वर्मा (सफीपुरा, बसई मोहम्मदपुर, फिरोजाबाद) और रिंकू सिंह (पक्कापुरा, फतेहाबाद) फरार हैं। टीम उनकी तलाश में लगी है।

यह हुई बरामदगी
आरोपियों से 6 आधार कार्ड, 4 पैन कार्ड, आर्मीबेस वर्कशाॅप प्रयागराज के 4 फोटो लगे प्रवेशपत्र, हाईस्कूल की 5 मूल अंकतालिका, इंटरमीडिएट की एक अंकतालिका, 5 जाति प्रमाणपत्र, 4 मूल निवास प्रमाणपत्र, एक प्रवेशपत्र इलेक्ट्रीशियन 510 आर्मीबेस वर्कशाॅप, एक आईटीआई प्रमाणपत्र, अंकतालिका, मुहर लगा टोकन नंबर 381, एक वोटर आईडी, 2509 आर्मी बेस वर्कशाॅप आगरा की फर्जी मुहर, 6 मोबाइल और 1130 रुपये बरामद किए हैं।
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