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बीडीओ की नाक के नीचे किया गया घिरोर में रिचार्ज पिट फर्जीवाड़ा
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04एमएनपी-23-घिरोर ब्लॉक के प्राइमरी विद्यालय कठेंगरा में खोदा गया रिचार्ज पिट के लिए गड्ढा।
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। विकास खंड घिरोर की ग्राम पंचायतों में हुआ फर्जीवाड़ा खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) की नाक के नीचे हुआ। बिना कार्य कराए ही खंड विकास अधिकारी के डीएससी (डिजिटल सिग्नेचर) से निर्माण कार्यों का भुगतान भी कर दिया गया। अब जब मामला खुला है, तो खंड विकास अधिकारी अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। इससे अन्य कर्मचारियों में भी नाराजगी है।
भूगर्भ जलस्तर को बढ़ाने के लिए बनाए 73 रिचार्ज पिट के लिए भुगतान पांच माह पहले ही मनरेगा से कर लिया गया था, लेकिन इनका निर्माण नहीं कराया गया। ग्राम पंचायतों का दावा है कि उन्हें निर्माण या भुगतान के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। वहीं, बीडीओ घिरोर यदुवीर सिंह व अन्य भी पूरे मामले में खुद को पाक-साफ बता रहे हैं, लेकिन प्रक्रिया के अनुसार बीडीओ के संज्ञान के बिना ये फर्जीवाड़ा संभव ही नहीं है। दरअसल मनरेगा से भुगतान के लिए पहले ब्लॉक पर तैनात लेखाकार को अपना डीएससी लगाना होता है, इसके लिए खुद बीडीओ अपना डीएससी लगाकर भुगतान को पूर्ण करते हैं। ऐसे में जब बीडीओ ने अपने डीएससी से ही भुगतान किया है तो मामला उनके संज्ञान में न हो ये कैसे संभव है। इसके चलते पांच माह से रिचार्ज पिट निर्माण न होने पर भी मामला दबा रहा। अब अमर उजाला के खुलासे के बाद बीडीओ और लेखाकार समेत अन्य पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
ग्राम पंचायत देवी बालमपुर में रात के अंधेरे में बना रिचार्ज पिट
मैनपुरी। विकास खंड घिरोर की ग्राम पंचायत देवी बालमपुर में भी बिना रिचार्ज पिट निर्माण के ही धनराशि निकाल ली गई। अब फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर मंगलवार की रात प्राथमिक विद्यालय नगला देवी में रिचार्ज पिट का निर्माण करा दिया गया। बुधवार को सुबह जब शिक्षक विद्यालय पहुंचे तो उन्हें रिचार्ज पिट बना मिला। शिक्षक कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि रसोई के बिल्कुल बगल में रातों-रात रिचार्ज पिट बना दिया गया, जबकि यह जगह किचिन गार्डन की है। इसके साथ ही उन्होंने मानकों की अनदेखी करने की भी कही। उन्होंने बताया कि केवल रसोई की छत को ही रिचार्ज पिट से जोड़ा गया है।
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फर्जीवाड़ा चाहे किसी ने भी किया हो वह दोषी है तो कार्रवाई होगी। कुछ अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट सौंपी है तो कुछ अभी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
- विनोद कुमार, मुख्य विकास अधिकारी।
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भूगर्भ जलस्तर को बढ़ाने के लिए बनाए 73 रिचार्ज पिट के लिए भुगतान पांच माह पहले ही मनरेगा से कर लिया गया था, लेकिन इनका निर्माण नहीं कराया गया। ग्राम पंचायतों का दावा है कि उन्हें निर्माण या भुगतान के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। वहीं, बीडीओ घिरोर यदुवीर सिंह व अन्य भी पूरे मामले में खुद को पाक-साफ बता रहे हैं, लेकिन प्रक्रिया के अनुसार बीडीओ के संज्ञान के बिना ये फर्जीवाड़ा संभव ही नहीं है। दरअसल मनरेगा से भुगतान के लिए पहले ब्लॉक पर तैनात लेखाकार को अपना डीएससी लगाना होता है, इसके लिए खुद बीडीओ अपना डीएससी लगाकर भुगतान को पूर्ण करते हैं। ऐसे में जब बीडीओ ने अपने डीएससी से ही भुगतान किया है तो मामला उनके संज्ञान में न हो ये कैसे संभव है। इसके चलते पांच माह से रिचार्ज पिट निर्माण न होने पर भी मामला दबा रहा। अब अमर उजाला के खुलासे के बाद बीडीओ और लेखाकार समेत अन्य पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
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ग्राम पंचायत देवी बालमपुर में रात के अंधेरे में बना रिचार्ज पिट
मैनपुरी। विकास खंड घिरोर की ग्राम पंचायत देवी बालमपुर में भी बिना रिचार्ज पिट निर्माण के ही धनराशि निकाल ली गई। अब फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर मंगलवार की रात प्राथमिक विद्यालय नगला देवी में रिचार्ज पिट का निर्माण करा दिया गया। बुधवार को सुबह जब शिक्षक विद्यालय पहुंचे तो उन्हें रिचार्ज पिट बना मिला। शिक्षक कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि रसोई के बिल्कुल बगल में रातों-रात रिचार्ज पिट बना दिया गया, जबकि यह जगह किचिन गार्डन की है। इसके साथ ही उन्होंने मानकों की अनदेखी करने की भी कही। उन्होंने बताया कि केवल रसोई की छत को ही रिचार्ज पिट से जोड़ा गया है।
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फर्जीवाड़ा चाहे किसी ने भी किया हो वह दोषी है तो कार्रवाई होगी। कुछ अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट सौंपी है तो कुछ अभी रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
- विनोद कुमार, मुख्य विकास अधिकारी।