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UP: फर्जी लाइसेंस से शस्त्रों की खरीद-फरोख्त करने वालों की ऐसी पहुंच, शिकायतकर्ता पर ही लिख जाता था केस

Thu, 29 May 2025 09:02 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Thu, 29 May 2025 09:02 AM IST
सार

फर्जी लाइसेंस से शस्त्रों की खरीद-फरोख्त करने वालों की पहुंच भी काफी ऊंची है। क्योंकि  शिकायतकर्ता रहे विशाल भारद्वाज ने जब भी उनके खिलाफ आवाज उठाई और पुलिस के पास गए, तो उल्टा उन पर ही केस दर्ज हो गया। 

 

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reach of those who bought and sold weapons with fake licenses that case was filed against complainant itself
फर्जी शस्त्र लाइसेंस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार


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शिकायतकर्ता रहे विशाल भारद्वाज ने भी एक तहरीर थाना सिकंदरा में देकर केस दर्ज कराया है। आरोप लगाया कि 20 लाख रुपये में उनकी हत्या की सुपारी दी गई। पूर्व में तहरीर देने पर सुनवाई नहीं हुई थी। वह जब भी पुलिस अधिकारियों के पास गए, तब एक केस लिखवा दिया गया। इस बार भी न्याय की उम्मीद कम ही है।

 

विशाल भारद्वाज ने बताया कि शास्त्रीपुरम में जायदाद केंद्र के नाम से कार्यालय में जमीनों का कारोबार करने वाले भूपेंद्र सारस्वत से एक जमीन को लेकर बात की थी। इसके लिए उन्होंने उसे सात लाख रुपये दिए। रुपये लेने के बाद उसे जमीन के कागजात तक नहीं दिए गए। रुपये मांगने पर धमकी मिली।

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इस पर वो शिकायत करने एसीपी हरीपर्वत के कार्यालय गए। जांच के आदेश हो गए। इसकी जानकारी पर 1 घंटे में थाना सिकंदरा में भूपेंद्र पक्ष की शिकायत पर उसके खिलाफ ही केस दर्ज कर लिया गया। उन्होंने अपर पुलिस आयुक्त से गुहार लगाई। इस पर जांच के आदेश हुए। मगर, इस बार भी उसके खिलाफ ही शिकायत कर दी गई। भूपेंद्र पक्ष ने भी मुकदमे के आदेश करा लिए।


 
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बाद में एक ही मामले में दोनों पक्षों के केस दर्ज हुए। भूपेंद्र ने एक और केस दर्ज कराया था। इसमें भी उसे नामजद कर दिया। विशाल ने सवाल उठाया कि मुकदमे लिखने में नियम कायदे ताक पर रख दिए गए। जिन शिकायत पर जांच होनी चाहिए थी, उन पर केस दर्ज किए जाते थे। उनकी शिकायत पर कार्रवाई तक नहीं होती है।

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इस दाैरान उस पर हमले हुए। धमकी तक दी गई। फिर भी शिकायत को दबा दिया गया। अब उन्होंने हत्या की सुपारी देने का आरोप लगाया है। तहरीर पर पुलिस ने भूपेंद्र सारस्वत, अमित, जेल में निरुद्ध सोनू गाैतम और शोभित चतुर्वेदी को नामजद किया। अमित फिजियोथेरेपिस्ट है। वह भूपेंद्र का साथी है। दोनों साथ रहते हैं। विशाल में साजिश में उसकी भी संलिप्तता बताई है।


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