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Rangbhari Ekadashi 2023: रंगभरी एकादशी पर आज ब्रज में बरसेगा रंग और गुलाल, जानें क्या है तैयारी
Fri, 03 Mar 2023 07:00 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 03 Mar 2023 07:00 AM IST
सार
रंगभरी एकादशी पर आज श्रीकृष्ण जन्मस्थान, मंदिर द्वारिकाधीश, प्राचीन केशवदेव सहित प्रमुख मंदिरों में होली का भव्य आयोजन होगा। इसे देखते हुए जिला पुलिस और नगर निगम प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।
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होली की धूम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
फाल्गुन माह की एकादशी यानी रंगभरी एकादशी पर भगवान विष्णु के अलावा शिव-पार्वती की भी खास पूजा का विधान है। वहीं इस दिन मथुरा-वृंदावन के प्रमुख मंदिरों में रंग और गुलाल की बरसात होगी। श्रीकृष्ण जन्मस्थान और द्वारिकाधीश मंदिर में लठामार होली होगी, जबकि प्राचीन केशवदेव मंदिर में शोभायात्रा निकलेगी। प्रमुख मंदिरों में होली के आयोजन को देखते हुए जिला पुलिस और नगर निगम प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।
ब्रज के मंदिरों में होली का आयोजन बसंत पंचमी से निरंतर हो रहा है। कहीं गुलाल उड़ाया जा रहा है तो कहीं ठाकुरजी भक्तों के साथ पिचकारी मारकर होली खेल रहे हैं। होली के रसिया गायन की परंपरा धूमधाम के साथ निभाई जा रही है। इस दृष्टि से रंगभरनी एकादशी खास है। इस दिन शुक्रवार को अधिकांश मंदिरों में होली का आयोजन भव्यता पूर्वक किया जाएगा।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान संस्थान के सचिव कपिल शर्मा व सदस्य गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर लठामार होली होगी। इसमें रावल के हुरियारे और हुरियारिन होली खेलेंगे, जबकि विभिन्न सांस्कृतिक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। पहली बार यह आयोजन पांच दिवसीय होगा। इसमें उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की सहभागिता रहेगी।
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द्वारिकाधीश मंदिर में राजाधिराज कुंज में विराजमान होकर भक्तों के साथ होली खेलेंगे। यह आयोजन राजभोग के दर्शन प्रात: 10 से 11 बजे तक होगा। प्राचीन केशवदेव मंदिर में हुरंगा और शोभायात्रा निकाली जाएगी।
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ब्रज के मंदिरों में होली का आयोजन बसंत पंचमी से निरंतर हो रहा है। कहीं गुलाल उड़ाया जा रहा है तो कहीं ठाकुरजी भक्तों के साथ पिचकारी मारकर होली खेल रहे हैं। होली के रसिया गायन की परंपरा धूमधाम के साथ निभाई जा रही है। इस दृष्टि से रंगभरनी एकादशी खास है। इस दिन शुक्रवार को अधिकांश मंदिरों में होली का आयोजन भव्यता पूर्वक किया जाएगा।
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान संस्थान के सचिव कपिल शर्मा व सदस्य गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर लठामार होली होगी। इसमें रावल के हुरियारे और हुरियारिन होली खेलेंगे, जबकि विभिन्न सांस्कृतिक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। पहली बार यह आयोजन पांच दिवसीय होगा। इसमें उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की सहभागिता रहेगी।
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द्वारिकाधीश मंदिर में राजाधिराज कुंज में विराजमान होकर भक्तों के साथ होली खेलेंगे। यह आयोजन राजभोग के दर्शन प्रात: 10 से 11 बजे तक होगा। प्राचीन केशवदेव मंदिर में हुरंगा और शोभायात्रा निकाली जाएगी।