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वृंदावन में नहीं निकली भगवान श्री गोदा रंगमन्नार की रथयात्रा, पौने दो साल में दूसरी बार हुआ ऐसा
Thu, 19 Mar 2020 08:29 PM IST
आगरा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 19 Mar 2020 08:29 PM IST
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श्री गोदारंगमन्नार की रथयात्रा (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
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कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखत हुए वृंदावन के श्री रंगनाथजी मंदिर की परंपरागत रथयात्रा भी नहीं निकल सकी। मंदिर से भगवान को रथ में बैठाया गया लेकिन रथ को खींचा नहीं गया। इसके बाद पुन: भगवान मंदिर में ही चले गए।
ब्रह्मोत्सव के सातवें दिन बुधवार को भगवान श्री गोदा रंगमन्नार ने 60 फीट ऊंचे रथ पर सवार होकर दर्शन दिए लेकिन रथ को खींचा नहीं गया। ऐसा कोरोना वायरस के चलते प्रशासन का सहयोग करने के लिए रंगनाथ मंदिर ट्रस्ट ने निर्णय लिया।
पौने दो सौ साल श्री रंगनाथजी मंदिर की परंपरागत रथयात्रा दूसरी बार नहीं निकल सकी। बताया जाता है कि वर्ष 2013 में तेज बारिश के कारण भी रथयात्रा का आयोजन नहीं हो सका था। मंदिर ट्रस्ट द्वारा बड़ी आतिशबाजी भी स्थगित कर दी गई है। सभी ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए प्रार्थना की।
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ब्रह्मोत्सव के सातवें दिन बुधवार को भगवान श्री गोदा रंगमन्नार ने 60 फीट ऊंचे रथ पर सवार होकर दर्शन दिए लेकिन रथ को खींचा नहीं गया। ऐसा कोरोना वायरस के चलते प्रशासन का सहयोग करने के लिए रंगनाथ मंदिर ट्रस्ट ने निर्णय लिया।
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पौने दो सौ साल श्री रंगनाथजी मंदिर की परंपरागत रथयात्रा दूसरी बार नहीं निकल सकी। बताया जाता है कि वर्ष 2013 में तेज बारिश के कारण भी रथयात्रा का आयोजन नहीं हो सका था। मंदिर ट्रस्ट द्वारा बड़ी आतिशबाजी भी स्थगित कर दी गई है। सभी ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए प्रार्थना की।
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बुधवार की सुबह गोधूलि बेला में श्री रंगनाथ मंदिर के महंत श्रीश्री 1008 श्री गोवर्धन रंगाचार्य जी, मंदिर की सीईओ अनघा श्रीनिवासन के सानिध्य में पुरोहित पंडित विजय किशोर मिश्र, गोविंद किशोर मिश्र ने पूजन-अर्चन किया।
श्री रंगजी मंदिर वृंदावन का सबसे बड़ा मंदिर है, जिसका निर्माण द्रविड़ शैली में 1851 में हुआ था। यह मंदिर भगवान रंगनाथजी को समर्पित है। इसे रंगजी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, जो भगवान विष्णु को दर्शाता है। इस मंदिर में भगवान विष्णु अपनी शेषाशयी मुद्रा में हैं और पवित्र सेशा नागा के विशाल कोयल्स पर आराम कर रहे हैं।
श्री रंगजी मंदिर वृंदावन का सबसे बड़ा मंदिर है, जिसका निर्माण द्रविड़ शैली में 1851 में हुआ था। यह मंदिर भगवान रंगनाथजी को समर्पित है। इसे रंगजी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, जो भगवान विष्णु को दर्शाता है। इस मंदिर में भगवान विष्णु अपनी शेषाशयी मुद्रा में हैं और पवित्र सेशा नागा के विशाल कोयल्स पर आराम कर रहे हैं।