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राणा सांगा वाद: 22 को होगी अगली सुनवाई, वादी ने दिया भारत सरकार को विपक्षी बनाने के लिए दिया प्रार्थना पत्र
Sat, 12 Jul 2025 09:23 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 12 Jul 2025 09:23 AM IST
सार
राणा सांगा वाद में वादी ने भारत सरकार को विपक्षी बनाने और प्रतिनिधि वाद के रूप में वाद दर्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। इस मामले में अब अगली सुनवाई 22 जुलाई को होगी।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राणा सांगा पर टिप्पणी करने के मामले में अधिवक्ता ने सपा के राज्य सभा सांसद रामजीलाल सुमन और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ दायर प्रकीर्ण वाद में शुक्रवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में सुनवाई हुई। वादी पक्ष ने भारत सरकार को विपक्षी बनाने व प्रतिनिधि वाद के रूप में दर्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। वाद के रिवीजन में जिला जज संजय कुमार मलिक ने केस को फिर से दर्ज करने के 13 मई को आदेश जारी किए थे।
अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने बताया कि उन्होंने अदालत में दो प्रार्थना पत्र दिए। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार को विपक्षी बनाने के लिए धारा-80(2) सीपीसी व आदेश 1 नियम 10 सीपीसी के अधीन प्रार्थना पत्र दिया। दूसरा केस को प्रतिनिधि वाद के रूप दर्ज करने के लिए आदेश 1 नियम 8 सीपीसी के अधीन प्रार्थना पत्र दिया। राणा सांगा मामला जनहित से जुड़ा है, इसलिए केस को आदेश 1 नियम 8 सीपीसी में दर्ज करने लिए प्रार्थना पत्र दिया।
दूसरा प्रार्थना पत्र संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार को विपक्षी बनाने के लिए दिया। जिला जज संजय कुमार मलिक ने 13 मई के आदेश में कहा है कि अदालत को यह देखना है कि केस में भारत सरकार आवश्यक पक्षकार है या नहीं। मामला ऐतिहासिक महत्व का है। इसलिए भारत सरकार आवश्यक पक्षकार है। भारत सरकार को विपक्षी बनाने के लिए 2 महीने की समय सीमा के नोटिस का प्रावधान है। इसमें छूट के लिए धारा 80(2) सीपीसी के अंतर्गत प्रार्थना पत्र दिया। 22 जुलाई को अगली सुनवाई होगी।
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अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने बताया कि उन्होंने अदालत में दो प्रार्थना पत्र दिए। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार को विपक्षी बनाने के लिए धारा-80(2) सीपीसी व आदेश 1 नियम 10 सीपीसी के अधीन प्रार्थना पत्र दिया। दूसरा केस को प्रतिनिधि वाद के रूप दर्ज करने के लिए आदेश 1 नियम 8 सीपीसी के अधीन प्रार्थना पत्र दिया। राणा सांगा मामला जनहित से जुड़ा है, इसलिए केस को आदेश 1 नियम 8 सीपीसी में दर्ज करने लिए प्रार्थना पत्र दिया।
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दूसरा प्रार्थना पत्र संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार को विपक्षी बनाने के लिए दिया। जिला जज संजय कुमार मलिक ने 13 मई के आदेश में कहा है कि अदालत को यह देखना है कि केस में भारत सरकार आवश्यक पक्षकार है या नहीं। मामला ऐतिहासिक महत्व का है। इसलिए भारत सरकार आवश्यक पक्षकार है। भारत सरकार को विपक्षी बनाने के लिए 2 महीने की समय सीमा के नोटिस का प्रावधान है। इसमें छूट के लिए धारा 80(2) सीपीसी के अंतर्गत प्रार्थना पत्र दिया। 22 जुलाई को अगली सुनवाई होगी।
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