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रामताल कुंड के कमल सरोवर का लोकार्पण
अमर उजाला, मथ्ाुरा
Updated Mon, 17 Jul 2017 12:23 PM IST
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उद्घ्ााटन
- फोटो : अमर उजाला, मथुरा
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रामताल कुंड के कमल सरोवर का लोकार्पण रविवार को वैदिक मंत्रोच्चारण और कुंड के पूजन के साथ संपन्न हुआ। माना जाता है कि यह पौराणिक स्थली कृष्णकालीन धरोहर है और महर्षि सौभरि की तपस्थली रही है।
इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता व राज्यसभा सांसद केटीएस तुलसी ने ब्रज फाउंडेशन की ओर से ब्रज की धरोहरों की खोज, उनके मौलिक स्वरूप को प्रकाशित करने और उसे संरक्षित करने के पवित्र कार्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वास्तव में आज वृंदावन के मंदिरों में बढ़ रही कलात्मकता और कंकरीट आधारित विकास के साथ ब्रज के प्राकृतिक स्वरूप को भी संरक्षित करने की आवश्यकता है। जिस तरह फाउंडेशन ने रामताल कुंड का कायाकल्प किया है, संपूर्ण वृंदावन का विकास इसी तर्ज पर किया जाना चाहिए। इसके लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने यह आश्वासन भी दिया कि इस काम में आने वाले खर्च को वे वहन करने के लिए तत्पर हैं।
अमर उजाला समूह के संपादकीय सलाहकार विनोद अग्निहोत्री ने कहा कि ब्रज की लीला स्थलियों की दुर्दशा हमेशा आहत करती रही है। वास्तव में जो काम बडे़ बजट वाले पर्यटन, तीर्थाटन और सांस्कृतिक कार्य आदि विभागों को करना चाहिए वह काम ब्रज फाउंडेशन अपने सीमित संसाधनों और दृढ़ संकल्प के आधार पर कर रहा है।
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संस्था के अध्यक्ष विनीत नारायण ने बताया कि पुराणों के अनुसार इस कुंड का क्षेत्रफल लगभग 63 एकड़ है, लेकिन संस्था को कुछ एकड़ की ही खोदाई करने की अनुमति दी गई। बाकी पर अवैध कब्जे कर लिए गए हैं या पट्टे काट दिए गए। उन्होंने बताया कि ये भग्नावेष 1700 वर्ष पूर्व के कुषाणकालीन हैं।
इससे पूर्व राज्यसभा सांसद केटीएस तुलसी और उनकी धर्मपत्नी और अमर उजाला के संपादकीय सलाहकार विनोद अग्निहोत्री और उनकी धर्मपत्नी ने फीता काटकर एवं शिला पट्टिका का अनावरण कर रामताल कुंड के कमल सरोवर का पूजन किया। इस मौके पर सुनरख की प्रधान विद्यावती, धर्म रक्षा संघ के अध्यक्ष सौरभ गौड़, हरिओम शर्मा, विजय रिणवा, सुधीर शुक्ला, रमन बिहारी गौतम, पूर्व प्रधान पप्पू, मनसुख सिंह, नंदकिशोर आदि उपस्थित रहे।
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इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता व राज्यसभा सांसद केटीएस तुलसी ने ब्रज फाउंडेशन की ओर से ब्रज की धरोहरों की खोज, उनके मौलिक स्वरूप को प्रकाशित करने और उसे संरक्षित करने के पवित्र कार्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वास्तव में आज वृंदावन के मंदिरों में बढ़ रही कलात्मकता और कंकरीट आधारित विकास के साथ ब्रज के प्राकृतिक स्वरूप को भी संरक्षित करने की आवश्यकता है। जिस तरह फाउंडेशन ने रामताल कुंड का कायाकल्प किया है, संपूर्ण वृंदावन का विकास इसी तर्ज पर किया जाना चाहिए। इसके लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने यह आश्वासन भी दिया कि इस काम में आने वाले खर्च को वे वहन करने के लिए तत्पर हैं।
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अमर उजाला समूह के संपादकीय सलाहकार विनोद अग्निहोत्री ने कहा कि ब्रज की लीला स्थलियों की दुर्दशा हमेशा आहत करती रही है। वास्तव में जो काम बडे़ बजट वाले पर्यटन, तीर्थाटन और सांस्कृतिक कार्य आदि विभागों को करना चाहिए वह काम ब्रज फाउंडेशन अपने सीमित संसाधनों और दृढ़ संकल्प के आधार पर कर रहा है।
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संस्था के अध्यक्ष विनीत नारायण ने बताया कि पुराणों के अनुसार इस कुंड का क्षेत्रफल लगभग 63 एकड़ है, लेकिन संस्था को कुछ एकड़ की ही खोदाई करने की अनुमति दी गई। बाकी पर अवैध कब्जे कर लिए गए हैं या पट्टे काट दिए गए। उन्होंने बताया कि ये भग्नावेष 1700 वर्ष पूर्व के कुषाणकालीन हैं।
इससे पूर्व राज्यसभा सांसद केटीएस तुलसी और उनकी धर्मपत्नी और अमर उजाला के संपादकीय सलाहकार विनोद अग्निहोत्री और उनकी धर्मपत्नी ने फीता काटकर एवं शिला पट्टिका का अनावरण कर रामताल कुंड के कमल सरोवर का पूजन किया। इस मौके पर सुनरख की प्रधान विद्यावती, धर्म रक्षा संघ के अध्यक्ष सौरभ गौड़, हरिओम शर्मा, विजय रिणवा, सुधीर शुक्ला, रमन बिहारी गौतम, पूर्व प्रधान पप्पू, मनसुख सिंह, नंदकिशोर आदि उपस्थित रहे।