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एससी-एसटी एक्ट को लेकर रामशंकर कठेरिया ने बताई 'सच्चाई', सवर्ण समाज से यह अपील
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 01 Sep 2018 10:33 AM IST
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प्रेसवार्ता में एससी एसटी आयोग के अध्यक्ष रामशंकर कठेरिया
- फोटो : अमर उजाला
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एससी-एसटी एक्ट के बढ़ते विरोध के बीच राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामशंकर कठेरिया ने कहा है कि इस एक्ट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। जो एक्ट पूर्व में था, उसी स्थिति में इसे लागू किया गया है। विरोधी पार्टियां दुष्प्रचार कर सवर्ण वर्ग को गुमराह कर रही हैं।
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आगरा में शुक्रवार को मीडिया से मुखातिब रामशंकर कठेरिया ने कहा कि एससी-एसटी एक्ट को लेकर विरोधी पार्टियां देश की जनता में भ्रम फैलाने का कार्य कर रही हैं। लगातार भ्रामक बयान देकर लोगों को गुमराह करने का असफल प्रयास किया जा रहा है।
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जबकि सच्चाई यह है कि इस एक्ट में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है। पूर्व की भांति इसका दुरुपयोग किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा। डॉ. कठेरिया ने सवर्ण समाज से गुमराह न होने की अपील की है। जो पार्टियां भ्रामक खबरें फैला रही हैं वो सच्चाई से कोसों दूर हैं।
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'निर्दोष का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा'
उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। वो सवर्ण समाज को यह विश्वास दिलाते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने जो दुरुपयोग की चिंता जाहिर की थी, वो दुरुपयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार और भाजपा की राज्य सरकार नहीं होने देगी।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में दलितों व पिछड़े हिंदु छात्रों को आरक्षण का लाभ न देने पर कठेरिया ने कहा कि एससी आयोग अब इसमें सीधी सुनवाई कर निर्णय लेगा। इस संबंध में उच्च न्यायालय में भी अपना हलफनामा दाखिल करेगा।
वोट बैंक की चिंता तो नहीं?
एससी-एसटी एक्ट में कोई नया बदलाव न होने का हवाला दे रहे कठेरिया से जब पूछा गया कि जब कोई बदलाव नहीं हुआ तो पार्टी और वह स्वयं इसका श्रेय लेने की दौड़ में क्यों आगे आए थे। इस पर उनका कहना था कि इसमें श्रेय लेने का कोई मामला नहीं है। जो स्थिति पहले थी, वह लागू की गई है। इसमें संशोधन के लिए सरकार आगे क्यों आई, इस पर भी कठेरिया कोई जवाब नहीं दे पाए।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में दलितों व पिछड़े हिंदु छात्रों को आरक्षण का लाभ न देने पर कठेरिया ने कहा कि एससी आयोग अब इसमें सीधी सुनवाई कर निर्णय लेगा। इस संबंध में उच्च न्यायालय में भी अपना हलफनामा दाखिल करेगा।
वोट बैंक की चिंता तो नहीं?
एससी-एसटी एक्ट में कोई नया बदलाव न होने का हवाला दे रहे कठेरिया से जब पूछा गया कि जब कोई बदलाव नहीं हुआ तो पार्टी और वह स्वयं इसका श्रेय लेने की दौड़ में क्यों आगे आए थे। इस पर उनका कहना था कि इसमें श्रेय लेने का कोई मामला नहीं है। जो स्थिति पहले थी, वह लागू की गई है। इसमें संशोधन के लिए सरकार आगे क्यों आई, इस पर भी कठेरिया कोई जवाब नहीं दे पाए।