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कह सुग्रीव नयन भरि बारी, मिलिहि नाथ मिथिलेश कुमारी
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शहर की रामलीला में प्रस्तुति देते कलाकार।
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। श्रीरामलीला कमेटी के सौजन्य से नगर के रामलीला मैदान में चल रही रामलीला के दौरान रविवार की रात राम सुग्रीव मित्रता, बालि बध तथा लंका दहन का मंचन किया गया।
नगर के रामलीला मैदान में रामलीला का मंचन करते हुए कलाकारों ने दिखाया कि माता सीता की खोज में निकले श्रीराम व लक्ष्मण ऋषिमूक पर्वत पर पहुंचे। यहां सुग्रीव हनुमान व जामवंत आदि के साथ रहते थे। हनुमान ने श्रीराम और लक्ष्मण को सुग्रीव से मिलाया। सुग्रीव ने श्रीराम को सीता ओर आकाश मार्ग से जाते समय फेंके गए आभूषण दिखाए और भरोसा दिलाया कि आप चिंता न करें सीता जी दक्षिण दिशा में गई हैं। हमारी सेना उनकी खोज अवश्य कर लेगी। इसके बाद सुग्रीव ने अपनी पीड़ा श्रीराम को बताई। राम ने बालि का वध किया। इसके बाद लंका पहुंचे हनुमान ने लंका दहन कर श्रीराम के जयकारे लगाए।
श्रीराम सेवा समिति के तत्वावधान में नगर के देवी रोड पर आठ अक्तूबर को दशहरा महोत्सव का आयोजन होगा। कार्यक्रम संयोजक पवन दुबे ने बताया कि महोत्सव के दौरान श्रीराम की नगर में शोभा यात्रा पुरंग अस्पताल से निकाली जाएगी। राजा का बाग गेट पर देर रात 25 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा।
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बेवर/कुरावली। कस्बा स्थित श्रीरामलीला कमेटी के तत्वाधान में रविवार की रात सूर्पनखा नाक-कान काटने की लीला का मंचन किया गया। नाक-कान कटने के बाद जब सूर्पनखा दंडक वन में रह रहे खरदूषण के पास पहुंची तो खरदूषण क्रोधित हो गए। वे राम और लक्ष्मण से लड़ने के लिए पहुंचे। यहां रामलक्ष्मण ने खर-दूषण का वध किया।
वहीं, कुरावली में रामलीला मैदान में चल रही रामलीला के नौवें दिन अयोध्या की शिवओम रामलीला कंपनी के कलाकारों ने सीता हरण का मंचन किया। प्रभु राम अपने अनुज लक्ष्मण तथा पत्नी सीता के साथ पंचवटी में निवास करने लगते हैं। इस दौरान लंका के राजा रावण की बहन सूर्पनखा पंचवटी में घूमती हुई राम की कुटिया पर पहुंची और राम तथा लक्ष्मण पर मोहित हो गई। राम का इशारा पाकर लक्ष्मण ने सूर्पनखा के नाक-कान काट लिए। सूर्पनखां रावण के पास गई तो रावण ने साधुवेश बना सीता का हरण कर लिया।
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नगर के रामलीला मैदान में रामलीला का मंचन करते हुए कलाकारों ने दिखाया कि माता सीता की खोज में निकले श्रीराम व लक्ष्मण ऋषिमूक पर्वत पर पहुंचे। यहां सुग्रीव हनुमान व जामवंत आदि के साथ रहते थे। हनुमान ने श्रीराम और लक्ष्मण को सुग्रीव से मिलाया। सुग्रीव ने श्रीराम को सीता ओर आकाश मार्ग से जाते समय फेंके गए आभूषण दिखाए और भरोसा दिलाया कि आप चिंता न करें सीता जी दक्षिण दिशा में गई हैं। हमारी सेना उनकी खोज अवश्य कर लेगी। इसके बाद सुग्रीव ने अपनी पीड़ा श्रीराम को बताई। राम ने बालि का वध किया। इसके बाद लंका पहुंचे हनुमान ने लंका दहन कर श्रीराम के जयकारे लगाए।
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श्रीराम सेवा समिति के तत्वावधान में नगर के देवी रोड पर आठ अक्तूबर को दशहरा महोत्सव का आयोजन होगा। कार्यक्रम संयोजक पवन दुबे ने बताया कि महोत्सव के दौरान श्रीराम की नगर में शोभा यात्रा पुरंग अस्पताल से निकाली जाएगी। राजा का बाग गेट पर देर रात 25 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा।
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बेवर/कुरावली। कस्बा स्थित श्रीरामलीला कमेटी के तत्वाधान में रविवार की रात सूर्पनखा नाक-कान काटने की लीला का मंचन किया गया। नाक-कान कटने के बाद जब सूर्पनखा दंडक वन में रह रहे खरदूषण के पास पहुंची तो खरदूषण क्रोधित हो गए। वे राम और लक्ष्मण से लड़ने के लिए पहुंचे। यहां रामलक्ष्मण ने खर-दूषण का वध किया।
वहीं, कुरावली में रामलीला मैदान में चल रही रामलीला के नौवें दिन अयोध्या की शिवओम रामलीला कंपनी के कलाकारों ने सीता हरण का मंचन किया। प्रभु राम अपने अनुज लक्ष्मण तथा पत्नी सीता के साथ पंचवटी में निवास करने लगते हैं। इस दौरान लंका के राजा रावण की बहन सूर्पनखा पंचवटी में घूमती हुई राम की कुटिया पर पहुंची और राम तथा लक्ष्मण पर मोहित हो गई। राम का इशारा पाकर लक्ष्मण ने सूर्पनखा के नाक-कान काट लिए। सूर्पनखां रावण के पास गई तो रावण ने साधुवेश बना सीता का हरण कर लिया।