सजा दो घर को फूलों से, मेरे घर राम आए हैं
सार
सुसज्जित मंच पर जब भगवान राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और माता जानकी के स्वरूप विराजमान हुए तो लोग गा पड़े सजा दो घर को फूलों से, मेरे घर राम आए हैं...।सबसे पहले पांचों स्वरूपों की आरती भागवताचार्य सुभाष चंद्र शास्त्री ने गोवर्धन वालों की ओर से उतारी। इसके बाद राजा जनक और रानी सुनयना के स्वरूपों ने परिजनों संग आरती उतारी। देखने वाले मंत्रमुग्ध हो गए।मिलन की रस्म हुईराजा जनक ने गुरु वशिष्ठ और राजा दशरथ को दुशाला ओढ़ाकर मिलनी की रस्म अदा की।
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