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इस तारीख से शुरू होंगे रमजान, मस्जिदों में साफ सफाई और रंगाई पुताई का दौर
Fri, 03 May 2019 11:20 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 03 May 2019 11:20 PM IST
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Ramadan
इबादत का मुबारक महीना रमजान छह मई से शुरू हो रहा है। इसी रात से तरावीह शुरू होंगी तो सात मई को पहला रोजा रखा जाएगा। हिलाल कमेटी की बैठक में शहर मुफ्ती रमजान के चांद का एलान करेंगे। रमजान को लेकर मस्जिदों की साफ सफाई और रंगाई पुताई का दौर चल रहा है, लेकिन मुस्लिम बस्तियों में प्रशासन की ओर से कोई काम नहीं करवाया गया है।
मुकद्दस रमजान की तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर की प्रमुख मस्जिदों में रंगाई पुताई और साफ सफाई मुकम्मल कर ली गई है। नमाज की शफें दुरुस्त की गई हैं। रमजान का चांद के दिखते ही मस्जिदों में तरावीह शुरू हो जाएंगी। लोग पहले रोजे की सहरी की तैयारियों में जुट गए हैं।
चांद दिखने पर सोमवार को रोजेदार रमजान का पहला रोजा रखकर अल्लाह की इबादत करेंगे। इस्लामिया लोकल एजेंसी के चेयरमैन असलम कुरैशी ने बताया कि तैयारियां पूरी हो चुकी है। एजेंसी शाही जामा मस्जिद समेत शहर की 38 मस्जिदों का रखरखाव करती है।
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मुकद्दस रमजान की तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर की प्रमुख मस्जिदों में रंगाई पुताई और साफ सफाई मुकम्मल कर ली गई है। नमाज की शफें दुरुस्त की गई हैं। रमजान का चांद के दिखते ही मस्जिदों में तरावीह शुरू हो जाएंगी। लोग पहले रोजे की सहरी की तैयारियों में जुट गए हैं।
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चांद दिखने पर सोमवार को रोजेदार रमजान का पहला रोजा रखकर अल्लाह की इबादत करेंगे। इस्लामिया लोकल एजेंसी के चेयरमैन असलम कुरैशी ने बताया कि तैयारियां पूरी हो चुकी है। एजेंसी शाही जामा मस्जिद समेत शहर की 38 मस्जिदों का रखरखाव करती है।
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सभी मस्जिदों में तैयारियां की गई हैं। तरावीह पढ़ाने के लिए भी मौलानाओं को मस्जिदों में जिम्मेदारी दी जाएगी। गुड़ की मंडी में पांच दिन का शबीना कराने वाले सैयद इरफान सलीम ने बताया कि कहीं तीन दिन तो कहीं पांच दिन का और कहीं 10 दिन का शबीना होता है।
शबीना उन लोगों के लिए कराया जाता है, जिनको रोजगार के लिए शहर से बाहर जाना होता है, इसलिए तरावीह न छूटे। इसलिए कम दिनों में शबीना में कुरान को पूरा सुनाया जाता है। लोग कुरआन सुनकर अपना कारोबार करने के लिए बाहर जा सकते हैं।
शबीना उन लोगों के लिए कराया जाता है, जिनको रोजगार के लिए शहर से बाहर जाना होता है, इसलिए तरावीह न छूटे। इसलिए कम दिनों में शबीना में कुरान को पूरा सुनाया जाता है। लोग कुरआन सुनकर अपना कारोबार करने के लिए बाहर जा सकते हैं।