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Raksha Bandhan 2025: ऐसी राखी...जो गाय के गोबर से की गई तैयार, फेंकने पर उगेगा तुलसी का पौधा
Wed, 30 Jul 2025 01:40 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 30 Jul 2025 01:40 PM IST
सार
आगरा में गाय के गोबर से बनाई गई राखी की खूब चर्चा है। इस राखी की खासियत ये है कि इसे फेंक देंगे, तो इससे तुलसी का पौधा उग जाएगा।
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राखियां
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
इस बार रक्षा बंधन पर गाय के गोबर से बनी राखी नगर निगम में उपलब्ध कराई गई है, जिसे गमले में डालने पर तुलसी का पौधा उग आएगा। गाय के गोबर से तैयार राखी में तुलसी का बीज रखा गया है।
नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि नगर निगम अपनी गोशाला को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई तरह के उत्पाद बना रहा है। दिवाली पर जहां गोमय गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमाएं बनाई गईं थी तो वहीं होली पर गोकाष्ठ तैयार किया जाता है। अब रक्षा बंधन को लेकर भी गोशाला में आकर्षक राखियां बनाई जा रही हैं।
गोबर से बनी इन राखियों में तुलसी का बीज रखा जा रहा है, ताकि लोग इन्हें फेंकने के बजाय गमले में उगा सके और पर्यावरण में सकारात्मक योगदान दे सकें। उन्होंने बताया कि लोगों की पसंद को देखते हुए रंग-बिरंगी राखियां बनाई जा रही हैं, जो 15 से 20 रुपये में नगर निगम परिसर स्थित दुकान पर उपलब्ध हैं। स्टॉल संचालक प्रांकुर जैन ने बताया कि राखियाें के साथ अन्य कई उत्पाद तैयार कराए गए हैं। इनमें सीड बॉल है, जिनमें सहजन, जामुन और नीम के बीज डाले गए हैं। मानसून में सड़क किनारे, पार्क या नमी वाली जगहों पर फेंकने पर पौधे उग आएंगे।
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नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि नगर निगम अपनी गोशाला को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई तरह के उत्पाद बना रहा है। दिवाली पर जहां गोमय गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमाएं बनाई गईं थी तो वहीं होली पर गोकाष्ठ तैयार किया जाता है। अब रक्षा बंधन को लेकर भी गोशाला में आकर्षक राखियां बनाई जा रही हैं।
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गोबर से बनी इन राखियों में तुलसी का बीज रखा जा रहा है, ताकि लोग इन्हें फेंकने के बजाय गमले में उगा सके और पर्यावरण में सकारात्मक योगदान दे सकें। उन्होंने बताया कि लोगों की पसंद को देखते हुए रंग-बिरंगी राखियां बनाई जा रही हैं, जो 15 से 20 रुपये में नगर निगम परिसर स्थित दुकान पर उपलब्ध हैं। स्टॉल संचालक प्रांकुर जैन ने बताया कि राखियाें के साथ अन्य कई उत्पाद तैयार कराए गए हैं। इनमें सीड बॉल है, जिनमें सहजन, जामुन और नीम के बीज डाले गए हैं। मानसून में सड़क किनारे, पार्क या नमी वाली जगहों पर फेंकने पर पौधे उग आएंगे।
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