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रक्षक बने ‘प्रभु’ की मुहिम में मददगार
धर्मेंद्र यादव
Updated Fri, 01 Jan 2016 02:30 AM IST
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रेल मंत्री सुरेश प्रभु रेल यात्रियों के एक ट्वीट पर उनकी समस्याओं को दूर कर रहे हैं। हाल में ट्विटर पर ट्वीट के बाद जिस तरह से रेलयात्रियों को मदद दी गई है। उसके बाद रेलवे के अधिकारी तो एलर्ट हैं ही, जीआरपी का स्पेशल दस्ता ‘रक्षक’ भी बड़ी भूमिका निभा रहा है। रक्षक दल के सदस्य 24 एक्सप्रेस ट्रेनों मेें ड्यूटी करते हैं। वे एक कॉल पर संबंधित यात्री के पास पहुंचकर उनकी मदद करने में सक्रिय रहते हैं।
आईजी रेलवे ने आपरेशन रक्षक शुरू किया था। जीआरपी के रक्षक स्क्वाड में चलने वाले पुलिसकर्मी एक्सप्रेस ट्रेनों में सुरक्षा के लिए चलते हैं। पहले स्क्वाड के ट्रेनों से गायब होने की शिकायतें मिलती थीं। इसे देखते हुए जीआरपी एसपी गोपेशनाथ खन्ना ने स्क्वाड के सिपाहियों को मोबाइल और सिम उपलब्ध कराई। ये सिमें अन्य ट्रेनों में चलने वाले स्क्वाड के सिपाहियों से भी जुड़ी हुईं हैं। वे एक दूसरे को कॉल कर सकते हैं। इस मोबाइल को स्क्वाड के सिपाही स्विच आफ नहीं कर सकते हैं। साथ ही इन मोबाइलों की सिम को भी राइफल की तरह जीडी में दर्ज करके दिया जाता है।
एसपी जीआरपी के पास होता है मोबाइलों का लिंक
इन मोबाइलों का लिंक एसपी जीआरपी के पास होता है। किसी तरह की सूचना मिलने पर वे संबंधित ट्रेन में चल रहे रक्षक स्क्वाड के सिपाहियों को सूचना देते हैं। इसके बाद रक्षक के सदस्य संबंधित यात्री की मदद करने पहुंच जाते हैं। जीपीआरएस से स्क्वाड के सिपाहियों पर निगाह रखी जाती है।
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घर से नाराज किशोरी को रक्षक सदस्यों ने समझाकर घर भेजा
पिछले सप्ताह स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस ट्रेन में 15 वर्षीय किशोरी घर से नाराज होकर ट्रेन में सवार हो गई। इसकी जानकारी होने पर रक्षक के सदस्यों ने लड़की से पूछताछ के बाद हाथरस सिटी में उसे उसके परिवार को सुपुर्द कर दिया। स्वर्ण जयंती का हाथरस में स्टापेज नहीं है। इसके बाद भी ट्रेन को वहां कुुछ देर रोका गया।
बीमारों की सेवा, गुमशुदा बच्चों की मदद करते हैं रक्षक
रक्षक स्क्वाड के सदस्य ट्रेन में बीमार होने वाले यात्रियों को उपचार दिलाने की व्यवस्था करते हैं। इसके अलावा ट्रेन या प्लेटफार्म पर बच्चों के खोने या गुमशुदा बच्चों के मिलने पर उन्हें परिवार तक पहुंचाने का काम करते हैं।
एक माह से कोई घटना नहीं
एसपी जीआरपी गोपेशनाथ खन्ना ने बताया कि रक्षक स्क्वाड के ट्रेनों में चलने का असर दिखाई देने लगा है। पिछले एक माह से किसी एक्सप्रेस ट्रेन में लूट या छिनैती जैसी कोई घटना नहीं हुई है।
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आईजी रेलवे ने आपरेशन रक्षक शुरू किया था। जीआरपी के रक्षक स्क्वाड में चलने वाले पुलिसकर्मी एक्सप्रेस ट्रेनों में सुरक्षा के लिए चलते हैं। पहले स्क्वाड के ट्रेनों से गायब होने की शिकायतें मिलती थीं। इसे देखते हुए जीआरपी एसपी गोपेशनाथ खन्ना ने स्क्वाड के सिपाहियों को मोबाइल और सिम उपलब्ध कराई। ये सिमें अन्य ट्रेनों में चलने वाले स्क्वाड के सिपाहियों से भी जुड़ी हुईं हैं। वे एक दूसरे को कॉल कर सकते हैं। इस मोबाइल को स्क्वाड के सिपाही स्विच आफ नहीं कर सकते हैं। साथ ही इन मोबाइलों की सिम को भी राइफल की तरह जीडी में दर्ज करके दिया जाता है।
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एसपी जीआरपी के पास होता है मोबाइलों का लिंक
इन मोबाइलों का लिंक एसपी जीआरपी के पास होता है। किसी तरह की सूचना मिलने पर वे संबंधित ट्रेन में चल रहे रक्षक स्क्वाड के सिपाहियों को सूचना देते हैं। इसके बाद रक्षक के सदस्य संबंधित यात्री की मदद करने पहुंच जाते हैं। जीपीआरएस से स्क्वाड के सिपाहियों पर निगाह रखी जाती है।
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घर से नाराज किशोरी को रक्षक सदस्यों ने समझाकर घर भेजा
पिछले सप्ताह स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस ट्रेन में 15 वर्षीय किशोरी घर से नाराज होकर ट्रेन में सवार हो गई। इसकी जानकारी होने पर रक्षक के सदस्यों ने लड़की से पूछताछ के बाद हाथरस सिटी में उसे उसके परिवार को सुपुर्द कर दिया। स्वर्ण जयंती का हाथरस में स्टापेज नहीं है। इसके बाद भी ट्रेन को वहां कुुछ देर रोका गया।
बीमारों की सेवा, गुमशुदा बच्चों की मदद करते हैं रक्षक
रक्षक स्क्वाड के सदस्य ट्रेन में बीमार होने वाले यात्रियों को उपचार दिलाने की व्यवस्था करते हैं। इसके अलावा ट्रेन या प्लेटफार्म पर बच्चों के खोने या गुमशुदा बच्चों के मिलने पर उन्हें परिवार तक पहुंचाने का काम करते हैं।
एक माह से कोई घटना नहीं
एसपी जीआरपी गोपेशनाथ खन्ना ने बताया कि रक्षक स्क्वाड के ट्रेनों में चलने का असर दिखाई देने लगा है। पिछले एक माह से किसी एक्सप्रेस ट्रेन में लूट या छिनैती जैसी कोई घटना नहीं हुई है।