चिकित्सक अपहरण प्रकरण: आगरा पुलिस के लिए वरदान बनी धौलपुर पुलिस के सिपाही की सजगता
एडीजी राजीव कृष्ण ने कताया कि धौलपुर पुलिस के दो सिपाही और दरोगा रात में गश्त पर थे। इनमें दयालचंद भी थे। तकरीबन साढ़े 12 बजे नीले रंग की डॉक्टर की कार ने उन्हें ओवरटेक किया।
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वरिष्ठ चिकित्सक उमाकांत गुप्ता को आगरा और धौलपुर के संयुक्त ऑपरेशन में मुक्त कराया गया, लेकिन सबसे अहम रोल धौलपुर के निहालगंज थाने के हेड कांस्टेबल दयालचंद का रहा। उन्होंने मंगलवार रात को साढ़े 12 बजे डॉक्टर की कार को लेकर जा रहे बदमाश को पकड़ा था। उसकी मदद से अपहरण कराने वाली युवती को भी पकड़ लिया। तब पुलिस को सफलता मिल गई।
दो सिपाही थे गश्त पर
एडीजी राजीव कृष्ण ने कताया कि धौलपुर पुलिस के दो सिपाही और दरोगा रात में गश्त पर थे। इनमें दयालचंद भी थे। तकरीबन साढ़े 12 बजे नीले रंग की डॉक्टर की कार ने उन्हें ओवरटेक किया। कार पर उत्तर प्रदेश का नंबर लिखा था। इस पर दयालचंद को शक हो गया। इस पर कार को पीछा करके रोक लिया। कार चालक निबोहरा निवासी पवन था। उससे पूछताछ की। वह घबरा गया। बताया कि वह डॉक्टर का चालक है। किसी काम से आया था।
सिपाहियों को रिश्चत देने की कोशिश
सिपाहियों ने बात कराने के लिए बोल दिया। इस पर वह रिश्वत देने लगा। 500 रुपये से पांच हजार रुपये की रिश्वत तक आ गया। इससे पुलिस को शक हो गया। इस पर उसे थाने पर ले आए। तब उसने अपहरण की बात कबूल की। बाद में पुलिस को एक युवती भी दूसरे युवक के साथ मिली। युवक बाइक से भाग गया। युवती को पकड़ लिया गया। उधर, सुबह दस बजे आगरा पुलिस को सूचना दी गई। तब पुलिस को सुराग मिला। आगरा पुलिस ने धौलपुर एसपी से संपर्क किया। उनकी मदद से ऑपरेशन चलाया गया।
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भ्रूण लिंग जांच में पकड़ी गई थी डॉ. उमाकांत की पत्नी डॉ. विद्या गुप्ता
डॉ. उमाकांत गुप्ता की पत्नी डॉ. विद्या गुप्ता भ्रूण लिंग जांच मामले में भी पकड़ी गईं थीं। इनको राजस्थान पुलिस ने छापा मारकर पकड़ा था। मुकदमा भी दर्ज कराया था। लगभग तीन साल पहले डॉ. उमाकांत के अस्पताल में संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर में निरीक्षण में अनियमितताएं मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने सील भी किया था।
डॉ. उमाकांत गुप्ता की पत्नी डॉ. विधा गुप्ता स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। इनका यमुनापार में विद्या नर्सिंग होम है। इनके यहां पर 2016-17 में राजस्थान पुलिस ने भ्रूण लिंग जांच का खेल पकड़ा था। डमी मरीज के साथ राजस्थान पुलिस की टीम छापा मारकर पकड़ा था।
पीसीपीएनडीटी सेल के प्रभारी डॉ. वीरेंद्र भारती ने बताया कि छापे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से हमारी भी टीम शामिल रही थी। राजस्थान पुलिस ने कोर्ट में मामला दर्ज कराया था। डॉ. उमाकांत गुप्ता का शाहदरा में बांकेबिहारी अस्पताल संचालित करते थे। इनके यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम के निरीक्षण में अनियमितताएं मिली थी। इस पर इनके अस्पताल में संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया था।