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Agra: बारिश के मारे किसान कर्ज लेकर बो रहे आलू, न मुआवजा मिला और न बीज पर सब्सिडी

Tue, 08 Nov 2022 04:28 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 08 Nov 2022 04:28 PM IST
सार

किसानों का कहना है कि इस बार आलू का बीज महंगा है। सब्सिडी भी नहीं मिल रही है। ऐसे में ज्यादातर किसानों ने कर्ज लेकर आलू की बुवाई की है। 

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rain affected farmers sowing potatoes by taking loans in agra
आलू की खेती - फोटो : Istock

विस्तार

आगरा जिले में बेमौसम बारिश ने किसानों की खरीफ की फसल बर्बाद कर दी। मुआवजा नहीं मिलने और बीज महंगा होने से किसानों को कर्ज लेकर आलू की बुवाई करनी पड़ रही है। सब्सिडी भी नहीं मिलने से उन्हें दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।

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किरावली तहसील के गांव महुअर के किसान राजकुमार शर्मा ने बताया कि उन्होंने बाजरे और कपास की फसल की थी। बेमौसम बारिश से दोनों फसलें बर्बाद हो गईं। मुआवजा भी नहीं मिला है। दस बीघा आलू बोने के लिए तीन प्रतिशत ब्याज पर पांच लाख रुपये कर्ज लिया है।
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उन्होंने बताया कि आलू का बीज भी महंगा है। सब्सिडी भी नहीं मिल रही है। इससे पहले उसने एसबीआई से 1.50 लाख रुपये फसली ऋण लिया था, लेकिन फसल बर्बाद होने से भुगतान नहीं कर सका। इसके भी नोटिस आ रहे हैं।

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आलू का बीज भी हुआ महंगा 

रामवीर कश्यप ने बताया कि बीज महंगा होने से आलू की खेती का खर्च बढ़ गया है। पप्पू मिस्त्री ने बताया कि 30 बीघा आलू बोनी थी, लेकिन बीज महंगा होने के कारण 20 बीघे भी बुवाई करेगा। वहीं उमेश चंद्र उर्फ गुड्डा ने तो आलू के बजाय सरसों की बुवाई कर दी है।
 
जिला उद्यान अधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि आलू का आधारीय प्रथम बीज सरकारी रेट पर 3475 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है। इसमें किसान को सब्सिडी नहीं दी जा रही है। अब तक करीब 200 किसानों ने आलू का बीज खरीदा है। बताया कि पिछले वर्ष 2600 रुपये प्रति क्विंटल आलू का बीज मिला था। कहा कि बीज की कीमत शासन स्तर से ही तय होती है। 

सालभर में दोगुने दाम की हुई खाद

इस वर्ष आलू किसानों की लागात में काफी इजाफा हुआ है। बीज और खाद की बढ़ती कीमत किसानों को रुला रही है। महंगे बीज के अलावा किसानों को लगभग दोगुने दाम में खाद खरीदनी पड़ रही है। खड़िया गांव के किसान दिनेश कुशवाह ने बताया कि पिछले साल डीएपी 900 रुपये बोरी थी। इस साल 1700 रुपये में मिल रही है। 

एक एकड़ में आ रही 1.45 लाख की लागत

एक एकड़ खेत का किराया - 35,000 रुपये
जुताई और बुआई   -      10,000 रुपये
बीज 35 कट्टा       -     35,000 रुपये
खाद डीएपी        -        7,500 रुपये
खाद यूरिया        -        1,500 रुपये
खाद पोटाश        -       4,500 रुपये
दवा खरपतवार स्प्रे -        3,600 रुपये
सिंचाई               -      6,250 रुपये
बारदाना          -         10,000 रुपये
खोदाई            -          7,500 रुपये
अन्य खर्च         -         15,000 रुपये
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