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आरक्षित ट्रेन के संचालन को मिली हरी झंडी
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कासगंज। लंबे समय से रेलवे के सुहाने सफर का इंतजार कर रहे यात्रियोंके लिए राहत भरी खबर है। अब जल्द ही अनारक्षित ट्रेनों का संचालन शुरू हो सकेगा। इसके लिए रेलवे बोर्ड ने ट्रेन संचालन की अनुमति दे दी है। रेलव बोर्ड से अनुमति मिलते ही अधिकारी तैयारी में जुट गए हैं।
मार्च में लगे लॉकडाउन से ट्रेनों का संचालन बंद है। अनलॉक में धीमे-धीमे संचालन शुरू हुआ तो वाया कासगंज मात्र 5 जोड़ी साप्ताहिक और त्रिसाप्ताहिक एवं 2 जोड़ी दैनिक स्पेशल ट्रेनें चलीं। यह सभी ट्रेनें आरक्षित श्रेणी की हैं। आरक्षण प्रक्रिया में यात्रियों को उलझना पड़ता है। ऐसे में यात्री कम दूरी के शहरों तक ट्रेनों से यात्रा करने में बचते रहे। लंबे समय से यात्रियों की मांग उठ रही थी कि अनारक्षित ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाए। रेलवे ने अनारक्षित ट्रेनों के संचालन का प्रस्ताव भी रेलवे बोर्ड को भेजा, लेकिन रेलवे बोर्ड से अनुमति नहीं मिल पा रही थी। अब बोर्ड ने अनारक्षित ट्रेनें चलाने के लिए हरी झंडी दे दी है।
तो रेलवे को भी हो रहा नुकसान
रेलवे जो दैनिक स्पेशल ट्रेनें चला रहा है, उससे जहां एक ओर यात्रियों को सहूलियत नहीं मिल रही। वहीं दूसरी तरफ रेलवे को भी राजस्व का घाटा हो रहा है, लेकिन अब अनारक्षित ट्रेनें चलेंगी तो रेलवे का राजस्व बढ़ने की उम्मीद है।
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मथुरा, कानपुर, बरेली की ओर चलेंगी ट्रेनें
अब तक बरेली की ओर मात्र एक साप्ताहिक ट्रेन चल रही है, जबकि कानपुर की ओर चार ट्रेनें गुजरती हैं। जबकि इन दोनों क्षेत्रों को जाने वाली यह पांचों ट्रेनें मथुरा की ओर भी जाती हैं। अब कासगंज से बरेली, मथुरा, कानपुर की ओर ट्रेनों की संख्या बढ़ जाएगी।
- हमने कई बार रेलवे के अधिकारियों से अनारक्षित ट्रेन संचालन की मांग उठाई। रेलवे परामर्शदात्री समिति की बैठक में भी यह मांग रखी गई। अब अनारक्षित ट्रेनें चलने लगेंगी। - सतीश गुप्ता, सदस्य, परामर्शदात्री रेलवे समिति।
- साप्ताहिक ट्रेनों का ठहराव छोटी दूरी के स्टेशनों पर नहीं है। दैनिक ट्रेनों में आरक्षण की व्यवस्था है। ऐसे में आसपास के शहरों तक रेलवे से यात्रा करना आसान नहीं था। अब अनारक्षित ट्रेनों से यात्रा आसान होगी। - अंश सक्सेना, यात्री।
- रेलवे बोर्ड से ट्रेनों के संचालन के लिए स्वीकृति मिल गई है। समयसारिणी तैयार की जा रही है। फिर उच्चाधिकारियों को सारिणी भेजी जाएगी। वहां से अनुमोदन मिलने के बाद अनारक्षित ट्रेनें चलेंगी। - राजेंद्र सिंह, पीआरओ, रेलवे।
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मार्च में लगे लॉकडाउन से ट्रेनों का संचालन बंद है। अनलॉक में धीमे-धीमे संचालन शुरू हुआ तो वाया कासगंज मात्र 5 जोड़ी साप्ताहिक और त्रिसाप्ताहिक एवं 2 जोड़ी दैनिक स्पेशल ट्रेनें चलीं। यह सभी ट्रेनें आरक्षित श्रेणी की हैं। आरक्षण प्रक्रिया में यात्रियों को उलझना पड़ता है। ऐसे में यात्री कम दूरी के शहरों तक ट्रेनों से यात्रा करने में बचते रहे। लंबे समय से यात्रियों की मांग उठ रही थी कि अनारक्षित ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाए। रेलवे ने अनारक्षित ट्रेनों के संचालन का प्रस्ताव भी रेलवे बोर्ड को भेजा, लेकिन रेलवे बोर्ड से अनुमति नहीं मिल पा रही थी। अब बोर्ड ने अनारक्षित ट्रेनें चलाने के लिए हरी झंडी दे दी है।
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तो रेलवे को भी हो रहा नुकसान
रेलवे जो दैनिक स्पेशल ट्रेनें चला रहा है, उससे जहां एक ओर यात्रियों को सहूलियत नहीं मिल रही। वहीं दूसरी तरफ रेलवे को भी राजस्व का घाटा हो रहा है, लेकिन अब अनारक्षित ट्रेनें चलेंगी तो रेलवे का राजस्व बढ़ने की उम्मीद है।
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मथुरा, कानपुर, बरेली की ओर चलेंगी ट्रेनें
अब तक बरेली की ओर मात्र एक साप्ताहिक ट्रेन चल रही है, जबकि कानपुर की ओर चार ट्रेनें गुजरती हैं। जबकि इन दोनों क्षेत्रों को जाने वाली यह पांचों ट्रेनें मथुरा की ओर भी जाती हैं। अब कासगंज से बरेली, मथुरा, कानपुर की ओर ट्रेनों की संख्या बढ़ जाएगी।
- हमने कई बार रेलवे के अधिकारियों से अनारक्षित ट्रेन संचालन की मांग उठाई। रेलवे परामर्शदात्री समिति की बैठक में भी यह मांग रखी गई। अब अनारक्षित ट्रेनें चलने लगेंगी। - सतीश गुप्ता, सदस्य, परामर्शदात्री रेलवे समिति।
- साप्ताहिक ट्रेनों का ठहराव छोटी दूरी के स्टेशनों पर नहीं है। दैनिक ट्रेनों में आरक्षण की व्यवस्था है। ऐसे में आसपास के शहरों तक रेलवे से यात्रा करना आसान नहीं था। अब अनारक्षित ट्रेनों से यात्रा आसान होगी। - अंश सक्सेना, यात्री।
- रेलवे बोर्ड से ट्रेनों के संचालन के लिए स्वीकृति मिल गई है। समयसारिणी तैयार की जा रही है। फिर उच्चाधिकारियों को सारिणी भेजी जाएगी। वहां से अनुमोदन मिलने के बाद अनारक्षित ट्रेनें चलेंगी। - राजेंद्र सिंह, पीआरओ, रेलवे।