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किसानों को रेलवे के अफसरों को भी धरने पर बैठाया
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किरावली। कीठम से भांडई के बीच प्रस्तावित तीसरी रेलवे लाइन के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानों का धरना शनिवार को 17वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान किसानों को जानकारी मिली कि अधिग्रहण के लिए चिन्हित की गई जमीन पर लगे पेड़ों की गिनती के लिए रेलवे विभाग के दो अफसर आए हैं। इस पर किसानों का पारा चढ़ गया और उन्होंने विभागीय अफसरों को बंधक बना लिया। रेलवे के आला अधिकारियों से वार्ता के दो घंटे बाद अधिकारियों को मुक्त किया गया।
बाईपास रेल लाइन विरोध संघर्ष समिति के संयोजक दिलीप सिंह ने बताया कि गांव मिढ़ाकुर में 17वें दिन भी धरना जारी रहा। इस दौरान सूचना मिली कि रेल लाइन के भूमि अधिग्रहण की जद में आ रहे पेड़ों की गिनती करने रेलवे के इंजीनियर आवेद अहमद और भूमि अध्यापित अमीन जयप्रकाश पहुंचे हैं। गुस्साए किसानों ने इन अफसरों को बंधक बना लिया। बाद में उच्चाधिकारियों से वार्ता के दो घंटे बाद इन्हें मुक्त किया गया। दिलीप सिंह ने बताया कि तेज धूप के चलते दो किसानों की हालत नाजुक हो गई है। फिर भी प्रशासनिक अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों का उचित समाधान नहीं किया गया तो किसान आंदोलन को और तेज करेंगे। इस मौके पर आंदोलन में महेश चंद शर्मा, जगन सिंह, हरप्रसाद सारस्वत, लखन सिंह, मुकेश नरवार, जगन सिंह, दर्याब सिंह, दिगंबर सिंह, भूरा, बाबू लाल, गोपाल सिंह भी शामिल रहे।
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बाईपास रेल लाइन विरोध संघर्ष समिति के संयोजक दिलीप सिंह ने बताया कि गांव मिढ़ाकुर में 17वें दिन भी धरना जारी रहा। इस दौरान सूचना मिली कि रेल लाइन के भूमि अधिग्रहण की जद में आ रहे पेड़ों की गिनती करने रेलवे के इंजीनियर आवेद अहमद और भूमि अध्यापित अमीन जयप्रकाश पहुंचे हैं। गुस्साए किसानों ने इन अफसरों को बंधक बना लिया। बाद में उच्चाधिकारियों से वार्ता के दो घंटे बाद इन्हें मुक्त किया गया। दिलीप सिंह ने बताया कि तेज धूप के चलते दो किसानों की हालत नाजुक हो गई है। फिर भी प्रशासनिक अधिकारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों का उचित समाधान नहीं किया गया तो किसान आंदोलन को और तेज करेंगे। इस मौके पर आंदोलन में महेश चंद शर्मा, जगन सिंह, हरप्रसाद सारस्वत, लखन सिंह, मुकेश नरवार, जगन सिंह, दर्याब सिंह, दिगंबर सिंह, भूरा, बाबू लाल, गोपाल सिंह भी शामिल रहे।
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