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रेलवे अस्पताल हुआ बंद, कर्मचारी हो रहे परेशान
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मैनपुरी। जिले में रेलवे स्टेशन पर बना अस्पताल पिछले 10 साल से बंद पड़ा है। यहां डॉक्टर की तैनाती न होने के कारण अस्पताल को चालक और परिचालक के रनिंग रूम में रूप में प्रयोग किया जा रहा है। वहीं कर्मचारियों को उपचार के लिए दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
10 साल पहले मैनपुरी रेलवे स्टेशन पर रेलवे का अस्पताल संचालित होता था। इसमें कर्मचारियों और उनके परिजन को भर्ती कर उपचार दिया जाता था। 10 साल से बंद अस्पताल भवन को रेलवे विभाग ने चालक और गार्ड का रनिंग रूम बना दिया है। जिले में रेलवे का अस्पताल न होने के कारण रेलवे कर्मचारियों और उनके परिजन को उपचार के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यदि किसी कर्मचारी को परेशानी होती है तो उसे विभागीय उपचार के लिए टूंडला जाना पड़ता है। रेलवे कर्मचारियों ने मैनपुरी रेलवे स्टेशन पर स्थापित रेलवे अस्पताल के पुन: संचालन की मांग रेल मंत्री से की है।
रेलवे कर्मचारियों के आए दिन काम करते समय चोट आदि लगती रहती है। जिसका उन्हें प्राइवेट उपचार कराना पड़ता है। मैनपुरी रेलवे स्टेशन पूर्व में रेलवे अस्पताल संचालित था। कर्मचारियों की समस्या को देखते हुए रेलवे अस्पताल शुरू कराया जाए।
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आलोक कुमार, रेलकर्मी
जिले में रेलवे का अस्पताल न होने के कारण कर्मचारियों को उपचार आदि के लिए टूंडला जाना पड़ता है। मैनपुरी स्टेशन पर अस्पताल का भवन है। डॉक्टर और स्टाफ की तैनाती कर इसे फिर से शुरू कराया जाए ताकि कर्मचारियों को उपचार मिल सके।
राजीव कुमार, रेलकर्मी
रेलवे स्टेशन पर पूर्व में अस्पताल संचालित था। जब डॉक्टर की तैनाती नहीं हुई तो रेलवे विभाग ने यह भवन चालक और गार्ड को आवंटित कर दिया। अस्पताल को पुन: स्थापित कराया जाए। हम लोग रेल मंत्री से इसकी मांग करते हैं।
संदीप कुमार, रेलकर्मी
रेलवे के कर्मचारी का काम लोहे का है। ऐसे में चोट आए दिन लगती रहती है। जिले में रेलवे का अस्पताल न होने के कारण दिक्कतें आ रही हैं। रेल मंत्री को इस तरफ ध्यान देना चाहिए जिससे कि कर्मचारियों को रेलवे के अस्पताल का लाभ मिल सके।
नारायाण सिंह, रेलकर्मी
रेलवे के अस्पताल को वर्षों पूर्व बंद कर दिया गया है। यहां अब चालक और गार्ड का रनिंग रूम संचालित हो रहा है। रेलवे कर्मचारियों का टूंडला से उपचार कराया जा रहा है। कर्मचारियों के मांग को उच्चाधिकारियों को भेजा जा रहा है।
एचएस मीणा, स्टेशन अधीक्षक
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10 साल पहले मैनपुरी रेलवे स्टेशन पर रेलवे का अस्पताल संचालित होता था। इसमें कर्मचारियों और उनके परिजन को भर्ती कर उपचार दिया जाता था। 10 साल से बंद अस्पताल भवन को रेलवे विभाग ने चालक और गार्ड का रनिंग रूम बना दिया है। जिले में रेलवे का अस्पताल न होने के कारण रेलवे कर्मचारियों और उनके परिजन को उपचार के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यदि किसी कर्मचारी को परेशानी होती है तो उसे विभागीय उपचार के लिए टूंडला जाना पड़ता है। रेलवे कर्मचारियों ने मैनपुरी रेलवे स्टेशन पर स्थापित रेलवे अस्पताल के पुन: संचालन की मांग रेल मंत्री से की है।
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रेलवे कर्मचारियों के आए दिन काम करते समय चोट आदि लगती रहती है। जिसका उन्हें प्राइवेट उपचार कराना पड़ता है। मैनपुरी रेलवे स्टेशन पूर्व में रेलवे अस्पताल संचालित था। कर्मचारियों की समस्या को देखते हुए रेलवे अस्पताल शुरू कराया जाए।
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आलोक कुमार, रेलकर्मी
जिले में रेलवे का अस्पताल न होने के कारण कर्मचारियों को उपचार आदि के लिए टूंडला जाना पड़ता है। मैनपुरी स्टेशन पर अस्पताल का भवन है। डॉक्टर और स्टाफ की तैनाती कर इसे फिर से शुरू कराया जाए ताकि कर्मचारियों को उपचार मिल सके।
राजीव कुमार, रेलकर्मी
रेलवे स्टेशन पर पूर्व में अस्पताल संचालित था। जब डॉक्टर की तैनाती नहीं हुई तो रेलवे विभाग ने यह भवन चालक और गार्ड को आवंटित कर दिया। अस्पताल को पुन: स्थापित कराया जाए। हम लोग रेल मंत्री से इसकी मांग करते हैं।
संदीप कुमार, रेलकर्मी
रेलवे के कर्मचारी का काम लोहे का है। ऐसे में चोट आए दिन लगती रहती है। जिले में रेलवे का अस्पताल न होने के कारण दिक्कतें आ रही हैं। रेल मंत्री को इस तरफ ध्यान देना चाहिए जिससे कि कर्मचारियों को रेलवे के अस्पताल का लाभ मिल सके।
नारायाण सिंह, रेलकर्मी
रेलवे के अस्पताल को वर्षों पूर्व बंद कर दिया गया है। यहां अब चालक और गार्ड का रनिंग रूम संचालित हो रहा है। रेलवे कर्मचारियों का टूंडला से उपचार कराया जा रहा है। कर्मचारियों के मांग को उच्चाधिकारियों को भेजा जा रहा है।
एचएस मीणा, स्टेशन अधीक्षक