{"_id":"602793c28ebc3ee9032e232f","slug":"radio-day-2021-separate-market-for-radio-in-agra","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"रेडियो दिवस पर विशेष: ताजनगरी में रेडियो के लिए अलग से बना था बाजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेडियो दिवस पर विशेष: ताजनगरी में रेडियो के लिए अलग से बना था बाजार
Sat, 13 Feb 2021 02:24 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 13 Feb 2021 02:24 PM IST
विज्ञापन
रेडियो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ताजनगरी में रेडियो के लिए अलग से बाजार बना था। इसका नाम भी रेडियो बाजार रखा गया, जो आज भी है। हालांकि अब यहां रेडियो इक्का-दुक्का दुकानों पर ही मिलते हैं। लगभग सभी दुकानों में टीवी, फ्रिज, कूलर, एसी जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम मिलते हैं। 30 साल पहले तक यहां 150 दुकानों में सिर्फ रेडियो ही मिला करते थे।
विज्ञापन
आगरा रेडियो एंड टीवी विक्रेता संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र गुप्ता ने बताया कि रेडियो का मार्केट करीब 70 वर्ष पुराना है। उस दौर में रेडियो की बिक्री का यह प्रमुख केंद्र था। आगरा ही नहीं, मथुरा, फिरोजाबाद, हाथरस, अलीगढ़ से लोग यहां रेडियो खरीदने के लिए आते थे। उन्होंने बताया कि इसके बाद शाहगंज, शाह मार्केट में रेडियो की दुकानें खुलीं। लेकिन वक्त के साथ सभी जगह रेडियो की दुकानें बंद होती चली गईं।
विज्ञापन
रेडियो की जगह टीवी ने ले ली। मोबाइल आए तो रेडियो का धंधा और कम हो गया। अब लोग रेडियो मोबाइल में सुन लेते हैं। कारों में स्टीरियो लगे होते हैं, उनसे रेडियो सुना जाता है पर ये रेडियो की दुकानों पर नहीं, कार शोरूम में मिलते हैं। पिछले पांच सालों में नए स्टाइल के रेडियो आए हैं जिन्हें पसंद किया जा रहा है और उपहार में भी दिए जाते हैं।
विज्ञापन
सस्ते रेडियो की धूम मची थी
कारोबारी रमन लाल गुप्ता ने बताया कि वर्ष 1970 से पहले करीब 400 रुपये कीमत के रेडियो आते थे। महंगा होने के कारण इसे कम लोग ले पाते थे। इसके बाद 125 रुपये की कीमत वाले रेडियो आए तो धूम मच गई। प्रत्येक माह पांच हजार रेडियो की बिक्री होती थी।
70 साल से सुन रहा हूं रेडियो
अर्जुन नगर निवासी मूलचंद ने बताया कि मेरी उम्र 78 साल है। मुझे रेडियो का बचपन से ही शौक है। लगभग आठ साल की उम्र से ही रेडियो सुन रहा हूं। रेडियो सुनने में बहुत आनंद आता है।
रेडियो सुने बिना चैन नहीं
ट्रांस यमुना कॉलोनी के केशवदास ने कहा कि मेरी उम्र करीब 75 वर्ष हो चुकी है। ऐसा कोई दिन नहीं जाता जब रेडियो नहीं सुनता हूं। यह आदत 60 वर्षों से साथ चल रही है। इसके बिना चैन नहीं मिलता है।
रोज एक घंटे सुनता हूं
अयोध्या कुंज के गिरिराज सिंह ने बताया कि मुझे 50 वर्षों बाद भी रेडियो सुनने में बहुत आनंद आता है। रोजाना एक घंटो रेडियो सुनता हूं। इससे कई सारी जानकारी भी हासिल होती हैं। युवाओं से रेडियो सुनने की कहता हूं।
कारोबारी रमन लाल गुप्ता ने बताया कि वर्ष 1970 से पहले करीब 400 रुपये कीमत के रेडियो आते थे। महंगा होने के कारण इसे कम लोग ले पाते थे। इसके बाद 125 रुपये की कीमत वाले रेडियो आए तो धूम मच गई। प्रत्येक माह पांच हजार रेडियो की बिक्री होती थी।
70 साल से सुन रहा हूं रेडियो
अर्जुन नगर निवासी मूलचंद ने बताया कि मेरी उम्र 78 साल है। मुझे रेडियो का बचपन से ही शौक है। लगभग आठ साल की उम्र से ही रेडियो सुन रहा हूं। रेडियो सुनने में बहुत आनंद आता है।
रेडियो सुने बिना चैन नहीं
ट्रांस यमुना कॉलोनी के केशवदास ने कहा कि मेरी उम्र करीब 75 वर्ष हो चुकी है। ऐसा कोई दिन नहीं जाता जब रेडियो नहीं सुनता हूं। यह आदत 60 वर्षों से साथ चल रही है। इसके बिना चैन नहीं मिलता है।
रोज एक घंटे सुनता हूं
अयोध्या कुंज के गिरिराज सिंह ने बताया कि मुझे 50 वर्षों बाद भी रेडियो सुनने में बहुत आनंद आता है। रोजाना एक घंटो रेडियो सुनता हूं। इससे कई सारी जानकारी भी हासिल होती हैं। युवाओं से रेडियो सुनने की कहता हूं।