{"_id":"619256968ca3bb7a530ea6f8","slug":"radha-vrindavan-chandra-shobha-yatra-held-in-chandrodaya-mandir-vrindavan-in-mathura","type":"story","status":"publish","title_hn":"मथुरा: चंद्रोदय मंदिर में निकली राधा वृंदावन चंद्र की शोभायात्रा, फूलों से सजे रथ पर विराजे ठाकुरजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मथुरा: चंद्रोदय मंदिर में निकली राधा वृंदावन चंद्र की शोभायात्रा, फूलों से सजे रथ पर विराजे ठाकुरजी
Mon, 15 Nov 2021 06:16 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 15 Nov 2021 06:16 PM IST
सार
वृंदावन के चंद्रोदय मंदिर में सोमवार को तीन दिवसीय कार्तिक उत्सव का समापन हो गया। अंतिम दिन ठाकुर श्री राधा वृंदावन चंद्र ने फूलों से सजे रथ पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए।
विज्ञापन
चंद्रोदय मंदिर में निकाली गई शोभा यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मथुरा के वृंदावन स्थित चंद्रोदय मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय कार्तिक उत्सव के अंतिम दिन सोमवार को भगवान श्री राधा वृंदावन चंद्र की शोभायात्रा का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वर्ण प्रभा युक्त रथ पर विराजमान श्री राधा वृंदावन चंद्र ने सहज ही अपने भक्तों को दर्शन देकर उन्हें मंत्रमुग्ध कर दिया। इस शोभायात्रा से पूर्व भक्तों ने विभिन्न प्रकार के पुष्पों से मंदिर परिसर और रथ को सुसज्जित किया।
विज्ञापन
तीन दिवसीय कार्यक्रम की श्रृंखला में चंद्रोदय मंदिर में आयोजित शोभायात्रा के दौरान ठाकुर श्री राधा वृंदावन चंद्र को विशेष रूप से तैयार वस्त्रों को धारण कराया गया। उसके बाद उन्हें भक्तों द्वारा पालकी में विराजमान कर मंदिर के गर्भ ग्रह से शोभायात्रा के लिए पुष्पों से सुसज्जित रथ पर विराजमान किया गया।
विज्ञापन
सबसे पहले र्स्वण प्रभा युक्त रथ पर विराजे श्री राधा वृंदावन चंद्र की नजर उतारी गयी। उसके बाद भक्तों ने नरसिम्हा आरती की एवं सोहनी सेवा के बाद रथ को भक्तों द्वारा खीचकर निर्माणाधीन चंद्रोदय मंदिर परिसर तक ले जाया गया।
विज्ञापन
इस उत्सव में रथ यात्रा के बाद ठाकुर श्री वृंदावन चंद्र के समक्ष भक्तों द्वारा दामोदर अष्टकम् का गान किया गया। इस दौरान भक्तों ने दीपदान कर श्री राधा वृन्दावन चंद्र का शुभाशीष प्राप्त किया। इस पावन अवसर पर देश के विभिन्न स्थानों से आये भक्तों ने हरिनाम संकीर्तन से मंदिर प्रांगण में आने वाले भक्तों का मनमोह लिया।