{"_id":"5ea6c7e28ebc3e90ab20ab1e","slug":"quarantine-site-vrindavan-news-agr4394787134","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्वारंटीन स्थल पर खाने को मिल रहीं कच्ची रोटियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्वारंटीन स्थल पर खाने को मिल रहीं कच्ची रोटियां
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वृंदावन (मथुरा)। कच्ची रोटी खाने को मिल रही हैं। शौचालय में पानी नहीं है। लाइट की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। चार दिन बीतने के बाद अभी तक किसी का जांच के लिए सैंपल नहीं लिया गया। यह दुर्दशा है कृष्णा कुटी क्वारंटीन स्थल की। यहां क्वारंटीन कराई गई युवती ने यह आरोप लगाए हैं।
चौबियापाड़ा में भाई के कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद युवती, उनकी मां, पिता, दो बहनें और भाई को वृंदावन के कृष्णा कुटी में 24 अप्रैल को क्वारंटीन कराया गया था। अमर उजाला से सोमवार को हुई बातचीत में युवती ने कृष्णा कुटी क्वारंटीन स्थल की अव्यवस्थाओं की जानकारी दी। युवती का आरोप है कि चार दिन बीतने के बाद भी हमारे परिवार के किसी भी सदस्य के जांच को सैंपल नहीं लिए गए।
खाने में कच्ची रोटियां दी जा रही हैं। शौचालयों में डिब्बा तक नहीं हैं और पानी भी गायब है। लाइट की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, वहां तैनात कर्मचारी का होना न होना भी बराबर है। युवती का आरोप है कि जिला प्रशासन की लापरवाही से कोरोना के रोगी समय से कैसे ठीक हो सकेंगे। जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र का कहना है कि अधिकारियों को क्वारंटीन सेंटर की देखरेख की जिम्मेदारी दी गई है। यदि कहीं अव्यवस्था है तो उसे दूर कराएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
चौबियापाड़ा में भाई के कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद युवती, उनकी मां, पिता, दो बहनें और भाई को वृंदावन के कृष्णा कुटी में 24 अप्रैल को क्वारंटीन कराया गया था। अमर उजाला से सोमवार को हुई बातचीत में युवती ने कृष्णा कुटी क्वारंटीन स्थल की अव्यवस्थाओं की जानकारी दी। युवती का आरोप है कि चार दिन बीतने के बाद भी हमारे परिवार के किसी भी सदस्य के जांच को सैंपल नहीं लिए गए।
विज्ञापन
खाने में कच्ची रोटियां दी जा रही हैं। शौचालयों में डिब्बा तक नहीं हैं और पानी भी गायब है। लाइट की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, वहां तैनात कर्मचारी का होना न होना भी बराबर है। युवती का आरोप है कि जिला प्रशासन की लापरवाही से कोरोना के रोगी समय से कैसे ठीक हो सकेंगे। जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र का कहना है कि अधिकारियों को क्वारंटीन सेंटर की देखरेख की जिम्मेदारी दी गई है। यदि कहीं अव्यवस्था है तो उसे दूर कराएंगे।
विज्ञापन