फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   public problem

सचिवों की लापरवाही का दंश झेलेंगे शौचायल से वंचित

Thu, 18 Jul 2019 05:30 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jul 2019 05:30 PM IST
विज्ञापन
public problem
मैनपुरी। हर घर शौचालय के सपने को पूरा करने के लिए तीसरी बार वंचितों का सर्वे किया जा रहा है। वंचितों की फीडिंग केंद्र की वेबसाइट पर की जानी है, लेकिन पंचायत सचिवों की लापरवाही के चलते इस बार भी वंचितों को योजना का लाभ मिलता नजर नहीं आ रहा है।
विज्ञापन

शासन से वंचितों का सर्वे कर उसकी फीडिंग के लिए चार जुलाई को वेबसाइट खोल दी गई थी।
जिस पर 30 जुलाई तक कुल 44789 वंचितों की फीडिंग का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन 15 दिन में अब तक सभी नौ ब्लाकों में केवल 1826 वंचितों की ही फीडिंग हो सकी है, जो लक्ष्य के सापेक्ष केवल चार प्रतिशत है। दरअसल ये फीडिंग पंचायत सचिवों को करानी है, लेकिन वे इसमें लापरवाही कर रहे हैं। जिससे कहीं न कहीं स्वच्छ भारत मिशन के सपने को साकार करने में भी रोड़ा अटक रहा है। जब 15 दिन में चार प्रतिशत फीडिंग हो पाई है तो बाकी के 12 दिन में 96 प्रतिशत फीडिंग कैसे होगी। वहीं जानकारों की मानें तो आखिरी के दो तीन दिन वेबसाइट लोड के चलते नहीं चलेगी। ऐसे में अब केवल 10 दिन ही बचे हैं।
विज्ञापन

जिला स्तर पर हजारों हैं आवेदन
हर बार वंचितों की फीडिंग ब्लाक स्तर पर होती थी। इस बार केवल जिला स्तर पर ही की जा रही है। इसके लिए ब्लाकवार ऑपरेटर लगाए गए हैं, लेकिन सचिव के सत्यापन के बिना कोई वंचित फीड नहीं किया जा सकता है। इस कारण डीपीआरओ कार्यालय के हाथ बंधे हुए हैं। अगर ऐसा न होता तो जिला स्तर पर ही शौचालय के हजारों आवेदन लंबित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed