आगरा में मुठभेड़: तीन हत्याएं करने वाला इनामी साइको किलर गिफ्तार, पैर में लगी गोली
साइको किलर मोहन प्रजापति पर तीन हत्याओं का आरोप है। उसने अपने दोस्त की भी बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद से पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। सोमवार रात को मुठभेड़ के बाद उसे दबोच लिया गया।
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आगरा के हरीपर्वत क्षेत्र के बाग मुजफ्फर खां में मजदूर की हत्या करके फरार हुए साइको किलर मोहन प्रजापति को सोमवार रात को पुलिस ने पालीवाल पार्क में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। उसने पुलिस के घेरने पर फायरिंग भी की थी।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मोहन के पैर में गोली लग गई। पुलिस ने बताया कि मोहन साइको किलर है। वह पूर्व में भी दो हत्या कर चुका है। हत्या सिर में पत्थर और भारी वस्तु से करता है। इसके बाद पैदल ही फरार हो जाता है।
हरीपर्वत के बाग मुजफ्फर खां निवासी बंटी उर्फ नरेश मजदूरी करता था। वह 11 जून को लापता हुआ। 13 जून को उसका शव घर के पास ही एक हॉस्टल के बाथरूम में मिला था। उसकी हत्या की गई थी। सिर पर ताबड़तोड़ प्रहार किए गए थे।
बाथरूम के पास में कमरे में मोहन प्रजापति रहता था। वह घटना के बाद से फरार हो गया था। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। बंटी और मोहन साथ में रहते थे। मोहन के कमरे में खून मिला था।
आरोपी पर था 25 हजार रुपये का इनाम
एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि मोहन प्रजापति मुरैना के थाना सिटी कोतवाली स्थित गांव माधोपुरा का रहने वाला था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को लगाया गया। मोहन पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया।
सोमवार रात को पुलिस को सूचना मिली कि मोहन प्रजापति पालीवाल पार्क पर घूम रहा है। इस पर एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घेराबंदी कर ली। आरोपी एक्टिवा पर आया। पुलिस के रोकने पर एक्टिवा को मोड़कर भागने लगा। मगर, एक्टिवा फिसल गई।
मोहन प्रजापति ने फायरिंग की। पुलिस ने भी जवाब में फायरिंग की, जिसमें मोहन के पैर में गोली लग गई। वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती करा दिया। उसके पास से एक तमंचा, कारतूस, खोखा, सात हजार रुपये और एक एक्टिवा बिना नंबर की बरामद हुई।
अब तक कर चुका है तीन हत्याएं
एसएसपी मुनिराज ने बताया कि हत्यारोपी मोहन प्रजापति सनकी है। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि उसने बंटी को सात हजार रुपये उधार दिए थे। उससे रुपये मांगे तो वह आनाकानी करने लगा। इस पर उसे गुस्सा आ गया। इस पर उसकी हत्या के बारे में ठान लिया।
घटना वाले दिन बंटी मिलने आया था। उसके आने पर सिर में पत्थर मारकर हत्या कर दी। इसके बाद पैदल ही भाग गया। वह पैदल फरह तक चला गया था। इसके बाद से इधर उधर भटक रहा था। उसने इससे पहले भी दो हत्याएं की थीं।
साइको किलर ने जीजा को पत्थर से कुचलकर मारा डाला था
वर्ष 2009 में मुरैना में उसने अपने जीजा राधेश्याम को भी पत्थर से सिर कुचलकर मार डाला था। इस मामले में किसी ने गवाही नहीं दी। वह बच गया। वर्ष 2012 में मिस्त्री चित्रा की भी पत्थर से कुचलकर हत्या की थी। तब भी जेल गया। मगर, बच गया। वह कोर्ट में पुलिस के फंसाने की बात करता है।
हत्यारोपी एक दिन में 40 से 50 किलोमीटर तक पैदल चलता था। इस कारण ही बंटी की हत्या के बाद वह हाथ नहीं आ रहा था। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि वह कब सनक जाए, यह पता नहीं चलता। उससे घरवाले भी कम बात करते हैं। वह हत्या के बाद घर भी नहीं जाता है।