{"_id":"e4d4f349d2b118c1df8cbee39d8b259d","slug":"protest-on-shikshamitra-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़क पर उतरे शिक्षामित्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़क पर उतरे शिक्षामित्र
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Mon, 14 Sep 2015 01:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक बनाए गए शिक्षामित्रों का समायोजन रद करने के हाईकोर्ट के फैसले के बाद रविवार को सैकड़ों शिक्षामित्र सड़क पर उतर आए। इससे एमजी रोड पर पौन घंटे तक जाम के हालात बने रहे। यहां से जुलूस के रूप में मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया के आवास पर पहुंचे। मंत्री ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से चर्चा कर शिक्षामित्रों के हित में काम करने का आश्वासन दिया है। शिक्षामित्रों ने सोमवार से स्कूलों में तालाबंदी का एलान किया है। साथ ही हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने की योजना बनाई है।
शिक्षामित्र रविवार को सुबह से ही डायट परिसर, पंचकुइयां में जुटना शुरू हो गए। यहां से योजना बनाकर बड़ी संख्या में नालबंद होते हुए एमजी रोड की ओर बढ़े। एमजी रोड पर जुलूस के दौरान एक साइड का रोड जाम हो गया। उनके खंदारी पहुंचने तक वाहन फंसे रहे। इधर, लेखपाल भर्ती की लिखित परीक्षा देने आए एक लाख युवा पहले से ही शहर में थे। सुबह की पाली की परीक्षा छूटे हुए भी ज्यादा समय नहीं हुआ था। ऐसे में शिक्षामित्रों के जुलूस से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। दोपहर सवा दो बजे शिक्षामित्रों की भीड़ केंद्रीय राज्यमंत्री के खंदारी परिसर स्थित आवास के गेट तक पहुंच गई। उन्हें देख वहां के गेट बंद कर दिए गए। इससे वे भड़क गए और वहीं बैठकर नारेबाजी करने लगे। इस दौरान हुई तेज बारिश में भी वे डटे रहे।
पहले मंत्री के प्रतिनिधि अनिल चौधरी उनको समझाने आए, लेकिन वे नहीं माने। बाद में डा. रामशंकर कठेरिया पहुंचे। उन्होंने कहा कि कोर्ट के फैसले के खिलाफ वह कुछ नहीं कर सकते। उन्होंने शिक्षामित्रों के हित में काम करने का आश्वासन दिया। विधायक योगेंद्र उपाध्याय ने भी समझाया। इसके बाद शिक्षामित्र लौट गए।
विज्ञापन
‘प्रदेश सरकार हाईकोर्ट में शिक्षामित्रों का पक्ष नहीं रख पाई। बीटीसी और बीएड कालेज के संचालकों ने भी इसमें बड़ी भूमिका निभाई। अब एकजुट होकर संघर्ष किया जाएगा। शिक्षामित्र स्कूल पहुंचें, पर पढ़ाई न होने दें।’
- वीरेंद्र सिंह छौंकर, जिलाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ
विद्यालय में तालाबंदी कर करेंगे कार्य बहिष्कार
आगरा। शिक्षामित्रों ने निर्णय लिया कि सोमवार को वह स्कूलों में तालाबंदी कर कार्य बहिष्कार करेंगे। कोई हल निकलने तक भारत सरकार और एनसीटीई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते रहेंगे। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपेंगे और इच्छा मृत्यु की मांग करेंगे।
डायट से लेकर खंदारी तक नहीं दिखी पुलिस
सैकड़ों की संख्या में शिक्षामित्र डायट परिसर में पूर्वाह्न करीब 11 बजे एकत्रित हुए। पहले उन्होंने एमजी रोेड जाम करने की योजना बनाई। फिर केंद्रीय राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया के घर का रुख किया। इस दौरान पुलिस का एक सिपाही तक नजर नहीं आया। मंत्री के आवास पर भी कोई नहीं था।
क्या है हाईकोर्ट का फैसला
उत्तर प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में तैनात एक लाख 75 हजार शिक्षामित्र टीचरों का अप्वाइंटमेंट हाईकोर्ट ने कैंसिल कर दिया है। हाईकोर्ट में शनिवार को चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की डिविजन बेंच ने यह ऑर्डर दिया। चीफ जस्टिस के अलावा जस्टिस दिलीप गुप्ता और जस्टिस यशवंत वर्मा बेंच के जज थे। इनके अप्वाइंटमेंट का आदेश बीएसए ने साल 2014 में जारी किया था।
शिक्षा मित्रों की प्रतिक्रिया
‘प्रदेश के पौने दो लाख शिक्षक नहीं, उनके परिवारों के 10 लाख लोगों का भविष्य चौपट हुआ है।’
- सुधीश शर्मा, प्रा. वि. बमरौली, फतेहाबाद
बीएलओ, जनगणना, समाजवादी पेंशन और राशन कार्ड सत्यापन आदि में ड्यूटी लगाई जाती है, लेकिन शिक्षक बनने पर योग्यता पर सवाल उठा दिया।
- सत्यपाल पहलवान प्रा.वि. रामपुरा, खेरागढ़
‘शिक्षामित्र योग्य नहीं हैं तो 16 सालों से क्यों टहलाया जा रहा था। शिक्षामित्र का भविष्य भी चौपट कर दिया, अब कुछ और करने की स्थिति में नहीं हैं।’
- आरती शर्मा, प्रा. वि. ताजगंज नंबर एक
‘शिक्षामित्रों की नियुक्ति के बाद अधिकतर परिषदीय विद्यालयों के ताले खुल गए। छात्र संख्या बढ़ गई। सारी मेहनत पर पानी फेर दिया है।’
- प्रेमलता, प्रा. वि. नंदपुर, सेवला
विज्ञापन
शिक्षामित्र रविवार को सुबह से ही डायट परिसर, पंचकुइयां में जुटना शुरू हो गए। यहां से योजना बनाकर बड़ी संख्या में नालबंद होते हुए एमजी रोड की ओर बढ़े। एमजी रोड पर जुलूस के दौरान एक साइड का रोड जाम हो गया। उनके खंदारी पहुंचने तक वाहन फंसे रहे। इधर, लेखपाल भर्ती की लिखित परीक्षा देने आए एक लाख युवा पहले से ही शहर में थे। सुबह की पाली की परीक्षा छूटे हुए भी ज्यादा समय नहीं हुआ था। ऐसे में शिक्षामित्रों के जुलूस से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। दोपहर सवा दो बजे शिक्षामित्रों की भीड़ केंद्रीय राज्यमंत्री के खंदारी परिसर स्थित आवास के गेट तक पहुंच गई। उन्हें देख वहां के गेट बंद कर दिए गए। इससे वे भड़क गए और वहीं बैठकर नारेबाजी करने लगे। इस दौरान हुई तेज बारिश में भी वे डटे रहे।
विज्ञापन
पहले मंत्री के प्रतिनिधि अनिल चौधरी उनको समझाने आए, लेकिन वे नहीं माने। बाद में डा. रामशंकर कठेरिया पहुंचे। उन्होंने कहा कि कोर्ट के फैसले के खिलाफ वह कुछ नहीं कर सकते। उन्होंने शिक्षामित्रों के हित में काम करने का आश्वासन दिया। विधायक योगेंद्र उपाध्याय ने भी समझाया। इसके बाद शिक्षामित्र लौट गए।
विज्ञापन
‘प्रदेश सरकार हाईकोर्ट में शिक्षामित्रों का पक्ष नहीं रख पाई। बीटीसी और बीएड कालेज के संचालकों ने भी इसमें बड़ी भूमिका निभाई। अब एकजुट होकर संघर्ष किया जाएगा। शिक्षामित्र स्कूल पहुंचें, पर पढ़ाई न होने दें।’
- वीरेंद्र सिंह छौंकर, जिलाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ
विद्यालय में तालाबंदी कर करेंगे कार्य बहिष्कार
आगरा। शिक्षामित्रों ने निर्णय लिया कि सोमवार को वह स्कूलों में तालाबंदी कर कार्य बहिष्कार करेंगे। कोई हल निकलने तक भारत सरकार और एनसीटीई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते रहेंगे। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपेंगे और इच्छा मृत्यु की मांग करेंगे।
डायट से लेकर खंदारी तक नहीं दिखी पुलिस
सैकड़ों की संख्या में शिक्षामित्र डायट परिसर में पूर्वाह्न करीब 11 बजे एकत्रित हुए। पहले उन्होंने एमजी रोेड जाम करने की योजना बनाई। फिर केंद्रीय राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया के घर का रुख किया। इस दौरान पुलिस का एक सिपाही तक नजर नहीं आया। मंत्री के आवास पर भी कोई नहीं था।
क्या है हाईकोर्ट का फैसला
उत्तर प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में तैनात एक लाख 75 हजार शिक्षामित्र टीचरों का अप्वाइंटमेंट हाईकोर्ट ने कैंसिल कर दिया है। हाईकोर्ट में शनिवार को चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की डिविजन बेंच ने यह ऑर्डर दिया। चीफ जस्टिस के अलावा जस्टिस दिलीप गुप्ता और जस्टिस यशवंत वर्मा बेंच के जज थे। इनके अप्वाइंटमेंट का आदेश बीएसए ने साल 2014 में जारी किया था।
शिक्षा मित्रों की प्रतिक्रिया
‘प्रदेश के पौने दो लाख शिक्षक नहीं, उनके परिवारों के 10 लाख लोगों का भविष्य चौपट हुआ है।’
- सुधीश शर्मा, प्रा. वि. बमरौली, फतेहाबाद
बीएलओ, जनगणना, समाजवादी पेंशन और राशन कार्ड सत्यापन आदि में ड्यूटी लगाई जाती है, लेकिन शिक्षक बनने पर योग्यता पर सवाल उठा दिया।
- सत्यपाल पहलवान प्रा.वि. रामपुरा, खेरागढ़
‘शिक्षामित्र योग्य नहीं हैं तो 16 सालों से क्यों टहलाया जा रहा था। शिक्षामित्र का भविष्य भी चौपट कर दिया, अब कुछ और करने की स्थिति में नहीं हैं।’
- आरती शर्मा, प्रा. वि. ताजगंज नंबर एक
‘शिक्षामित्रों की नियुक्ति के बाद अधिकतर परिषदीय विद्यालयों के ताले खुल गए। छात्र संख्या बढ़ गई। सारी मेहनत पर पानी फेर दिया है।’
- प्रेमलता, प्रा. वि. नंदपुर, सेवला