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हड़ताली लेखपालों का ग्यारह दिन का वेतन काटा, दिए नोटिस
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कासगंज कलक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन करते लेखपाल।
- फोटो : KASGANJ
कासगंज। मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे लेखपालों के खिलाफ प्रतिदिन कार्रवाई की जा रही है। जब से लेखपाल हड़ताल गए हैं तब से अब तक कुल 11 दिन का वेतन प्रशासन ने काट दिया है। प्रशासनिक कार्रवाई को उत्पीड़नात्मक बताते हुए लेखपाल आंदोलन की राह पर डटे हुए हैं। लेखपालों का धरना लगातार जारी है कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर लेखपाल जमकर नारेबाजी कर रहे हैं।
हड़ताली लेखपालों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई निरंतर जारी है। सर्विस ब्रेक, निलंबन की कार्रवाई के बाद निरंतर वेतन काटने की कार्रवाई की जा रही है। वैसे तो शासन द्वारा हड़ताल 6 दिन पहले अवैध घेाषित की गई। उसके बाद लेखपालों का प्रतिदिन वेतन काटा जाने लागा। लेखपालों का मानना था कि हड़ताल अवैध घोषित होने के बाद से वेतन काटने की कार्रवाई होगी, लेकिन अब प्रशासन द्वारा दिए गए नोटिस से स्पष्ट हुआ है कि लेखपालों ने जब से हड़ताल शुरू की है तब से ही उनका वेतन काटा जा रहा है।
प्रशासन ने नो वर्क नो पे के आधार पर अब तक 11 दिन का वेतन काट दिया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से लेखपालों में आक्रोश बना हुआ है। लेखपालों ने ऐलान किया है कि वह प्रशासनिक कार्रवाई से घबराएंगे नहीं बल्कि निरंतर संघर्ष करते रहेंगे।
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नारेबाजी कर एकता का आह्वान
लेखपालों ने शनिवार को कलक्ट्रेट पर धरना देकर प्रदर्शन किया। जमकर नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष सोबेंद्र यादव ने कहा कि सभी लेखपाल मांगों को लेकर निरंतर धरना प्रदर्शन करते रहें। किसी भी हाल में कार्रवाई से न डरें। जिला सचिव सुदीप चौहान ने सभी लेखपालों से अपील की है कि एकजुट रहें और हर हाल में अपनी मांगे पूरी करने को शासन को विवश करें। इस दौरान प्रदीप सक्सेना, राहुल, प्रशांत, रिषी, विवेक, दीपक भारद्वाज, डॉली सोलंकी, नीलम सिंह, नरेंद्रपाल सिंह, राकेश कुमार, हरीशचंद्र, पंकज कुमार, राजेंद्र सिंह, अनार सिंह, यतेंद्र सिंह, सर्वेश लेखपाल, प्रदीप, रामौतार, शैलेंद्र सिंह, प्रमोद पाराशर, वीरेंद्र सिंह, सतीशचंद्र, अशोक कुमार, महाराज सिंह, सतीश माथुर, रश्मिी चौहान, प्रीती गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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हड़ताली लेखपालों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई निरंतर जारी है। सर्विस ब्रेक, निलंबन की कार्रवाई के बाद निरंतर वेतन काटने की कार्रवाई की जा रही है। वैसे तो शासन द्वारा हड़ताल 6 दिन पहले अवैध घेाषित की गई। उसके बाद लेखपालों का प्रतिदिन वेतन काटा जाने लागा। लेखपालों का मानना था कि हड़ताल अवैध घोषित होने के बाद से वेतन काटने की कार्रवाई होगी, लेकिन अब प्रशासन द्वारा दिए गए नोटिस से स्पष्ट हुआ है कि लेखपालों ने जब से हड़ताल शुरू की है तब से ही उनका वेतन काटा जा रहा है।
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प्रशासन ने नो वर्क नो पे के आधार पर अब तक 11 दिन का वेतन काट दिया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से लेखपालों में आक्रोश बना हुआ है। लेखपालों ने ऐलान किया है कि वह प्रशासनिक कार्रवाई से घबराएंगे नहीं बल्कि निरंतर संघर्ष करते रहेंगे।
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नारेबाजी कर एकता का आह्वान
लेखपालों ने शनिवार को कलक्ट्रेट पर धरना देकर प्रदर्शन किया। जमकर नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष सोबेंद्र यादव ने कहा कि सभी लेखपाल मांगों को लेकर निरंतर धरना प्रदर्शन करते रहें। किसी भी हाल में कार्रवाई से न डरें। जिला सचिव सुदीप चौहान ने सभी लेखपालों से अपील की है कि एकजुट रहें और हर हाल में अपनी मांगे पूरी करने को शासन को विवश करें। इस दौरान प्रदीप सक्सेना, राहुल, प्रशांत, रिषी, विवेक, दीपक भारद्वाज, डॉली सोलंकी, नीलम सिंह, नरेंद्रपाल सिंह, राकेश कुमार, हरीशचंद्र, पंकज कुमार, राजेंद्र सिंह, अनार सिंह, यतेंद्र सिंह, सर्वेश लेखपाल, प्रदीप, रामौतार, शैलेंद्र सिंह, प्रमोद पाराशर, वीरेंद्र सिंह, सतीशचंद्र, अशोक कुमार, महाराज सिंह, सतीश माथुर, रश्मिी चौहान, प्रीती गुप्ता आदि मौजूद रहे।