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Mathura: यमुना में उतरने से पहले गरुड़ क्रूज का शुरू हुआ विरोध, नाविकों ने किया प्रर्दशन; जानें वजह

Fri, 09 Feb 2024 03:53 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 09 Feb 2024 03:53 PM IST
सार

गोकुल से वृंदावन तक यमुना में परिचालन के लिए आए गरुड़ क्रूज का विरोध शुरू हो गया है। बड़ी संख्या में नाविकों ने विरोध प्रर्दशन करते हुए कहा कि यदि क्रूज यमुना में चला तो उनके आगे रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।
 

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Protest against Garuda Cruise started before landing in Yamuna sailors demonstrated
गरुड़ क्रूज का शुरू हुआ विरोध - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा यमुना में क्रूज संचालन की योजना तैयार की गई है। मथुरा क्रूज लाइंस के नाम से इस क्रूज का संचालन होगा। अयोध्या क्रूज लाइंस के डायरेक्टर अतुल तेवतिया ने बताया कि बृहस्पतिवार को दुबई से आई टीम क्रूज का निरीक्षण करेगी। हरी झंडी मिलने के बाद संचालन शुरू कर दिया जाएगा। वहीं इससे पहले इस क्रूज के  विरोध में नाविकों ने प्रर्दशन किया।
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केशी घाट के दूसरी पार सैकड़ों नाविकों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि क्रूज के यमुना में उतरने से सैकड़ों नाविकों की रोजी रोटी का संकट गहराया जाएगा। यदि सरकार ने उनकी नहीं सुनीं तो नाविक उग्र आंदोलन करेंगे। 
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भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं दिखेंगी
गरुड़ क्रूज पर भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं को चित्रित किया गया है। इनमें मां यशोदा द्वारा बाल कृष्ण को स्नान कराने, ग्वाल-बालों के साथ सहभोज, माखन चोरी, कालिया मर्दन और गोवर्धन लीला को चित्रित किया गया है। क्रूज को ऐसा स्वरूप दिया गया है कि यह ब्रज की सांस्कृतिक धरोहर से ओत-प्रोत दिखे।
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इन बिंदुओं पर रहा कई दिन गतिरोध
अयोध्या क्रूज लाइंस के सीईओ अतुल तेवतिया और उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ नगेंद्र प्रताप और डिप्टी सीईओ जेपी पांडेय आदि की बैठक में एमओयू के कुछ बिंदुओं को लेकर सहमति नहीं बन पा रही थी। इसमें प्रमुख बिंदु यही था कि कंपनी चाहती थी कि यमुना में किसी और कंपनी का स्टीमर नहीं चलना चाहिए। जबकि परिषद किसी अन्य स्टीमर पर रोक लगाने की पक्षधर नहीं थी। बाद में कंपनी ने परिषद की बात मानी।
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