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Agra News: सर्पदंश पीड़ित को दिया जाए उचित इलाज

Thu, 09 Jan 2025 01:45 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Thu, 09 Jan 2025 01:45 AM IST
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Proper treatment should be given to snakebite victim
कासगंज। राष्ट्रीय सर्पदंश नियंत्रण कार्यक्रम के तहत सीएमओ कार्यालय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत चिकित्सकों, फार्मासिस्ट,स्टाफ नर्स, बीसीपीएम, अन्य हेल्थ वर्कर को पीड़ित के सर्पदंश के इलाज सहित अन्य जानकारी दी गई। सर्पदंश पीड़ित का उचित इलाज करने के बारे में जानकारी दी गई।
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सीएमओ डॉ. राजीव अग्रवाल ने कहा कि भारत में न्यूरोटॉक्सिन, वैस्युलोटॉक्सिन के सांप पाए जाते हैं। सर्पदंश सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता का विषय है और कुछ मामलों में, वे मृत्यु, रुग्णता और विकलांगता का कारण बनते हैं। किसान, आदिवासी आबादी आदि अधिक जोखिम में हैं। सर्पदंश की समस्या से निपटने के लिए भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने भारत से वर्ष 2030 तक सर्पदंश के रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना शुरू की है।
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सभी सरकारी और निजी स्वास्थ्य सुविधाओं (मेडिकल कॉलेजों सहित) से आग्रह किया गया है कि वे सभी संदिग्ध संभावित सर्पदंश मामलों और मौतों की रिपोर्ट संलग्न प्रारूप में देना अनिवार्य करें। देश में लगभग 90 प्रतिशत सांप काटने के मामलों के लिए कॉमन क्रेट, इंडियन कोबरा, रसेल वाइपर और सॉ-स्केल्ड वाइपर जिम्मेदार हैं। प्रशिक्षक डॉ. अमीर खान ने कहा कि सर्पदंश पीड़ित का सीएचसी पर प्राथमिक उपचार जरूरी है।
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सर्पदंश पर बरते ये सावधानियां
डाॅक्टर अमीर उन्हें बताया कि सर्पदंश के रोगी को बाईं करवट से लिटाकर 108 एंबुलेंस से नजदीकी चिकित्सालय ले जाएं। सांप के डसने पर समय बर्बाद न करें। पीड़ित को तनावग्रस्त न होने दें। घाव पर न मलहम लगाएं और न चीरा। जहर को मुंह से निकालने का प्रयास न करें। झाड़-फूंक में समय नष्ट न करते हुए डॉक्टर के पास शीघ्र लेकर जाएं। सांप को मारने या पकड़ने का प्रयास ना करें। किसी प्रकार की उत्तेजक या दर्द निवारक दवाई नहीं दें।

08सीटीके12-देर शाम जिला विकास भवन के पीछे कचरे का ढेर। अमर उजाला

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