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ढाई करोड़ के गोल्ड लोन घोटाले की जांच पूरी, अब एसडीएम लगाएंगे अंतिम मुहर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 14 Nov 2018 01:22 AM IST
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कासगंज में केनरा बैंक गोल्ड लोन घोटाले की प्रशासनिक जांच तकरीबन पूरी हो चुकी है। तीन सदस्यीय टीम के दो सदस्यों ने जांच आख्या लगा दी है। अब करीब ढाई करोड़ रुपये के लोन घोटाले की जांच पर सहावर के एसडीएम अंतिम मुहर लगाएंगे। मामले में पुलिस जेल में बंद आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
बैंक के वैल्युअर राहुल देव की संस्तुति पर बैंक मैनेजर मनोज कुमार ने नकली सोने पर लोन दे दिया, जिसमें लाखों रुपये का गोल्ड लोन घोटाला किया गया। जब घोटाले की एक परत खुली फिर तो फर्जीवाड़े की लंबी सूची निकली। मामले में केनरा बैंक उच्चाधिकारियों ने जांच की।
डीएम आरपी सिंह ने सहावर के तत्कालीन एसडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम बनाई। लीड बैंक मैनेजर और कोषाधिकारी को भी इस टीम में शामिल किया गया। मामले में प्रशासनिक जांच शुरू ही हो पाई थी कि एसडीएम का स्थानांतरण इलाहाबाद जिले के लिए हो गया। इसके बाद यह जांच उलझी हुई थी।
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बैंक के वैल्युअर राहुल देव की संस्तुति पर बैंक मैनेजर मनोज कुमार ने नकली सोने पर लोन दे दिया, जिसमें लाखों रुपये का गोल्ड लोन घोटाला किया गया। जब घोटाले की एक परत खुली फिर तो फर्जीवाड़े की लंबी सूची निकली। मामले में केनरा बैंक उच्चाधिकारियों ने जांच की।
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डीएम आरपी सिंह ने सहावर के तत्कालीन एसडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम बनाई। लीड बैंक मैनेजर और कोषाधिकारी को भी इस टीम में शामिल किया गया। मामले में प्रशासनिक जांच शुरू ही हो पाई थी कि एसडीएम का स्थानांतरण इलाहाबाद जिले के लिए हो गया। इसके बाद यह जांच उलझी हुई थी।
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ढाई करोड़ से अधिक का घोटाला
पिछले दिनों अमर उजाला ने जांच की शिथिलता पर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की तो जांच टीम हरकत में आई। मामले में लीड बैंक प्रबंधक ने उपजिलाधिकारी को मौखिक अवगत कराया कि पूर्व के एसडीएम द्वारा प्रथम दृष्टया जांच कर ली गई थी।
अब समिति के सदस्य स्वयं एलडीएम एवं कोषाधिकारी ने जांच आख्या लगा दी है। जल्द ही पत्रावली पर उपजिलाधिकारी अंतिम मुहर लगाएंगे। जांच में पाया गया कि 150 से अधिक खाताधारक को गोल्ड लोन दिया गया, जिनमें ढाई करोड़ से अधिक को घोटाला किया गया था।
लीड बैंक मैनेजर महेश प्रकाश ने बताया कि बैंक द्वारा सौंपी गई जांच पूरी कर ली गई। उसके अलावा प्रशासनिक जांच की पत्रावली पूर्ण है। कोषाधिकारी ने भी आख्या तैयार की है। पत्रावली सहावर उपजिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।
जांच समिति अध्यक्ष एवं एसडीएम सहावर के संदीप केला ने बताया कि मुझे मौखिक जानकारी मिली है। पत्रावली आने पर उसका अवलोकन करूंगा। पूर्व के उपजिलाधिकारी ने किया जांच की और क्या रिपोर्ट है इसकी जांच कर अपनी आख्या लगाएंगे।
अब समिति के सदस्य स्वयं एलडीएम एवं कोषाधिकारी ने जांच आख्या लगा दी है। जल्द ही पत्रावली पर उपजिलाधिकारी अंतिम मुहर लगाएंगे। जांच में पाया गया कि 150 से अधिक खाताधारक को गोल्ड लोन दिया गया, जिनमें ढाई करोड़ से अधिक को घोटाला किया गया था।
लीड बैंक मैनेजर महेश प्रकाश ने बताया कि बैंक द्वारा सौंपी गई जांच पूरी कर ली गई। उसके अलावा प्रशासनिक जांच की पत्रावली पूर्ण है। कोषाधिकारी ने भी आख्या तैयार की है। पत्रावली सहावर उपजिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।
जांच समिति अध्यक्ष एवं एसडीएम सहावर के संदीप केला ने बताया कि मुझे मौखिक जानकारी मिली है। पत्रावली आने पर उसका अवलोकन करूंगा। पूर्व के उपजिलाधिकारी ने किया जांच की और क्या रिपोर्ट है इसकी जांच कर अपनी आख्या लगाएंगे।