{"_id":"5ec60bbd62daaa44ff714b89","slug":"pregnant-women-not-get-treatment-on-time-in-sn-and-lady-loyal-fetus-dead","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"लापरवाहीः एसएन में तीन घंटे कराहती रही गर्भवती, गर्भस्थ शिशु की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लापरवाहीः एसएन में तीन घंटे कराहती रही गर्भवती, गर्भस्थ शिशु की मौत
Thu, 21 May 2020 10:44 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 21 May 2020 10:44 AM IST
सार
कोविड-19 की रिपोर्ट निगेटिव होने पर भी भर्ती करने में की देरी
विज्ञापन
demo pic
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रसव पीड़ा से तीन घंटे तक गर्भवती कराहती रही, लेकिन एसएन मेडिकल कॉलेज और लेडी लॉयल के चिकित्सक एक-दूसरे के यहां भर्ती कराने के लिए चक्कर लगवाते रहे। कोई सुनवाई न होने पर परिजनों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी और पुलिस को फोन किया तब कहीं गर्भवती को भर्ती किया गया। जांच में पता चला कि गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई है।
आजमपाड़ा निवासी इमरान खान की 24 साल की गर्भवती पत्नी शबीना का इलाज लेडी लॉयल में चल रहा था। प्रसव पीड़ा होने पर 17 मई को परिजन गर्भवती को लेडी लॉयल लेकर आए। यहां चिकित्सकों ने कोविड-19 का नमूना लेकर गर्भवती को घर भेज दिया। 19 को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन दोबारा लेडी लॉयल लेकर गए।
इनके भाई मोहम्मद शफीक का आरोप है कि सुबह 10:30 बजे बहन को लेकर भर्ती करने गए, डॉक्टरों ने रिपोर्ट मांगी तो काउंटर से रिपोर्ट लेकर आए, जिसमें निगेटिव थी। चिकित्सकों ने लेडी लॉयल के डॉक्टरों के पास भेज दिया, वहां जाने पर एसएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के पास डिलीवरी कराने की बात कहते हुए टरका दिया। करीब दो-ढाई घंटे तक यही खेल चलता रहा। बहन दर्द से कराह रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
आजमपाड़ा निवासी इमरान खान की 24 साल की गर्भवती पत्नी शबीना का इलाज लेडी लॉयल में चल रहा था। प्रसव पीड़ा होने पर 17 मई को परिजन गर्भवती को लेडी लॉयल लेकर आए। यहां चिकित्सकों ने कोविड-19 का नमूना लेकर गर्भवती को घर भेज दिया। 19 को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन दोबारा लेडी लॉयल लेकर गए।
विज्ञापन
इनके भाई मोहम्मद शफीक का आरोप है कि सुबह 10:30 बजे बहन को लेकर भर्ती करने गए, डॉक्टरों ने रिपोर्ट मांगी तो काउंटर से रिपोर्ट लेकर आए, जिसमें निगेटिव थी। चिकित्सकों ने लेडी लॉयल के डॉक्टरों के पास भेज दिया, वहां जाने पर एसएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के पास डिलीवरी कराने की बात कहते हुए टरका दिया। करीब दो-ढाई घंटे तक यही खेल चलता रहा। बहन दर्द से कराह रही थी।
विज्ञापन
कोई सुनवाई न होने पर सीएमओ को फोन लगाया। उन्होंने सीएमएस-एसआईसी से मिलने के लिए कहा। पुलिस को भी फोन कर बुला लिया। इसके बाद ही करीब एक बजे बहन को भर्ती किया। डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड कर बताया कि गर्भस्थ शिशु की मौत हो चुकी है।
भर्ती कर प्रसव कराते तो बच जाती शिशु की जान: शफीक अहमद
प्रसूता के भाई मोहम्मद शफीक का कहना है कि कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद भी बहन को भर्ती नहीं किया। समय पर बहन को भर्ती कर प्रसव करा दिया जाता तो शिशु की जान बच जाती। बहन का यह पहला बच्चा था।
एक बजे भर्ती हुई तीन बजे कर दिया था ऑपरेशन: डॉ. आशा शर्मा
लेडी लॉयल की एसआईसी डॉ. आशा शर्मा का कहना है कि मेरे पास जानकारी आने के बाद एक बजे गर्भवती को भर्ती किया। सीनियर डॉक्टर भी लगाए, तीन बजे ऑपरेशन कर दिया था।
नॉन कोविड गर्भवती का लेडी लॉयल स्टाफ को ही कराना है प्रसव: डॉ. संजय काला
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि नॉन कोविड गर्भवती महिलाओं का प्रसव लेडी लॉयल स्टाफ को ही कराना है। प्रशासन की ओर से पहले से ही इसकी गाइड लाइन तय की है।
भर्ती कर प्रसव कराते तो बच जाती शिशु की जान: शफीक अहमद
प्रसूता के भाई मोहम्मद शफीक का कहना है कि कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद भी बहन को भर्ती नहीं किया। समय पर बहन को भर्ती कर प्रसव करा दिया जाता तो शिशु की जान बच जाती। बहन का यह पहला बच्चा था।
एक बजे भर्ती हुई तीन बजे कर दिया था ऑपरेशन: डॉ. आशा शर्मा
लेडी लॉयल की एसआईसी डॉ. आशा शर्मा का कहना है कि मेरे पास जानकारी आने के बाद एक बजे गर्भवती को भर्ती किया। सीनियर डॉक्टर भी लगाए, तीन बजे ऑपरेशन कर दिया था।
नॉन कोविड गर्भवती का लेडी लॉयल स्टाफ को ही कराना है प्रसव: डॉ. संजय काला
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि नॉन कोविड गर्भवती महिलाओं का प्रसव लेडी लॉयल स्टाफ को ही कराना है। प्रशासन की ओर से पहले से ही इसकी गाइड लाइन तय की है।