{"_id":"5e4431568ebc3ee5c9226578","slug":"pradhan-mainpuri-news-agr429173446","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रधान ने नहीं दिया कुर्क फसल का हिसाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रधान ने नहीं दिया कुर्क फसल का हिसाब
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। तहसील भोगांव क्षेत्र में ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा करके बोई गई धान की कुर्क की गई फसल का ग्राम प्रधान ने हिसाब नहीं दिया है। विधिक सेवा प्राधिकरण में की गई शिकायत पर प्राधिकरण सचिव ने एसडीएम भोगांव से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है।
तहसील भोगांव के गांव सुरजनपुर में ग्राम समाज की जमीन का फर्जी तरीके से एक पट्टा गांव की हरप्यारी के नाम कर दिया गया था। फर्जी पट्टे की शिकायत के बाद तत्कालीन डीएम ने जांच कराई। जांच के दौरान पट्टा फर्जी साबित होने पर तत्कालीन डीएम ने 20 अक्तूबर 2010 को पट्टा निरस्त करके जमीन को ग्राम समाज के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज करा दिया। उसके बाद भी हरप्यारी के परिवार के लोग जमीन पर फसल करते रहे।
दोबारा की गई शिकायत के बाद डीएम के आदेश पर राजस्व कर्मियों ने 26 अक्तूबर 2019 को गांव पहुंचकर जमीन की नापजोख की। ग्राम समाज की जमीन पर हरप्यारी केे परिवार के महेश, जनवेद, धर्मवीर, रामबरन, चंद्रवीर द्वारा बोई गई धान की 25 क्विंटल फसल को कुर्क करके ग्राम प्रधान की सुपुर्दगी में दे दिया। उसके बाद ग्राम प्रधान ने कुर्क फसल का कोई हिसाब नहीं दिया।
विज्ञापन
एसडीएम से मांगी रिपोर्ट
गांव के आशाराम की शिकायत पर विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव तरन्नुम खान ने एसडीएम भोगांव से रिपोर्ट मांगी है। आशाराम ने कुर्क फसल का तहसील में हिसाब नहीं देने का आरोप लगाया है। आशाराम की शिकायत पर विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव ने एसडीएम भोगांव से मामले की रिपोर्ट मांगी है।
ग्राम प्रधान से कुर्क फसल के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। मामले की तहसीलदार से भी जांच कराई गई है। जांच के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में रिपोर्ट भेजी गई है।
सुधीर कुमार, एसडीएम भोगांव
विज्ञापन
तहसील भोगांव के गांव सुरजनपुर में ग्राम समाज की जमीन का फर्जी तरीके से एक पट्टा गांव की हरप्यारी के नाम कर दिया गया था। फर्जी पट्टे की शिकायत के बाद तत्कालीन डीएम ने जांच कराई। जांच के दौरान पट्टा फर्जी साबित होने पर तत्कालीन डीएम ने 20 अक्तूबर 2010 को पट्टा निरस्त करके जमीन को ग्राम समाज के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज करा दिया। उसके बाद भी हरप्यारी के परिवार के लोग जमीन पर फसल करते रहे।
विज्ञापन
दोबारा की गई शिकायत के बाद डीएम के आदेश पर राजस्व कर्मियों ने 26 अक्तूबर 2019 को गांव पहुंचकर जमीन की नापजोख की। ग्राम समाज की जमीन पर हरप्यारी केे परिवार के महेश, जनवेद, धर्मवीर, रामबरन, चंद्रवीर द्वारा बोई गई धान की 25 क्विंटल फसल को कुर्क करके ग्राम प्रधान की सुपुर्दगी में दे दिया। उसके बाद ग्राम प्रधान ने कुर्क फसल का कोई हिसाब नहीं दिया।
विज्ञापन
एसडीएम से मांगी रिपोर्ट
गांव के आशाराम की शिकायत पर विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव तरन्नुम खान ने एसडीएम भोगांव से रिपोर्ट मांगी है। आशाराम ने कुर्क फसल का तहसील में हिसाब नहीं देने का आरोप लगाया है। आशाराम की शिकायत पर विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव ने एसडीएम भोगांव से मामले की रिपोर्ट मांगी है।
ग्राम प्रधान से कुर्क फसल के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। मामले की तहसीलदार से भी जांच कराई गई है। जांच के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में रिपोर्ट भेजी गई है।
सुधीर कुमार, एसडीएम भोगांव