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7.91 लाख का घोटाला करने पर नवाटेढ़ा प्रधान के अधिकार सीज
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मैनपुरी। विकास खंड बरनाहल की ग्राम पंचायत नवाटेढ़ा में हुए घोटाले में जिलाधिकारी ने प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। अब ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के लिए तीन सदस्यीय समिति को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कार्रवाई के बाद ग्राम पंचायत में खलबली मच गई है।
ग्राम पंचायत नवाटेढ़ा में एक शिकायत पर आचार्य ग्राम्य विकास संस्थान धीरेंद्र कुमार और भूमि संरक्षण अधिकारी विजय सिंह ने विकास कार्यों की जांच की थी। जांच में ग्राम पंचायत में वर्ष 2016-17 में 7.91 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया। जांच रिपोर्ट के अनुसार ग्राम प्रधान ज्ञान देवी ने कई ऐसे कार्यों के नाम पर लाखों की धनराशि निकाल ली, जो कार्य गांव में कराए ही नहीं गए। इसमें खड़ंजा, नाली निर्माण, पंचायत घर की मरम्मत के साथ ही अन्य कार्य शामिल थे। जांच में पता चला कि वर्ष 2014-15 में ही पंचायत घर का निर्माण करवाया गया था लेकिन ग्राम प्रधान ने दो साल बाद ही वर्ष 2016-17 में पंचायत घर की मरम्मत के नाम पर 1.26 लाख रुपये निकाल लिए।
जांच के दौरान ग्रामीणों ने किसी प्रकार की मरम्मत न होने की पुष्टि की। इसी तरह खड़ंजा निर्माण के नाम पर 1.64 लाख, नाली निर्माण के नाम पर 3.60 लाख रुपये आदि की धनराशि आहरित की गई। जांच में कुल 7.91 लाख का घोटाला साबित हुआ। रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी प्रमोद कुमार उपाध्याय ने ग्राम प्रधान नवाटेढ़ा के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए। मामले में पंचायत सचिव रतन सिंह को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। कार्रवाई के बाद ग्राम पंचायत में खलबली मच गई है।
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ये था मामला
इसी वर्ष जुलाई में नवाटेढ़ा निवासी वीर बहादुर सिंह ने प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव से ग्राम पंचायत में घोटाले की शिकायत की थी। प्रभारी मंत्री की संस्तुति पर तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी कपिल सिंह ने दो अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाकर शिकायत के बिंदुओं पर जांच के आदेश दिए थे।
इन्हें मिली जिम्मेदारी
ग्राम पंचायत नवाटेढ़ा में प्रधान के अधिकार सीज करने के बाद तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। इसमें पंचायत सदस्य शकुंतला देवी, वीरेंद्र सिंह और दिनेश कुमार को शामिल किया गया है। अब गांव में सभी विकास कार्य तीनों सदस्यों की सहमति से ही कराए जाएंगे।
जिला कार्यक्रम अधिकारी करेंगे जांच
ग्राम प्रधान नवाटेढ़ा ज्ञान देवी के अधिकार सीज करने के बाद जिलाधिकारी ने फाइनल जांच के भी आदेश दिए हैं। इसके लिए उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद कुमार को जांच अधिकारी नामित किया है। एक माह में वे फाइनल जांच कर जिलाधिकारी को जांच रिपोर्ट सौंपेंगे। इसी रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
जांच में ग्राम प्रधान द्वारा घोटाला करने का मामला सामने आया था। जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान के अधिकार सीज कर तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है।
स्वामीदीन, डीपीआरओ।
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ग्राम पंचायत नवाटेढ़ा में एक शिकायत पर आचार्य ग्राम्य विकास संस्थान धीरेंद्र कुमार और भूमि संरक्षण अधिकारी विजय सिंह ने विकास कार्यों की जांच की थी। जांच में ग्राम पंचायत में वर्ष 2016-17 में 7.91 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया। जांच रिपोर्ट के अनुसार ग्राम प्रधान ज्ञान देवी ने कई ऐसे कार्यों के नाम पर लाखों की धनराशि निकाल ली, जो कार्य गांव में कराए ही नहीं गए। इसमें खड़ंजा, नाली निर्माण, पंचायत घर की मरम्मत के साथ ही अन्य कार्य शामिल थे। जांच में पता चला कि वर्ष 2014-15 में ही पंचायत घर का निर्माण करवाया गया था लेकिन ग्राम प्रधान ने दो साल बाद ही वर्ष 2016-17 में पंचायत घर की मरम्मत के नाम पर 1.26 लाख रुपये निकाल लिए।
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जांच के दौरान ग्रामीणों ने किसी प्रकार की मरम्मत न होने की पुष्टि की। इसी तरह खड़ंजा निर्माण के नाम पर 1.64 लाख, नाली निर्माण के नाम पर 3.60 लाख रुपये आदि की धनराशि आहरित की गई। जांच में कुल 7.91 लाख का घोटाला साबित हुआ। रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी प्रमोद कुमार उपाध्याय ने ग्राम प्रधान नवाटेढ़ा के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए। मामले में पंचायत सचिव रतन सिंह को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। कार्रवाई के बाद ग्राम पंचायत में खलबली मच गई है।
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ये था मामला
इसी वर्ष जुलाई में नवाटेढ़ा निवासी वीर बहादुर सिंह ने प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव से ग्राम पंचायत में घोटाले की शिकायत की थी। प्रभारी मंत्री की संस्तुति पर तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी कपिल सिंह ने दो अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाकर शिकायत के बिंदुओं पर जांच के आदेश दिए थे।
इन्हें मिली जिम्मेदारी
ग्राम पंचायत नवाटेढ़ा में प्रधान के अधिकार सीज करने के बाद तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। इसमें पंचायत सदस्य शकुंतला देवी, वीरेंद्र सिंह और दिनेश कुमार को शामिल किया गया है। अब गांव में सभी विकास कार्य तीनों सदस्यों की सहमति से ही कराए जाएंगे।
जिला कार्यक्रम अधिकारी करेंगे जांच
ग्राम प्रधान नवाटेढ़ा ज्ञान देवी के अधिकार सीज करने के बाद जिलाधिकारी ने फाइनल जांच के भी आदेश दिए हैं। इसके लिए उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद कुमार को जांच अधिकारी नामित किया है। एक माह में वे फाइनल जांच कर जिलाधिकारी को जांच रिपोर्ट सौंपेंगे। इसी रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
जांच में ग्राम प्रधान द्वारा घोटाला करने का मामला सामने आया था। जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान के अधिकार सीज कर तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है।
स्वामीदीन, डीपीआरओ।