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पाउडर का दूध बच्चों का कर दिया वितरण, अभिभावकों ने किया प्रदर्शन
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किशनी प्राथमिक विद्यालय गेट पर प्रदर्शन करते नाराज ग्रामीण
- फोटो : MAINPURI
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किशनी। समान न्याय पंचायत के प्राथमिक विद्यालय चितायन में ताजे दूध की जगह पाउडर का दूध बच्चों को पानी में मिलाकर वितरित किया जा रहा है। इससे बच्चों के स्वास्थ्य खराब होने का अंदेशा बढ़ रहा है। आक्रोशित अभिभावकों ने बुधवार को विद्यालय के गेट पर प्रदर्शन किया। खंड शिक्षाधिकारी ने प्रधानाध्यापक को नोटिस जारी किया है।
बुधवार को प्राथमिक विद्यालय चितायन में ताजे दूध की जगह बच्चों को डिब्बे से पाउडर का दूध बनाकर वितरित करवाने की जानकारी अभिभावकों और ग्रामीणों को मिली। जिस पर अभिभावक स्कूल पहुंच गए। अभिभावक आशीष बैस ने जानकारी ली तो बच्चों ने बताया कि डिब्बे के पाउडर वाले दूध से पानी मिलाकर दूध बनाया गया है। इस पर ग्रामीणों ने दूध का वितरण बंद कराते हुए विद्यालय के गेट पर ही प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी खंड शिक्षाधिकारी सुनील कुमार दुबे और ग्राम प्रधान को दी।
सहायक अध्यापक प्रियंका ने बताया कि एमडीएम और दूध वितरण की जिम्मेदारी इंचार्ज प्रधानाध्यापक नीतू की है। नीतू अवकाश पर हैं। मैने उनसे बात की उनके द्वारा बताया गया कि डिब्बा मंगाकर पाउडर का दूध बनाकर बच्चों को वितरित करा दो। उनके कहे अनुसार ही मैने ऐसा किया है।
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खंड शिक्षाधिकारी सुनील कुमार दुबे ने नोटिस जारी कर इंचार्ज प्रधानाध्यापिका से जवाब मांगा है। मौके पर पहुंचे ग्राम प्रधान प्रतिनिधि गौरव खटीक का कहना है कि पानी जैसे दूध के पीने से बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
प्रदर्शन करने वालों में आशीष बैस, राधाकृष्ण बाथम, देवानंद, लालजी चौहान, लालू बाथम, शैलेंद्र चक, नन्हें बाथम, अशीम अली, भारत यादव शामिल थे।
इंचार्ज प्रधानाध्यापक लंबे समय से नहीं पहुंच रहीं स्कूल
अभिभावकों ने अधिकारियों से की शिकायत में कहा कि इंचार्ज प्रधानाध्यापक नीतू लंबे समय से स्कूल नहीं पहुंच रही है। पहले उनके द्वारा शिक्षक उपस्थिति रजिस्टर पर सीएल दर्ज किया जाता है बाद में उपस्थिति दर्ज करा दी जाती है।
मामले की जानकारी मिली है। संबंधित प्रधानाध्यापिका और सहायक अध्यापिका को नोटिस जारी किया जा रहा है। तीन दिन में जवाब देना होगा। इसके अतिरिक्त वह स्वयं मौके पर जाकर जांच करेंगे। आरोप सही मिलने पर संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
सुनील कुमार दुबे, खंड शिक्षाधिकारी किशनी
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बुधवार को प्राथमिक विद्यालय चितायन में ताजे दूध की जगह बच्चों को डिब्बे से पाउडर का दूध बनाकर वितरित करवाने की जानकारी अभिभावकों और ग्रामीणों को मिली। जिस पर अभिभावक स्कूल पहुंच गए। अभिभावक आशीष बैस ने जानकारी ली तो बच्चों ने बताया कि डिब्बे के पाउडर वाले दूध से पानी मिलाकर दूध बनाया गया है। इस पर ग्रामीणों ने दूध का वितरण बंद कराते हुए विद्यालय के गेट पर ही प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी खंड शिक्षाधिकारी सुनील कुमार दुबे और ग्राम प्रधान को दी।
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सहायक अध्यापक प्रियंका ने बताया कि एमडीएम और दूध वितरण की जिम्मेदारी इंचार्ज प्रधानाध्यापक नीतू की है। नीतू अवकाश पर हैं। मैने उनसे बात की उनके द्वारा बताया गया कि डिब्बा मंगाकर पाउडर का दूध बनाकर बच्चों को वितरित करा दो। उनके कहे अनुसार ही मैने ऐसा किया है।
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खंड शिक्षाधिकारी सुनील कुमार दुबे ने नोटिस जारी कर इंचार्ज प्रधानाध्यापिका से जवाब मांगा है। मौके पर पहुंचे ग्राम प्रधान प्रतिनिधि गौरव खटीक का कहना है कि पानी जैसे दूध के पीने से बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
प्रदर्शन करने वालों में आशीष बैस, राधाकृष्ण बाथम, देवानंद, लालजी चौहान, लालू बाथम, शैलेंद्र चक, नन्हें बाथम, अशीम अली, भारत यादव शामिल थे।
इंचार्ज प्रधानाध्यापक लंबे समय से नहीं पहुंच रहीं स्कूल
अभिभावकों ने अधिकारियों से की शिकायत में कहा कि इंचार्ज प्रधानाध्यापक नीतू लंबे समय से स्कूल नहीं पहुंच रही है। पहले उनके द्वारा शिक्षक उपस्थिति रजिस्टर पर सीएल दर्ज किया जाता है बाद में उपस्थिति दर्ज करा दी जाती है।
मामले की जानकारी मिली है। संबंधित प्रधानाध्यापिका और सहायक अध्यापिका को नोटिस जारी किया जा रहा है। तीन दिन में जवाब देना होगा। इसके अतिरिक्त वह स्वयं मौके पर जाकर जांच करेंगे। आरोप सही मिलने पर संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
सुनील कुमार दुबे, खंड शिक्षाधिकारी किशनी