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तालाब से कब्जा नहीं हटने पर अवमानना के आरोप में फंसे तहसीलदार
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आगरा। तालाब से तीन महीने में अवैध कब्जा हटाने के आदेश दिया गया लेकिन आठ महीने बाद भी कब्जा नहीं हटाया गया। प्रकरण में हाईकोर्ट ने खेरागढ़ तहसीलदार प्रदीप कुमार सिंह के विरुद्ध अवमानना का कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एक अप्रैल तक तहसीलदार को हाईकोर्ट में व्यक्तिगत हलफनामा प्रस्तुत करना होगा।
खेरागढ़ तहसील की सैंया ग्राम पंचायत के राजस्व रिकॉर्ड में गाटा संख्या 633 में तालाब दर्ज है। इसे अतिक्रमण कर पाट दिया गया है। मामले में वर्ष 2016 से एफआईआर दर्ज है, फिर भी पांच साल तक कब्जे नहीं हटे। अगस्त, 2021 में अधिवक्ता सुरेश चंद सोनी ने डीएम, एसडीएम को चार पत्र भेजे। फिर भी सुनवाई नहीं होने पर जनहित याचिका 1051/2021 दायर की। कोर्ट ने तीन महीने में तहसीलदार को कब्जा हटाने के आदेश दिए थे। परंतु हाईकोर्ट के आदेश के आठ महीने बाद भी कब्जा नहीं हटने पर याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट की शरण ली। न्यायालय के आदेश की अवमानना याचिका दायर की। 16 मार्च को आए आदेश में हाईकोर्ट ने तहसीलदार को इस मामले में व्यक्तिगत हलफनामा प्रस्तुत करने का नोटिस मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के माध्यम से जारी किया है।
याचिकाकर्ता सुरेश चंद सोनी का आरोप है कि प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर प्रशासनिक अधिकारी लापरवाह हैं। हाईकोर्ट के आदेशों का पालन नहीं कराते। इस संबंध में डीएम प्रभु एन सिंह का कहना है कि तालाबों से अवैध कब्जे हटाए जा रहे हैं। तहसीलदार प्रकरण में जवाब प्रस्तुत किया जाएगा। अगर लापरवाही हुई है तो कार्रवाई करेंगे।
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खेरागढ़ तहसील की सैंया ग्राम पंचायत के राजस्व रिकॉर्ड में गाटा संख्या 633 में तालाब दर्ज है। इसे अतिक्रमण कर पाट दिया गया है। मामले में वर्ष 2016 से एफआईआर दर्ज है, फिर भी पांच साल तक कब्जे नहीं हटे। अगस्त, 2021 में अधिवक्ता सुरेश चंद सोनी ने डीएम, एसडीएम को चार पत्र भेजे। फिर भी सुनवाई नहीं होने पर जनहित याचिका 1051/2021 दायर की। कोर्ट ने तीन महीने में तहसीलदार को कब्जा हटाने के आदेश दिए थे। परंतु हाईकोर्ट के आदेश के आठ महीने बाद भी कब्जा नहीं हटने पर याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट की शरण ली। न्यायालय के आदेश की अवमानना याचिका दायर की। 16 मार्च को आए आदेश में हाईकोर्ट ने तहसीलदार को इस मामले में व्यक्तिगत हलफनामा प्रस्तुत करने का नोटिस मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के माध्यम से जारी किया है।
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याचिकाकर्ता सुरेश चंद सोनी का आरोप है कि प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर प्रशासनिक अधिकारी लापरवाह हैं। हाईकोर्ट के आदेशों का पालन नहीं कराते। इस संबंध में डीएम प्रभु एन सिंह का कहना है कि तालाबों से अवैध कब्जे हटाए जा रहे हैं। तहसीलदार प्रकरण में जवाब प्रस्तुत किया जाएगा। अगर लापरवाही हुई है तो कार्रवाई करेंगे।
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