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Health News: पोषण की कमी से कमजोर पड़ रही मातृत्व की नींव, लेडी लॉयल के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
Sat, 27 Jun 2026 10:48 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Sat, 27 Jun 2026 10:48 AM IST
सार
खानपान की अनदेखी से गर्भवती महिलाओं के लिए खतरनाक है। महिला चिकित्सालय (लेडी लॉयल) की ओपीडी आंकड़ों के मुताबिक यहां रोजाना लगभग 200 गर्भवती महिलाएं पंजीकरण कराती हैं, इनमें से लगभग 70 फीसदी महिलाएं एनीमिया (खून की कमी) से ग्रसित मिल रही हैं।
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लेडी लॉयल अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के लेडी लॉयल अस्पताल की ओपीडी में पंजीकरण कराने वाली लगभग 70 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं एनीमिया यानी खून की कमी से पीड़ित मिल रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार, खानपान की अनदेखी और हीमोग्लोबिन जांच को नजरअंदाज करने से मां और नवजात दोनों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा बढ़ रहा है।
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स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. वंदना ने बताया कि इसका सबसे बड़ा कारण जागरूकता की कमी है। देखा जाए तो गर्भवती महिलाएं भी खानपान की अनदेखी करती हैं। साथ ही उनका ध्यान सिर्फ अल्ट्रासाउंड कराने पर रहता है। खून की जांच (हीमोग्लोबिन टेस्ट) को नजरअंदाज कर देती हैं। बताया कि शरीर में खून की कमी होने पर डिलीवरी के समय अत्यधिक रक्तस्राव का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जो मां और नवजात शिशु दोनों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। एनीमिया के कारण बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास भी बाधित होता है।
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इसका ध्यान रखें
- अल्ट्रासाउंड के साथ, हीमोग्लोबिन की भी नियमित जांच कराएं।
-आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, गुड़, चना, अनार और चुकंदर शामिल करें।
- डॉक्टर की ओर से दी गई आयरन की गोलियों का नियमित सेवन करें।
- बाहर के जंक फूड से बचें और घर का बना संतुलित आहार लें।
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स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. वंदना ने बताया कि इसका सबसे बड़ा कारण जागरूकता की कमी है। देखा जाए तो गर्भवती महिलाएं भी खानपान की अनदेखी करती हैं। साथ ही उनका ध्यान सिर्फ अल्ट्रासाउंड कराने पर रहता है। खून की जांच (हीमोग्लोबिन टेस्ट) को नजरअंदाज कर देती हैं। बताया कि शरीर में खून की कमी होने पर डिलीवरी के समय अत्यधिक रक्तस्राव का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जो मां और नवजात शिशु दोनों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। एनीमिया के कारण बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास भी बाधित होता है।
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- अल्ट्रासाउंड के साथ, हीमोग्लोबिन की भी नियमित जांच कराएं।
-आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, गुड़, चना, अनार और चुकंदर शामिल करें।
- डॉक्टर की ओर से दी गई आयरन की गोलियों का नियमित सेवन करें।
- बाहर के जंक फूड से बचें और घर का बना संतुलित आहार लें।
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