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Air Pollution: प्रदूषण से लोगों की सेहत पर बुरा असर, भूख भी हो रही प्रभावित, बढ़ रहा चिड़चिड़ापन

Wed, 11 Nov 2020 04:07 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 11 Nov 2020 04:07 PM IST
सार

  • कमजोरी और बेचैनी से झल्लाहट, गुस्सा भी कर रहे लोग
  • चिकित्सक बोले, हर चौथे मरीज के परिजन करते हैं यह शिकायत

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Pollution in Agra News: Air Pollution bad effect on health
आगरा में छाई धुंध - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में बढ़ता प्रदूषण और बदल रहा मौसम लोगों को चिड़चिड़ा बना रहा है। जुकाम से नाक बंद है, सीने में जकड़न, सांस लेने में परेशानी से नींद नहीं आ रही है। लंबे समय से ऐसे हालात से गुस्सा अधिक आने लगा है। जरा-जरा सी बात पर झुंझलाहट होने लगती है। ऐसी कई शिकायतों के साथ लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। 

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बीते सात दिन में प्रदूषण बेहद खतरनाक स्तर पर है। धूल-धुएं से खराश, जुकाम, एलर्जी, सांस नलिकाओं में संक्रमण और छाती में दर्द की परेशानी हो रही है। इससे लोगों की नींद पूरी नहीं हो रही, बेचैैनी रहती है, कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। 
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एसएन मेडिकल कॉलेज वक्ष रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि ओपीडी में हर चौथे मरीज के तीमारदार शिकायत करते हैं कि बीमार रहने से यह बात-बात पर गुस्सा करने लगे हैं। तेज आवाज में बात करने, झल्लाने की आदत पड़ गई है। डॉ. संतोष ने बताया कि दरअसल, लंबे समय तक बीमारी से मरीज की मानसिक परेशानी भी होने लगती है। 
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थकान, बेचैनी से बढ़ रही झल्लाहट: डॉ. गौतम

एसएन मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि प्रदूषण से करीब 15 दिन से हालत खराब हैं। लोग घरों से बाहर कामकाज के लिए जाते हैं, धूल-धुआं से जुकाम-खांसी और नाक की नलिकाओं में सूजन से सांस लेने में परेशानी हो रही है। इससे भूख कम लगना, थकावट और कमजोरी से चिड़चिड़ापन, गुस्सा होना स्वाभाविक है। मरीज यह भी परेशानी बता रहे हैं।

दिमागी तौर पर हो जाते हैं परेशान: डॉ. राठौर

मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के डॉ. दिनेश राठौर ने बताया कि जुकाम-खांसी और छाती में जकड़न लगातार रहने से मरीज दिमागी तौर पर परेशान हो जाता है। बात-बात पर गुस्सा करना, काम में मन न लगना, खीझना जैसी दिक्कत होने लगती हैं। यह अस्थायी है और सेहत ठीक होने पर हालत सामान्य हो जाती है।
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