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थानेदार की राजनीतिॅ पर भड़कीं महिला आयोग की सदस्य
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 10 Sep 2016 12:01 AM IST
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बहादुर बिटिया नाजिया के घर लगाई पुलिस अफसरों की क्लास
- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य सुषमा साहू बहादुर बिटिया नाजिया से मिलने शुक्रवार दोपहर मंटोला के सदर भट्ठी स्थित उसके घर पहुंची। नाजिया को गली के गुंडे परेशान कर रहे हैं। उसने दो दिन पहले सीएम अखिलेश यादव को ट्वीट कर अपनी व्यथा बताई थी। बावजूद इसके पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया। इसका पता चलने पर साहू आई और पुलिस अफसरों वहीं बुलाकर उनकी क्लास लगा दी।
उन्होंने मंटोला के थाना प्रभारी शिव कुमार से नाजिया की ओर से दर्ज केस के बारे में पूछा। जवाब मिला, सर, पहले तो इसमें समझौता हो गया था, इसलिए एक्शन नहीं लिया, और फिर इसने (नाजिया ने) हिंदू संगठनों को बुला लिया था, इसलिए कार्रवाई नहीं हो पाई।
इतना सुनते ही सुषमा साहू बुरी तरह से उखड़ गईं। बोलीं, तुम्हें मालूम है क्या कह रहे हो, राजनीति का काम नेताओं के लिए छोड़ दो। पीड़ित को पीड़ित समझो और अपराधी को अपराधी। हिंदू-मुस्लिम की बात पुलिस को नहीं करनी चाहिए। उन्हें तल्ख तेवरों में पूछा, क्या नाम है तुम्हारा और कौन से बैच के हो?
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इसके बाद उन्होंने एसओ और सीओ को तीन दिन में कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया। उधर, नाजिया की मां ने कहा कि अगर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो वह घर बेचकर यहां से चले जाएंगे। लेकिन नाजिया ने कहा कि वह हिम्मत नहीं हारेगी, अंजाम चाहे कुछ भी हो, अपराधियों से नहीं डरेगी। नाजिया ने बताया कि उसने लक्ष्मी, वीरपाल, धन्नू और चंद्रपाल के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करा रखी है।
बहादुरी के लिए मिला सम्मान
12 वीं की छात्रा नाजिया ने पिछले साल सात जुलाई को एक बच्ची का अपहरण होने से बचाया था। इसके लिए उसे महिला दिवस पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रानी लक्ष्मीबाई अवार्ड से नवाजा। इसके बाद एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में अभिनेता अक्षय कुमार ने भी उसकी बहादुरी को सलाम किया।
गली के गुंडों कर रहे परेशान
पिछले कुछ दिनों से गली के चार गुंडे उसे परेशान कर रहे थे। वह स्कूल जाती है तो रास्ता रोक लेते है। नाजिया का कहना है कि यह लोग सट्टा करते हैं, उसने इनकी शिकायत पुलिस से की थी। इसी पर दुश्मनी मान बैठे हैं। उसने एफआईआर कराई थी।
सीएम को ट्वीट, फिर भी एक्शन नहीं
जब एक्शन नहीं हुआ तो सात सितंबर को सीएम अखिलेश यादव के ट्विटर एकाउंट पर शिकायत की। इसके बावजूद पुलिस हरकत में नहीं आई। इसका पता चलने पर साहू उसके घर पहुंची।
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उन्होंने मंटोला के थाना प्रभारी शिव कुमार से नाजिया की ओर से दर्ज केस के बारे में पूछा। जवाब मिला, सर, पहले तो इसमें समझौता हो गया था, इसलिए एक्शन नहीं लिया, और फिर इसने (नाजिया ने) हिंदू संगठनों को बुला लिया था, इसलिए कार्रवाई नहीं हो पाई।
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इतना सुनते ही सुषमा साहू बुरी तरह से उखड़ गईं। बोलीं, तुम्हें मालूम है क्या कह रहे हो, राजनीति का काम नेताओं के लिए छोड़ दो। पीड़ित को पीड़ित समझो और अपराधी को अपराधी। हिंदू-मुस्लिम की बात पुलिस को नहीं करनी चाहिए। उन्हें तल्ख तेवरों में पूछा, क्या नाम है तुम्हारा और कौन से बैच के हो?
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इसके बाद उन्होंने एसओ और सीओ को तीन दिन में कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया। उधर, नाजिया की मां ने कहा कि अगर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो वह घर बेचकर यहां से चले जाएंगे। लेकिन नाजिया ने कहा कि वह हिम्मत नहीं हारेगी, अंजाम चाहे कुछ भी हो, अपराधियों से नहीं डरेगी। नाजिया ने बताया कि उसने लक्ष्मी, वीरपाल, धन्नू और चंद्रपाल के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करा रखी है।
बहादुरी के लिए मिला सम्मान
12 वीं की छात्रा नाजिया ने पिछले साल सात जुलाई को एक बच्ची का अपहरण होने से बचाया था। इसके लिए उसे महिला दिवस पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रानी लक्ष्मीबाई अवार्ड से नवाजा। इसके बाद एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में अभिनेता अक्षय कुमार ने भी उसकी बहादुरी को सलाम किया।
गली के गुंडों कर रहे परेशान
पिछले कुछ दिनों से गली के चार गुंडे उसे परेशान कर रहे थे। वह स्कूल जाती है तो रास्ता रोक लेते है। नाजिया का कहना है कि यह लोग सट्टा करते हैं, उसने इनकी शिकायत पुलिस से की थी। इसी पर दुश्मनी मान बैठे हैं। उसने एफआईआर कराई थी।
सीएम को ट्वीट, फिर भी एक्शन नहीं
जब एक्शन नहीं हुआ तो सात सितंबर को सीएम अखिलेश यादव के ट्विटर एकाउंट पर शिकायत की। इसके बावजूद पुलिस हरकत में नहीं आई। इसका पता चलने पर साहू उसके घर पहुंची।