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सुबह-सुबह लोगों को संदेश भेज रहे नेताजी
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पहले चुनावों के दौरान गांवों की गलियां पोस्टर-बैनर से पट जाती थीं। वक्त के साथ चुनाव प्रचार का तरीका भी बदल गया है। इस बार उम्मीदवार प्रचार के लिए सोशल मीडिया को हथियार बनाए हैं। प्रत्याशी फेसबुक-व्हाट्सएप से प्रचार करने पर जोर दे रहे हैं। व्हाट्सएप पर सुबह-शाम अभिवादन कर मतदाताओं को लुभाया जा रहा है। वार्ड संख्या के ग्रुप बना लिए हैं।
बाह में प्रधान पद के एक प्रत्याशी ने बताया कि अब गांव-देहात में हर किसी के पास मोबाइल फोन है। ऐसे में प्रचार का सोशल साइटों से अच्छा दूसरा कोई विकल्प नहीं हो सकता। क्षेत्र पंचायत सदस्य के एक प्रत्याशी बोले इससे पोस्टर-बैनर का खर्च भी बच रहा है।
हालांकि इस बदली हुई चुनाव प्रचार की शैली से प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को झटका लगा है। बाह के पंकज, डोंगर सिंह, मुकेश आदि ने बताया कि चुनावी सीजन का कारोबार तकरीबन 35 से 40 फीसदी प्रभावित हुआ है। लोग प्रचार सामग्री छपवाने में बहुत कम रुचि दिखा रहे हैं।
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बस, मोबाइल में दिख रहा चुनाव
बरहन। मोबाइल पर प्रचार चर्चा का विषय भी है। किसी को पसंद आ रहा है तो कोई इसको गलत भी बता रहा है। अहारन रोड के किनारे स्थित नलकूप के पास बैठे गांव के संजय कुमार सिंह, केपी सिंह, श्यामवीर त्यागी, रामवीर, हरेंद्र सिंह भी इस पर चर्चा कर रहे थे। बोले, सुबह ही प्रत्याशी की राम-राम आ जाती है। जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशियों के पोस्टर, बैनर नदारद हैं। चुनाव केवल मोबाइल में दिख रहा है।
एक प्रत्याशी के तीन-तीन ग्रुप
फतेहाबाद। प्रत्याशियों ने व्हाट्स एप पर अपने ग्रुप बनाकर मतदाताओं को जोड़ लिया है। एक प्रत्याशी के तीन-तीन व्हाट्स एप ग्रुप हैं। जिला पंचायत के प्रत्याशियों ने अपनी वार्ड संख्या के नाम पर ग्रुप बना लिए हैं। इन ग्रुप में प्रत्याशी अपने प्रचार के साथ-साथ दूसरे प्रत्याशियों की जमकर बुराई भी कर रहे हैं। ग्रुप में प्रत्याशी अपने बारे में गाने भी प्रसारित कर रहे हैं, जो स्थानीय गायकों ने गाए हैं।
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बाह में प्रधान पद के एक प्रत्याशी ने बताया कि अब गांव-देहात में हर किसी के पास मोबाइल फोन है। ऐसे में प्रचार का सोशल साइटों से अच्छा दूसरा कोई विकल्प नहीं हो सकता। क्षेत्र पंचायत सदस्य के एक प्रत्याशी बोले इससे पोस्टर-बैनर का खर्च भी बच रहा है।
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हालांकि इस बदली हुई चुनाव प्रचार की शैली से प्रिंटिंग प्रेस संचालकों को झटका लगा है। बाह के पंकज, डोंगर सिंह, मुकेश आदि ने बताया कि चुनावी सीजन का कारोबार तकरीबन 35 से 40 फीसदी प्रभावित हुआ है। लोग प्रचार सामग्री छपवाने में बहुत कम रुचि दिखा रहे हैं।
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बस, मोबाइल में दिख रहा चुनाव
बरहन। मोबाइल पर प्रचार चर्चा का विषय भी है। किसी को पसंद आ रहा है तो कोई इसको गलत भी बता रहा है। अहारन रोड के किनारे स्थित नलकूप के पास बैठे गांव के संजय कुमार सिंह, केपी सिंह, श्यामवीर त्यागी, रामवीर, हरेंद्र सिंह भी इस पर चर्चा कर रहे थे। बोले, सुबह ही प्रत्याशी की राम-राम आ जाती है। जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशियों के पोस्टर, बैनर नदारद हैं। चुनाव केवल मोबाइल में दिख रहा है।
एक प्रत्याशी के तीन-तीन ग्रुप
फतेहाबाद। प्रत्याशियों ने व्हाट्स एप पर अपने ग्रुप बनाकर मतदाताओं को जोड़ लिया है। एक प्रत्याशी के तीन-तीन व्हाट्स एप ग्रुप हैं। जिला पंचायत के प्रत्याशियों ने अपनी वार्ड संख्या के नाम पर ग्रुप बना लिए हैं। इन ग्रुप में प्रत्याशी अपने प्रचार के साथ-साथ दूसरे प्रत्याशियों की जमकर बुराई भी कर रहे हैं। ग्रुप में प्रत्याशी अपने बारे में गाने भी प्रसारित कर रहे हैं, जो स्थानीय गायकों ने गाए हैं।