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UP: पुलिसकर्मी ले रहे थे महीनेदारी...दवा माफिया के बयान में फंसा टास्क फोर्स, डीसीपी सिटी से मांगी गई रिपोर्ट

Sat, 26 Oct 2024 10:13 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sat, 26 Oct 2024 10:13 AM IST
सार

आगरा के दवा माफिया के बयान से टास्ट फोर्स फंस गया है। साफ-साफ कहा गया है कि पुलिसकर्मी महीनेदारी ले रहे थे। इन बयानों के बाद पुलिस कमिश्नर ने डीसीपी सिटी से रिपोर्ट मांगी है। 

 

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Policemen were taking monthly salary Task force trapped in statement of drug mafia report sought from DCP City
agra police - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के सिकंदरा के औद्योगिक क्षेत्र में नकली-नशे की दवाओं की फैक्टरी चार महीने से धड़ल्ले से चल रही थी। दवा माफिया विजय गोयल जेल से रिहा होने के बाद बड़े आराम से अवैध धंधा कर रहा था। गिरफ्तारी के बाद माफिया ने कई राज उगल दिए। इससे एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स कठघरे में आ गई। महीनेदारी पर फैक्टरी चलने की बात सामने आने पर पुलिस आयुक्त ने डीसीपी सिटी को जांच दी है।
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मंगलवार को नकली-नशे की दवाओं की फैक्टरी पकड़ी गई थी। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने छापा मारा था। माफिया विजय गोयल सहित 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर 8 करोड़ का कच्चा माल, मशीनरी बरामद की थी। पहले वो जुलाई 2023 में पकड़ा गया था। सिकंदरा और बिचपुरी में फैक्टरी मिली थीं। फरवरी में जमानत पर बाहर आया। हवाला से रकम लेकर फैक्टरी चला रहा था।
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पुलिस अधिकारियों को दीं कई अहम जानकारियां
विजय गोयल ने एसीपी हरीपर्वत आदित्य सिंह और डीसीपी सिटी सूरज राय को कई जानकारियां दीं। दवा फैक्टरी में कितने लोग शामिल हैं। फैक्टरी में उसकी काैन मदद कर रहा था। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने यह भी बताया कि खाकी वालों का भी हाथ सिर पर था। इसके लिए महीनेदारी देनी पड़ रही थी। इसमें एएनटीएफ के कुछ लोग थे। एक सिपाही की मदद से वह उन तक पहुंचा था। अब हिमाचल प्रदेश में एक परिचित की मदद से फैक्टरी खोलने वाला था। यहां फैक्टरी बंद करने वाला था। इस बात की भनक महीनेदारी लेने वालों को हुई। उन्होंने छापा मारकर अपना गुडवर्क दिखा दिया।

 

मुख्यालय भेजेंगे रिपोर्ट
जिस समय पूछताछ हुई, उस समय थाने में और भी पुलिसकर्मी माैजूद थे। इससे विभाग में चर्चाएं शुरू हो गईं। महीनेदारी लेने के आरोप का मामला पुलिस आयुक्त तक पहुंच गया। उन्होंने जांच के आदेश किए हैं। मामले की रिपोर्ट एएनटीएफ के मुख्यालय को दी जाएगी।

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पुष्टि पर होगी कार्रवाई
पुलिस आयुक्त जे. रविन्दर गाैड ने बताया कि दवा माफिया ने बयान में एएनटीएफ के कुछ कर्मियों पर आरोप लगाए हैं। डीसीपी सिटी से जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। रिपोर्ट वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भेजी जाएगी। अगर, आरोप की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई भी कराई जाएगी।

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लखनऊ तक पहुंचा मामला
दवा माफिया के पूछताछ में हुए खुलासे के बाद विभाग में चर्चाएं शुरू हो गई हैं। मामला लखनऊ तक पहुंच गया है। अधिकारियों के पास फोन भी आने लगे हैं। पूर्व में विजय गोयल की दो फैक्टरी संचालित होते मिली थीं। आरोपियों को जेल भेजा गया था। तब पुलिस पर जांच थी। दोबारा विजय गोयल पकड़ा गया तो जांच एएनटीएफ ने ले ली थी।
 
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