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नशे का कारोबार: 'आगरा गैंग' के तस्करों की संपत्ति जब्त करेगी पुलिस, हिस्ट्रीशीट भी खुलेगी
Tue, 22 Dec 2020 12:13 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 22 Dec 2020 12:13 PM IST
सार
- आगरा में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की कार्रवाई से नशे की दवाइयों के पूरे रैकेट और नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। ये दवाइयां आगरा में जमा की जाती हैं। यहां सस्ती ड्रग्स को महंगी दवा के खाली कैप्सूल में डालकर नई पैकिंग कर नौ राज्यों में सप्लाई की जाती है। इस रैकेट में 100 से ज्यादा लोग शामिल हैं। तस्करों ने पांच वर्षों में करोड़ों रुपये की कमाई की है।
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तस्करों के गोदाम से बरामद हुईं नशीली दवाइयां
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में नशे की दवाइयों और अवैध गर्भपात किटों के तस्करों ने पिछले पांच वर्षों में ही करोड़ों की कमाई की है। पुलिस को इस काली कमाई की जानकारी मिली है। एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि तस्करों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया जाएगा। इसके तहत तस्करी से अर्जित की गई संपत्ति को जब्त किया जाएगा।
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एसएसपी ने बताया कि तस्करों पर दर्ज मुकदमों के बारे में पंजाब, हरियाणा और राजस्थान पुलिस से जानकारी मांगी है। सभी की हिस्ट्रीशीट खोली जाएगी। इन्हें दवा माफिया घोषित किया जाएगा। पंकज गुप्ता से पूर्व में और भी कई तस्करों का नाम सामने आ चुका है। उनकी भी सूची तैयार की जा रही है।
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आगरा गैंग की कुंडली नौ राज्यों की पुलिस को भेजी जाएगी
ड्रग विभाग की मदद से पुलिस अब आगरा गैंग की कुंडली तैयार कर रही है। इसे उन नौ राज्यों की पुलिस को भेजा जाएगा जिनमें दवाइयों की तस्करी का जा रही है। आगरा गैंग में विक्की अरोड़ा, कपिल अरोड़ा, प्रमोद जयपुरिया, गौरव शामिल हैं। पंकज गुप्ता पहले इनके साथ था। बाद में उसने अपना गिरोह बना लिया। अनिल सिंधी पंकज का साथी है।
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जाल बिछा देख भाग गया था पंकज गुप्ता
पंकज गुप्ता पकड़ा जा सकता था लेकिन उसे पता चल गया कि उसके गोदाम में छापा पड़ा है। उसके बेटे अमन गुप्ता ने बताया कि एनसीबी के अधिकारी पहले बल्केश्वर स्थित गोदाम पर पहुंचे थे। यहां से घर आए। गोदाम से घर आने के बीच पापा भाग गए। वह दो बैग में कीमती सामान ले गए। मां और बहनें भी उनके साथ गईं।
पंकज के गिरोह में एक महिला भी
तस्करों से पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि पंकज के गिरोह में एक महिला भी है। उसका पंकज के घर काफी आना-जाना है। पंकज के बेटे ने भी इस बारे में कुबूल किया है। हालांकि वह महिला का नाम नहीं बता पाया।
संबंधित खबर- NCB की जांच में खुलासा: नौ राज्यों में फैला है नशे का कारोबार, विदेशों से भी जुड़े 'आगरा गैंग' के तार
पंकज गुप्ता पकड़ा जा सकता था लेकिन उसे पता चल गया कि उसके गोदाम में छापा पड़ा है। उसके बेटे अमन गुप्ता ने बताया कि एनसीबी के अधिकारी पहले बल्केश्वर स्थित गोदाम पर पहुंचे थे। यहां से घर आए। गोदाम से घर आने के बीच पापा भाग गए। वह दो बैग में कीमती सामान ले गए। मां और बहनें भी उनके साथ गईं।
पंकज के गिरोह में एक महिला भी
तस्करों से पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि पंकज के गिरोह में एक महिला भी है। उसका पंकज के घर काफी आना-जाना है। पंकज के बेटे ने भी इस बारे में कुबूल किया है। हालांकि वह महिला का नाम नहीं बता पाया।
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काले कारोबार के बड़े खिलाड़ी
1. पंकज गुप्ता उर्फ चंद्रकांत गुप्ता : अंतरराज्जीय तस्कर है, अपना गिरोह चलाता है, घर पर नशे की दवाएं तैयार कराता था। (फरार)
2. अमन गुप्ता : पंकज का बेटा है, दवाओं की तस्करी का काम संभालता था (गिरफ्तार)
3. सूर्यकांत गुप्ता : दवाइयों का बड़ा तस्कर है, दिखावे के लिए फव्वारा में रोहिनी मेडिकल स्टोर चलाता है, पंकज का भाई है (गिरफ्तार)
4. रिचा गुप्ता : पंकज की पत्नी है, केमिकल से नशे की दवाइयां तैयार करती है। (फरार)
5. अकांक्षा, श्रुति : पंकज की बेटियां हैं, मां के साथ मिलकर नशे की गोलियां तैयार करती हैं। (फरार)
6. सरदार हरप्रीत सिंह : लाल बंगला, कानपुर का निवासी है, तस्कर है, पंकज के पास दवाइयों और सॉल्ट की खेप भेजता है, जिससे पंकज नई दवाइयां तैयार कराता है।
7. संजीव कुमार गुप्ता : सपना मेडिकल स्टोर का संचालक है, तस्कर पंकज से दवाइयां खरीदकर बेचता है।
8. नरेंद्र कुमार उर्फ नंदू : सुभाष नगर का है, तस्करों से लेकर दवाओं की सप्लाई करता है।
9. अनिल द्वारिका : काला महल निवासी है, तस्कर पंकज गुप्ता से दवाइयां खरीदता है।
10, अनिल और धीरज : लाल बंगला, कानपुर के हैं, पंकज को दवाइयों बेचते और उससे खरीदते हैं।
11. अमित मित्तल : फव्वारा स्थित श्रीजी मेडिकल स्टोर का संचालक है, पंकज से दवाएं खरीदता है।
1. पंकज गुप्ता उर्फ चंद्रकांत गुप्ता : अंतरराज्जीय तस्कर है, अपना गिरोह चलाता है, घर पर नशे की दवाएं तैयार कराता था। (फरार)
2. अमन गुप्ता : पंकज का बेटा है, दवाओं की तस्करी का काम संभालता था (गिरफ्तार)
3. सूर्यकांत गुप्ता : दवाइयों का बड़ा तस्कर है, दिखावे के लिए फव्वारा में रोहिनी मेडिकल स्टोर चलाता है, पंकज का भाई है (गिरफ्तार)
4. रिचा गुप्ता : पंकज की पत्नी है, केमिकल से नशे की दवाइयां तैयार करती है। (फरार)
5. अकांक्षा, श्रुति : पंकज की बेटियां हैं, मां के साथ मिलकर नशे की गोलियां तैयार करती हैं। (फरार)
6. सरदार हरप्रीत सिंह : लाल बंगला, कानपुर का निवासी है, तस्कर है, पंकज के पास दवाइयों और सॉल्ट की खेप भेजता है, जिससे पंकज नई दवाइयां तैयार कराता है।
7. संजीव कुमार गुप्ता : सपना मेडिकल स्टोर का संचालक है, तस्कर पंकज से दवाइयां खरीदकर बेचता है।
8. नरेंद्र कुमार उर्फ नंदू : सुभाष नगर का है, तस्करों से लेकर दवाओं की सप्लाई करता है।
9. अनिल द्वारिका : काला महल निवासी है, तस्कर पंकज गुप्ता से दवाइयां खरीदता है।
10, अनिल और धीरज : लाल बंगला, कानपुर के हैं, पंकज को दवाइयों बेचते और उससे खरीदते हैं।
11. अमित मित्तल : फव्वारा स्थित श्रीजी मेडिकल स्टोर का संचालक है, पंकज से दवाएं खरीदता है।