कंट्रोल रूम में दिख सकेगी पुलिस के वाहनों की लोकेशन, 'यूपी 112' के नेटवर्क में भी होगा सुधार
- पुलिस कंट्रोल रूम को हाईटेक बनाने की कवायद की जा रही है। इससे कंट्रोल रूम में ही पुलिस के वाहनों की लोकेशन देखी जा सकेगी।
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विस्तार
यूपी 112 के एडीजी असीम अरुण शनिवार को आगरा आए। उन्होंने पुलिस लाइन में कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। इसके बाद कहा कि जिला कंट्रोल रूम को हाईटेक बनाने की कवायद चल रही है। इनमें पुलिस रेस्पांस व्हीकल से लेकर चीता मोबाइल की लोकेशन के लिए बड़ी स्क्रीन पर प्रशिक्षित स्टाफ देख सकेगा। इसके साथ ही रेस्पांस टाइम भी कम किया जा रहा है, जिससे लोगों को जल्द से जल्द सेवा का लाभ मिल सके।
एडीजी ने बताया कि यूपी 112 के टेंडर को सवा चार साल हो चुके हैं। यह पांच साल का था। इस टेंडर के पूरे होने पर नई चीजों का समावेश किया जाएगा। एडीजी ने कहा कि पीआरवी का रेस्पांस टाइम शुरूआत में शहर का 20 मिनट और देहात का 30 मिनट का था।
मगर, अब यह घटकर दस और 15 मिनट का रह गया है। पीआरवी अपने प्वाइंट पर रहती है। मगर, गश्त नहीं होती है। पीआरवी की चाल काफी सुस्त है। इसे दूर किया जाएगा। हालांकि उन्होंने पीआरवी की आगरा में स्थिति को काफी बेहतर बताया।
सम्मानित किए पुलिसकर्मी
नेटवर्क में होगा सुधार
किसी घटना पर लोग सबसे पहले पुलिस कंट्रोल रूम पर कॉल करते हैं। मगर, कई बार लोगों की शिकायत रहती है कि कॉल नहीं लगा। इस समस्या को दूर करने के लिए भी एडीजी असीम अरुण ने प्लान बनाया है।
उन्होंने कहा कि मोबाइल नेटवर्क कंपनियों से बात की जा रही है। अभी तक कॉल विभिन्न कंपनियों की ओर से बीएसएनएल से ट्रांसफर होकर आती है। मगर, अब सीधे कंपनियों से पुलिस के पास आने पर विचार किया जा रहा है। एक कंपनी से वार्ता हो भी चुकी है। इससे कॉल सीधे आ जाएगी।
180 डिग्री कैमरे काम आए
आगरा में 80 पीआरवी और 150 चीता मोबाइल हैं। कई पीआरवी पर 180 डिग्री कैमरे लगाए गए हैं। एडीजी ने बताया कि इन कैमरों से काफी फायदा मिला है। इनसे बवाल के दौरान आरोपियों को पहचानने में मदद मिली है।
यह है तैयारी
- मुख्यालय की तरह जनपद के कंट्रोल रूम को हाईटेक करने पर विचार।
- कंप्यूटरों की संख्या बढ़ाने के साथ ही बड़ी स्क्रीन लगाई जाएंगी।
- जीपीएस से पीआरवी जुड़ी हैं। चीता मोबाइल और पुलिस के वाहन भी जुड़ेंगे।
- इन्हें कंट्रोल रूम में स्क्रीन लगाकर लोकेशन को देखा जा सकेगा।
- कंट्रोल रूम का भवन काफी बड़ा होगा। कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
- नए टेंडर में कई और चीजों को शामिल किया जाएगा, जिससे कंट्रोल रूम हाईटेक बन सके।