ताजमहल को लेकर हाईकोर्ट में याचिका: खुशी में हिंदूवादी संगठन ने बांटे लड्डू, जानें स्मारक में क्यों नहीं मिला प्रवेश
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में ताजमहल के 20 कमरों को खोलने की याचिका दाखिल होने की खुशी में हिंदूवादी संगठन के लोग लड्डू बांटने के लिए ताजमहल के बाहर पहुंच गए। उन्होंने लड्डू लेकर स्मारक में प्रवेश करना चाहा, लेकिन नियमानुसार उन्हें अंदर नहीं जाने दिया।
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ताजमहल के बंद कमरों को खुलवाने के लिए हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में एक याचिका दायर की गई है। इस पर हिंदूवादी संगठनों ने खुशी जाहिर की है। इसकी खुशी में सोमवार को ताजमहल लड्डू बांटने जा रहे अखिल भारत हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बाहर ही रोक दिया। पुलिस ने उनकी तलाशी ली तो उनके पास डिब्बे मिले, जिनमें लड्डू थे। नियमानुसार किसी भी खाद्य पदार्थ के साथ ताजमहल में प्रवेश वर्जित है। इसके चलते हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं को प्रवेश नहीं दिया गया। इस पर कार्यकर्ताओं ने स्मारक के बाहर ही लोगों को लड्डू बांट दिए।
भाजपा नेता ने दायर की याचिका
अयोध्या के भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में दायर एक याचिका में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को ताजमहल के बंद 20 कमरे खोलने का निर्देश देने की गुजारिश की गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वहां हिंदू मूर्तियां और शिलालेख छिपे हैं या नहीं। याची ने बताया कि उन्होंने चार मई को याचिका दायर की है जिस पर 10 मई को सुनवाई होनी है। याची का कहना है कि ताजमहल से जुड़ा एक पुराना विवाद है। ताजमहल में करीब 20 कमरे बंद हैं और किसी को अंदर जाने की इजाजत नहीं है।
याचिका में यह कहा गया है
डॉ. रजनीश सिंह ने कहा कि ऐसा माना जाता है कि इन कमरों में हिंदू देवताओं और शास्त्रों की मूर्तियां हैं। इसलिए मैंने उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर एएसआई को तथ्यों का पता लगाने के लिए इन कमरों को खोलने का निर्देश देने की मांग की है। इन कमरों को खोलने और सभी विवादों को शांत करने में कोई बुराई नहीं है। याचिका में याचिकाकर्ता ने अदालत से राज्य सरकार को एक समिति गठित करने का निर्देश देने की मांग की है, जो इन कमरों की जांच करे और वहां हिंदू मूर्तियों या धर्मग्रंथों से संबंधित किसी भी सबूत की तलाश करे।