{"_id":"613ce91a8ebc3e7cfe0ee232","slug":"police-stopped-construction-work-in-vinodpur-mainpuri-news-agr5071559195","type":"story","status":"publish","title_hn":"विनोदपुर में पुलिस ने रुकवाया निर्माण कार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विनोदपुर में पुलिस ने रुकवाया निर्माण कार्य
विज्ञापन
-भोगांव में सड़क के विवाद में थाने पहुंचे विनोदपुर के ग्रामीण
- फोटो : MAINPURI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। गांव विनोदपुर में चक मार्ग को लेकर दो पक्ष के बीच तनातनी का माहौल है। शनिवार को निर्माण की सूचना पर पहुंची पुलिस ने काम को रुकवा दिया। मामला न्यायालय में विचाराधीन होने की बात कहते हुए हिदायत दी गई। विरोध करने पर एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया।
थाना क्षेत्र के गांव विनोदपुर निवासी घनश्याम शाक्य व राजवीर सिंह के खेत से होकर रास्ता निकालने के लिए ग्रामीणों द्वारा एसडीएम को प्रार्थनापत्र दिया गया था। लेकिन खेत मालिक द्वारा विरोध के चलते डेढ़ माह से काम रुका हुआ था। शनिवार को अवकाश के चलते अराजक तत्वों ने रास्ता डलवाना शुरू कर दिया। विरोध करते हुए घनश्याम व राजवीर ने रास्ता डालने से मना किया। इसकी सूचना जब पुलिस को मिली तो मौके पर आकर पुलिस ने घनश्याम व दो महिलाओं को हिरासत में ले लिया। वहीं पुलिस ने चल रहे निर्माण कार्य को मामला न्यायालय में विचाराधीन होने की बात कह कर रुकवा दिया।
जानकारी होने के बाद थाने पहुंचे कुछ लोगों ने चकरोड डाले जाने का विरोध करते हुए थाने में प्रदर्शन किया। पुलिस ने सख्ती करते हुए उक्त लोगों को थाने के बाहर कर दिया। पुलिस ने दोनों महिलाओं को हिदायत देकर छोड़ दिया। वहीं घनश्याम के खिलाफ शांतिभंग की धाराओं में कार्रवाई की है। उक्त मामले को लेकर पूर्व मंत्री आलोक शाक्य ने बताया कि पीड़ित धनश्याम शाक्य के खेत से रास्ता निकलवाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। वह बड़े अधिकारियों को मामले से अवगत कराएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
थाना क्षेत्र के गांव विनोदपुर निवासी घनश्याम शाक्य व राजवीर सिंह के खेत से होकर रास्ता निकालने के लिए ग्रामीणों द्वारा एसडीएम को प्रार्थनापत्र दिया गया था। लेकिन खेत मालिक द्वारा विरोध के चलते डेढ़ माह से काम रुका हुआ था। शनिवार को अवकाश के चलते अराजक तत्वों ने रास्ता डलवाना शुरू कर दिया। विरोध करते हुए घनश्याम व राजवीर ने रास्ता डालने से मना किया। इसकी सूचना जब पुलिस को मिली तो मौके पर आकर पुलिस ने घनश्याम व दो महिलाओं को हिरासत में ले लिया। वहीं पुलिस ने चल रहे निर्माण कार्य को मामला न्यायालय में विचाराधीन होने की बात कह कर रुकवा दिया।
विज्ञापन
जानकारी होने के बाद थाने पहुंचे कुछ लोगों ने चकरोड डाले जाने का विरोध करते हुए थाने में प्रदर्शन किया। पुलिस ने सख्ती करते हुए उक्त लोगों को थाने के बाहर कर दिया। पुलिस ने दोनों महिलाओं को हिदायत देकर छोड़ दिया। वहीं घनश्याम के खिलाफ शांतिभंग की धाराओं में कार्रवाई की है। उक्त मामले को लेकर पूर्व मंत्री आलोक शाक्य ने बताया कि पीड़ित धनश्याम शाक्य के खेत से रास्ता निकलवाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। वह बड़े अधिकारियों को मामले से अवगत कराएंगे।
विज्ञापन