आगरा: 11वीं बार जेल गया 'चीता', 18 साल की उम्र से कर रहा वारदात, अब तक 21 मुकदमे
पुलिस की पकड़ में आया राकेश उर्फ चीता वर्ष 1998 से वारदात कर रहा है। तब उसकी उम्र 18 साल थी। उसके खिलाफ अब तक 21 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
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आगरा में बंद घरों की रेकी के बाद चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले राकेश उर्फ चीता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने 18 साल की उम्र से ही चोरी की वारदात करना शुरू कर दिया। उसके खिलाफ एक-एक करके 21 मामले दर्ज हो गए। उसे अब 11वीं बार जेल भेजा गया है। जमानत पर बाहर आते ही चोरी करता है। उसके तीन साथी भी पकड़े गए।
एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि सोंठ की मंडी निवासी दुर्गपाल सिंह ने छह जुलाई को थाना हरीपर्वत में तहरीर दी थी। उन्होंने कहा कि वह तीन जुलाई को परिवार के साथ गांव गए थे। इसका फायदा उठाकर चोर सोने-चांदी के जेवरात और मंदिर से गणेश जी की मूर्ति ले गए थे। इस घटना के खुलासे के लिए एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
आईएसबीटी से पकड़े गए चोर
बुधवार को पुलिस ने आईएसबीटी से चार चोरों को पकड़ लिया। इनमें राज नगर निवासी अमित, गोकुलपुरा निवासी राहुल, किशोरपुरा निवासी राकेश उर्फ चीता और मैनपुरी के गांव दौलतपुर निवासी गौरव हैं। आरोपियों ने बताया कि वह अपने शौक पूरे करने के लिए चोरी करते हैं। 35 दिन पहले सिकंदरा में मकान में चोरी की थी। इसके बाद सौंठ की मंडी में चोरी की।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 3.5 लाख रुपये के चांदी के आभूषण और 38 हजार रुपये बरामद किए गए। वह दिन में रेकी करते हैं। जो मकान बंद होता है, उस पर निशान लगा देते हैं। इसके बाद रात में फिर आते हैं। मकान बंद मिलने पर चोरी करते हैं।
थाना जगदीशपुरा में ही 20 मामले दर्ज
पुलिस की पकड़ में आया राकेश उर्फ चीता वर्ष 1998 से वारदात कर रहा है। तब उसकी उम्र 18 साल थी। वह नशा करता था। यह शौक पूरा करने के लिए वारदात करने लगा। उसके खिलाफ अकेले थाना जगदीशपुरा में ही 20 मुकदमे दर्ज हैं। एक मुकदमा सिकंदरा थाना में है। गैंगस्टर का भी मुकदमा है। दस बार जेल जा चुका है। जमानत पर बाहर आते ही वारदात करता है। उसकी 40 साल की उम्र है। चोरी में सजा भी हो चुकी है।